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पेपर लीक बिल और प्रह्लाद जोशी विवाद: सरावगी, श्रवण कुमार व रजीव रंजन ने विपक्ष पर साधा निशाना

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पेपर लीक बिल और प्रह्लाद जोशी विवाद: सरावगी, श्रवण कुमार व रजीव रंजन ने विपक्ष पर साधा निशाना

सारांश

संसद में पेपर लीक विरोधी बिल पर हुई बहस और प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस सांसदों की टिप्पणियों के बाद एनडीए की बिहार इकाई आक्रामक हुई। सरावगी, श्रवण कुमार और रजीव रंजन ने एक सुर में विपक्ष को संसदीय मर्यादा का उल्लंघनकर्ता बताया और कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

जेडीयू प्रवक्ता रजीव रंजन ने प्रियंका गांधी की प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी को 'चरित्र हनन की कोशिश' बताया और इसे संसदीय मर्यादा के खिलाफ करार दिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि 2024 से पहले पेपर लीक के विरुद्ध कोई विशेष कानून नहीं था और कांग्रेस ने दशकों में इस दिशा में कुछ नहीं किया।
मंत्री श्रवण कुमार ने कांग्रेस को देश की बदहाली का जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार अपनी नीतियों पर केंद्रित है।
तेजस्वी यादव के नीतीश कुमार पर दबाव के आरोप को श्रवण कुमार ने खारिज किया, कहा — नीतीश ने खुद चुनावी स्थिति की समीक्षा की और वीडियो संदेश जारी किया।

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस सांसदों की टिप्पणियों को लेकर हुए हंगामे के बाद, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता रजीव रंजन ने 29 जुलाई को विपक्ष पर तीखा हमला बोला। तीनों नेताओं ने कांग्रेस के व्यवहार को संसदीय मर्यादा के विरुद्ध बताया।

रजीव रंजन का विपक्ष पर आरोप

जेडीयू प्रवक्ता रजीव रंजन ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की प्रह्लाद जोशी पर की गई टिप्पणी को 'चरित्र हनन की कोशिश' करार दिया। उन्होंने कहा, "सदन में एक महत्वपूर्ण बिल पेश किया गया है। कांग्रेस नेताओं को ऐसे बयानों से बचना चाहिए। वे संसदीय परंपराओं और मूल्यों का उल्लंघन कर रहे हैं। यह व्यवहार संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। असल में, प्रियंका गांधी ने यह बयान दिया और राहुल गांधी ने इसका समर्थन किया।"

संजय सरावगी की राहुल गांधी पर तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या कोई राहुल गांधी को गंभीरता से लेता है? कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। कोई नहीं जानता कि वे कब विदेश चले जाएंगे या कब गायब हो जाएंगे। देश की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। अगर उनके पास कोई काम का सुझाव है, तो उन्हें उसे सदन में रखना चाहिए।"

सरावगी ने पेपर लीक विरोधी विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से गंभीर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 से पहले पेपर लीक के विरुद्ध कोई विशेष कानून नहीं था और कांग्रेस ने दशकों के शासन में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

मंत्री श्रवण कुमार की कांग्रेस पर टिप्पणी

बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विपक्ष अलग-अलग मुद्दे उठाता रहता है, लेकिन सरकार अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार काम करती है। उन्होंने कहा, "अगर कांग्रेस पार्टी के लोग चीजों को ठीक से चलाने में काबिल होते, तो आज भी देश में कांग्रेस की ही सरकार होती। कांग्रेस ने लंबे समय तक देश पर शासन किया है और देश को जिस हालत में छोड़ा गया, उसके लिए पूरी तरह से वे ही जिम्मेदार हैं।"

नीतीश कुमार पर तेजस्वी के आरोप और श्रवण कुमार का जवाब

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वे स्वयं कल नीतीश कुमार से मिलने गए थे और मुख्यमंत्री ने खुद चुनावों से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट किया, "नीतीश कुमार को कोई कुछ करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। उन्होंने इसे लेकर एक वीडियो संदेश भी जारी किया है।"

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर बहस तेज हो रही है और एनडीए व विपक्ष के बीच टकराव का माहौल बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस की टिप्पणी ने पलड़ा पलटने का मौका दे दिया। तेजस्वी यादव के नीतीश कुमार पर आरोप बिहार की आंतरिक राजनीति की परतें खोलते हैं — जहाँ जेडीयू और भाजपा दोनों के लिए नीतीश की छवि की रक्षा करना चुनावी दृष्टि से अनिवार्य है। असली सवाल यह है कि पेपर लीक विधेयक की विषयवस्तु पर बहस व्यक्तिगत टिप्पणियों के शोर में कहीं दब न जाए।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेपर लीक विरोधी विधेयक पर संसद में हंगामा क्यों हुआ?
संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणियाँ कीं, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। एनडीए नेताओं ने इसे संसदीय मर्यादा का उल्लंघन बताया।
रजीव रंजन ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर क्या कहा?
जेडीयू प्रवक्ता रजीव रंजन ने प्रियंका गांधी की प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी को 'चरित्र हनन की कोशिश' बताया। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार संसदीय परंपराओं और मूल्यों का उल्लंघन है और राहुल गांधी ने इस बयान का समर्थन किया।
संजय सरावगी ने पेपर लीक बिल के बारे में क्या कहा?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि 2024 से पहले पेपर लीक के विरुद्ध कोई विशेष कानून नहीं था और कांग्रेस ने दशकों के शासन में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से गंभीर हैं।
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर क्या आरोप लगाया और सरकार ने क्या जवाब दिया?
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मंत्री श्रवण कुमार ने इसे खारिज करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने खुद चुनावी स्थिति की समीक्षा की और एक वीडियो संदेश भी जारी किया।
इस विवाद का बिहार की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब बिहार में चुनावी माहौल बनने लगा है और एनडीए व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है। नीतीश कुमार की भूमिका और जेडीयू-भाजपा गठबंधन की एकजुटता को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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