गिरिराज सिंह का विपक्ष पर हमला: 'राहुल गांधी और सहयोगियों ने संसद को हाईजैक किया'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 28 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर लोकसभा में जारी हंगामे को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समूचे विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने पेपर लीक मुद्दे की आड़ में संसद की कार्यवाही को 'हाईजैक' कर लिया है, जबकि सरकार छात्रों के हित में पहले ही ठोस कदम उठा चुकी है।
मुख्य आरोप और बयान
गिरिराज सिंह ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'चाहे राहुल गांधी हों, अखिलेश यादव हों या विपक्षी दल — उन्होंने संसद को हाईजैक कर लिया है। क्या उन्हें छात्रों के प्रति कोई सहानुभूति है?' उन्होंने यह भी कहा कि 3 मई को पेपर लीक का मुद्दा उठते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल कार्रवाई की और किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद नहीं होने दिया।
मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों से किया गया वादा पूरा किया और एक नया कानून लाकर उसे फास्ट ट्रैक पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री छात्रों की परीक्षा संबंधी चिंताओं पर विचार-विमर्श कर रहे थे, तब राहुल गांधी विदेश दौरे पर थे।
बिहार सरकार के फैसले पर सफाई
पेपर लीक विरोधी आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने के बिहार सरकार के फैसले पर गिरिराज सिंह ने कहा कि यह कदम अपेक्षित था। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विस्तृत जाँच अभी भी जरूरी है, क्योंकि प्रदर्शनों में कई ऐसे लोग घुस आए थे जो छात्र नहीं थे।
उन्होंने दावा किया कि एक पुलिस स्टेशन पर बम से हमला भी हुआ था और असामाजिक तत्वों ने छात्रों की बदनामी कराई। उनके अनुसार, 'अब कई तथ्य सामने आ रहे हैं और बिहार सरकार ने वही किया जिसकी माँग की जा रही थी।'
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
गिरिराज सिंह ने तर्क दिया कि छात्रों ने विपक्षी दलों को अपना प्रतिनिधि नहीं बनाया, इसलिए उनका लोकसभा में हंगामा करना अनुचित है। यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक विवाद और NEET परीक्षा प्रकरण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।
आगे क्या
सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोधी नया कानून फास्ट ट्रैक पर लागू किया जाएगा। वहीं, विपक्ष के संसद में हंगामे के बीच यह देखना होगा कि मानसून सत्र में कितने विधायी कार्य आगे बढ़ पाते हैं।