4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला: देशद्रोह का मुकदमा चलाने की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला: देशद्रोह का मुकदमा चलाने की माँग

सारांश

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की माँग कर दी — एसआईआर मुद्दे पर 600 घंटे बाद भी सबूत न देने, कथित स्टिंग ऑपरेशन और संसद में बहस से 'भागने' का हवाला देते हुए। BJP-कांग्रेस की यह तकरार अब सीधे कानूनी दायरे तक पहुँच रही है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 4 नवंबर 2026 को राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की माँग की।
एक निजी टीवी चैनल के कथित स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर गृहयुद्ध भड़काने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी को राष्ट्रपति से मिले 600 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई सबूत पेश नहीं किए जाने का दावा किया गया।
गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से कहा — राहुल गांधी तारीख तय करें, विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
असम के बहुविवाह पर सरकारी कर्मचारी बर्खास्ती के फैसले का समर्थन करते हुए हर राज्य में लागू करने की वकालत की।
कृषि भवन परिसर की मजार को कथित तौर पर अनियमित रूप से बनाया गया बताया।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की माँग की। एक निजी टीवी चैनल के कथित स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में गृहयुद्ध भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।

देशद्रोह और भ्रम फैलाने का आरोप

गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे पहले नेता विपक्ष हैं जो केवल 'झूठ और भ्रम' फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के मुद्दे पर राहुल गांधी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से हाल की मुलाकात का उल्लेख किया। गिरिराज सिंह के अनुसार, राहुल गांधी को राष्ट्रपति से मिले और एसआईआर तथा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सबूत होने का दावा किए 600 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन वे न सर्वोच्च न्यायालय के सामने और न ही चुनाव आयोग के सामने कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत कर पाए हैं।

उन्होंने आगे कहा, 'एसआईआर के मुद्दे पर भ्रम फैलाने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए।'

संसद में बहस की चुनौती पर पलटवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी की ओर से दी गई बहस की चुनौती पर गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि उन्हें वाकई एसआईआर पर चर्चा करनी है, तो संसद का मंच उपलब्ध है। उन्होंने कहा, 'संसद बहस के लिए ही बनी है — वहाँ से भागते क्यों हैं?' उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें राहुल गांधी से कहा गया था कि वे खुद तारीख तय करें और एक विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।

गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि राहुल गांधी दूसरों को जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं जबकि वे स्वयं जमानत पर हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी भारतीय नागरिकता लिए बिना 12 वर्षों तक विदेशी नागरिक के रूप में देश में रहीं।

असम के बहुविवाह फैसले पर समर्थन

असम मंत्रिमंडल के उस निर्णय का जिक्र करते हुए, जिसके तहत बहुविवाह में लिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा, गिरिराज सिंह ने कहा कि अब हर राज्य को इसी राह पर चलना चाहिए। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ कथित तौर पर धार्मिक विस्तारवाद की प्रवृत्तियाँ देखी जा रही हैं।

कृषि भवन मजार विवाद पर बयान

कृषि भवन परिसर में एक मजार को लेकर चल रहे विवाद पर और असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर गिरिराज सिंह ने कहा कि यह मजार कथित तौर पर कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में अनियमित तरीके से बनाई गई थी और वहाँ कोई शव भी दफन नहीं किया गया है। उन्होंने ओवैसी पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे देश को विभाजित करना चाहते हैं।

आगे क्या होगा

गिरिराज सिंह के इन बयानों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर संसदीय राजनीति में पहले से ही गहरा ध्रुवीकरण देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इन आरोपों का जवाब आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह विपक्ष के लिए जवाब देना ज़रूरी बनाता है। मुख्यधारा की कवरेज बयानबाज़ी पर टिकी है; असली खबर यह है कि एसआईआर के खिलाफ राहुल गांधी के पास कितना ठोस साक्ष्य-आधार है — और वह अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की माँग क्यों की?
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सबूत होने का दावा करते हुए राष्ट्रपति से मुलाकात की, लेकिन 600 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने एक निजी टीवी चैनल के कथित स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए राहुल पर भ्रम फैलाने और गृहयुद्ध भड़काने की कोशिश का आरोप लगाया।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) विवाद क्या है?
एसआईआर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिस पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की थी। गिरिराज सिंह का कहना है कि राहुल गांधी ने इस मामले में गलत जानकारी फैलाई और कोई ठोस सबूत नहीं दिया।
संसद में बहस की चुनौती पर सरकार का रुख क्या है?
गिरिराज सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से कहा कि राहुल गांधी खुद तारीख तय करें और सरकार विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संसद ही बहस का उचित मंच है और वहाँ से भागना उचित नहीं।
असम के बहुविवाह फैसले पर गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
गिरिराज सिंह ने असम मंत्रिमंडल के उस फैसले का समर्थन किया जिसमें बहुविवाह में लिप्त सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि यह नीति अब देश के हर राज्य में लागू होनी चाहिए।
कृषि भवन मजार विवाद में गिरिराज सिंह का क्या पक्ष है?
गिरिराज सिंह ने कहा कि कृषि भवन परिसर में स्थित मजार कथित तौर पर कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में अनियमित रूप से बनाई गई थी और वहाँ कोई शव दफन नहीं है। उन्होंने ओवैसी की इस मामले में प्रतिक्रिया को देश को विभाजित करने की कोशिश बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले