29 जुलाई 2026
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प्रह्लाद जोशी पर प्रियंका गांधी के आरोपों पर NDA सांसदों का पलटवार, कांग्रेस पर संसदीय मर्यादा तोड़ने का इल्ज़ाम

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प्रह्लाद जोशी पर प्रियंका गांधी के आरोपों पर NDA सांसदों का पलटवार, कांग्रेस पर संसदीय मर्यादा तोड़ने का इल्ज़ाम

सारांश

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर लगाए गए आरोपों के बाद NDA सांसदों ने एकजुट होकर पलटवार किया। BJP और TDP सांसदों ने इसे छवि खराब करने की राजनीतिक साजिश करार दिया और पेपर लीक पर सर्वदलीय जवाबदेही की माँग की।

मुख्य बातें

NDA सांसदों ने 29 जुलाई को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
BJP सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि पेपर लीक किसी एक दल की समस्या नहीं, सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी।
राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौर ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी को अनुचित और निराशाजनक बताया।
TDP सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने इसे शिक्षा मंत्री की छवि खराब करने का राजनीतिक प्रयास करार दिया।
PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार पेपर लीक रोकने के लिए कानून लाए जाने का BJP सांसदों ने उल्लेख किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने 29 जुलाई को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें राजनीतिक साजिश करार दिया। सत्ता पक्ष के सांसदों ने आरोपों को निराधार बताया और कांग्रेस पर संसद की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप मढ़ा।

भाजपा सांसद सुष्मिता देव की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद सुष्मिता देव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही का स्पष्ट नियम है — सदस्यों को राजनीतिक भाषण कम और विधेयकों पर अधिक चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई सदस्य असत्य या भ्रामक बातें रखता है तो अध्यक्ष निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करते हैं।

देव ने आगे कहा, 'आज सोशल मीडिया के दौर में हर बयान और हर गतिविधि रिकॉर्ड पर रहती है, इसलिए समय आने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।'

पेपर लीक पर सर्वदलीय जवाबदेही की माँग

पेपर लीक के मुद्दे पर सुष्मिता देव ने कहा कि यह किसी एक सरकार या दल तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि देश में इसका इतिहास काफी पुराना रहा है। उनके अनुसार सभी राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और वर्तमान चर्चा का उद्देश्य केवल आरोप लगाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार पेपर लीक रोकने के लिए कानून लाया गया है। देव ने कहा कि देश के छात्र चाहते हैं कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आत्मचिंतन करें तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस बदलाव करें।

राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौर का रुख

राजस्थान BJP अध्यक्ष और सांसद मदन राठौर ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि एक अनुभवी और लंबे समय तक विभिन्न मंत्रालयों में सफलतापूर्वक कार्य कर चुके नेता के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। राठौर ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रियंका गांधी अधिक संतुलित बयान देंगी, लेकिन उनका यह रुख निराशाजनक है।

दर्शन सिंह चौधरी और TDP सांसद की आलोचना

BJP सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद की मर्यादा को तार-तार करने का काम हमेशा कांग्रेस ने किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान की बात तो करती है, लेकिन उसका पालन नहीं करती। उनके अनुसार संसद में जिन विषयों पर निर्णय होना है, उन पर गंभीर और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत आरोपों के माध्यम से माहौल बिगाड़ने की कोशिश।

तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने भी प्रियंका गांधी के आरोपों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की छवि खराब करने का एक राजनीतिक प्रयास है। टेनेटी के अनुसार शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर काम शुरू करते ही मंत्री को निशाना बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इस प्रकार के राजनीतिक हमलों से सरकार की शिक्षा सुधार संबंधी पहल प्रभावित नहीं होगी।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक और शिक्षा सुधार केंद्रीय मुद्दे बने हुए हैं। गौरतलब है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधारों की दिशा में संसदीय बहस को किस हद तक प्रभावी बनाता है, यह आने वाले सत्रों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आरोप-प्रत्यारोप में उलझ जाते हैं, तो असली पीड़ित — लाखों परीक्षार्थी छात्र — हाशिये पर चले जाते हैं। BJP का यह तर्क कि पेपर लीक रोकने के लिए पहली बार कानून बना, आंशिक रूप से सही है; लेकिन कानून बनना और उसका प्रभावी क्रियान्वयन दो अलग बातें हैं। विपक्ष की आलोचना तब अधिक विश्वसनीय होती जब वह ठोस वैकल्पिक प्रस्ताव भी सामने रखती।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर संसद में आरोप लगाए, जिन्हें NDA सांसदों ने निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। स्रोत में आरोपों का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध नहीं है, लेकिन ये पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े संदर्भ में लगाए गए बताए जा रहे हैं।
NDA सांसदों ने प्रियंका गांधी के आरोपों पर क्या कहा?
BJP सांसद सुष्मिता देव, मदन राठौर, दर्शन सिंह चौधरी और TDP सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने आरोपों को निराधार और राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रह्लाद जोशी की छवि खराब करने का प्रयास है और कांग्रेस संसद की मर्यादा का उल्लंघन कर रही है।
पेपर लीक पर BJP का क्या रुख है?
BJP सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि पेपर लीक किसी एक दल या सरकार की समस्या नहीं है और इसका इतिहास पुराना है। उन्होंने बताया कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार पेपर लीक रोकने के लिए कानून लाया गया है और सभी दलों को इस मुद्दे पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
TDP सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने क्या कहा?
TDP सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने प्रियंका गांधी के आरोपों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की छवि खराब करने का राजनीतिक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर काम शुरू करते ही मंत्री को निशाना बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
क्या इस विवाद से शिक्षा सुधारों पर असर पड़ेगा?
NDA सांसदों का कहना है कि राजनीतिक हमलों से सरकार की शिक्षा सुधार संबंधी पहल प्रभावित नहीं होगी। हालाँकि, संसद के मानसून सत्र में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से शिक्षा विधेयकों पर रचनात्मक बहस की गुंजाइश सीमित हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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