गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर हमला: 'उद्दंड लड़के की तरह करते हैं काम', संसद में गतिरोध जारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 13 अगस्त 2026 को संसद के मानसून सत्र के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए उनकी तुलना एक 'उद्दंड लड़के' से की। यह बयान ऐसे समय आया है जब सदन में नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध लगातार बना हुआ है।
गिरिराज का सीधा हमला
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा, 'राहुल गांधी उस व्यक्ति का नाम है जो गांव के किसी शरारती बच्चे की तरह व्यवहार करते हैं। उनके चेहरे देखिए, उनके भाव देखिए, उनके बात करने का तरीका देखिए। हमारे एक सांसद ने ठीक ही कहा है कि वह एक उद्दंड लड़के की तरह काम करते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि संसदीय प्रणाली की अपनी मर्यादा होती है और राहुल गांधी उसका पालन नहीं करते।
अमित शाह से तुलना पर तंज
गिरिराज सिंह ने कहा, 'वह विपक्ष के नेता हैं और कहते हैं — मैं चुनौती देता हूं। आप कैसी चुनौती दे रहे हैं? क्या आप अमित शाह से अपनी तुलना करेंगे? उन्होंने काम करके दिखाया है कि कैसे अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया गया और सीएए को लागू किया गया।' उन्होंने राहुल गांधी पर 'अर्बन नक्सल' की भूमिका निभाने और 'हिट-एंड-रन' जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया।
नीट और राज्यों के मुद्दे पर चुनौती
गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी में नीट पर चर्चा करने की हिम्मत नहीं है, क्योंकि यदि चर्चा होगी तो पंजाब, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और झारखंड जैसे कांग्रेस-शासित राज्यों पर भी सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा, 'अमित शाह ने उनकी असलियत उजागर कर दी है। कांग्रेस को खुद पर शर्म आनी चाहिए।'
खड़गे पर भी निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने वरिष्ठ नेता होने के बावजूद खड़गे राहुल गांधी की 'चाटुकारिता' में लगे रहते हैं। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि यह रवैया न केवल कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि संसदीय प्रणाली को भी कमज़ोर करेगा।
संसद में गतिरोध की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में सीधे जवाब मांग रहा है। सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष अपनी राज्य सरकारों की विफलताओं को छिपाने के लिए सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा। यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।