29 जुलाई 2026
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पेपर लीक बिल पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला: 'सदन का समय बर्बाद, चर्चा में कोई रुचि नहीं'

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पेपर लीक बिल पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला: 'सदन का समय बर्बाद, चर्चा में कोई रुचि नहीं'

सारांश

पेपर लीक विरोधी विधेयक पर संसद में बहस के बीच भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जो दल जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़ा दिखता था, वही आज उनके भविष्य से जुड़े कानून पर सदन में हंगामा कर रहा है।

मुख्य बातें

भाजपा ने 29 जुलाई को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह पेपर लीक विरोधी विधेयक पर सार्थक चर्चा से बच रही है।
यूपी मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं की माँगों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कानूनी प्रावधान पेश किया।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि कांग्रेस जंतर-मंतर प्रदर्शन की आड़ में छात्रहित के विधेयक पर मौन है।
वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में कांग्रेस ने हर अहम मुद्दे पर संसद बाधित की है।
यह विधेयक पूर्व के पेपर लीक कानून को और कठोर बनाने के उद्देश्य से लाया गया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 29 जुलाई को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर सार्थक बहस करने के बजाय हंगामा और व्यवधान उत्पन्न करने में लगा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने युवाओं की माँगों को गंभीरता से लेते हुए यह कानून पेश किया, लेकिन कांग्रेस इसमें कोई रुचि नहीं दिखा रही।

मंत्री दानिश आजाद अंसारी का बयान

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय विकास, युवाओं की तरक्की और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर निरंतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब देश के युवाओं ने प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग की, तो मोदी सरकार ने तत्काल उनकी आवाज़ सुनी और पेपर लीक रोकने के लिए कानूनी प्रावधान पेश किया। अंसारी के अनुसार, युवा पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता देना इस सरकार की मूल प्रतिबद्धता है।

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि लोकसभा में आए इस विधेयक पर पहले के पेपर लीक कानून को और मज़बूत करने की चर्चा हो रही है, जिसका पूरे देश को इंतज़ार था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके विपक्षी सहयोगी मुद्दे पर बात करने के बजाय असंबद्ध आरोप लगाने और सदन में अशांति फैलाने में व्यस्त हैं। सहरावत ने कहा, 'जो दल जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर चिंतित दिखता था, वही आज उनके भविष्य को सुरक्षित करने वाले विधेयक पर मौन है।'

वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी का आरोप

भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य संसद की कार्यवाही बाधित करना है, न कि जनहित के मुद्दों पर संवाद करना। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में हर महत्वपूर्ण विषय पर कांग्रेस ने चर्चा से बचकर हंगामे का रास्ता चुना है। चतुर्वेदी ने ज़ोर देकर कहा कि संसद और राज्य विधानसभाएँ जनता की अपेक्षाओं का सर्वोच्च मंच हैं, और संविधान निर्माताओं ने इन्हें सार्थक बहस के लिए बनाया था। उनके अनुसार, शिक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है — युवाओं का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए और इसके लिए कानून ज़रूरी है।

पेपर लीक विधेयक की पृष्ठभूमि

यह विधेयक ऐसे समय में लाया गया है जब देशभर में परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्रों में व्यापक असंतोष देखा गया था। जंतर-मंतर सहित कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद केंद्र सरकार ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना। गौरतलब है कि यह विधेयक पहले के पेपर लीक कानून को और अधिक कठोर बनाने की दिशा में एक कदम बताया जा रहा है। विपक्ष की भूमिका और सदन के भीतर की इस नोकझोंक से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में इस विधेयक पर राजनीतिक बहस और तेज़ होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक विधेयक के प्रावधानों पर खुली बहस नहीं होती, तब तक यह कानून केवल राजनीतिक संदेश बनकर रह जाने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेपर लीक विरोधी विधेयक क्या है और यह संसद में क्यों चर्चा में है?
यह विधेयक परीक्षा पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किया गया है, जो पहले के पेपर लीक कानून को और कठोर बनाता है। देशभर में छात्र आंदोलनों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।
भाजपा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पेपर लीक विधेयक पर चर्चा में रुचि नहीं दिखा रही और सदन का समय हंगामे में बर्बाद कर रही है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि कांग्रेस जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर तो सक्रिय थी, लेकिन छात्रहित के विधेयक पर मौन है।
यूपी मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
अंसारी ने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री मोदी युवाओं की तरक्की को प्राथमिकता देते रहे हैं और जब छात्रों ने पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की माँग की, तो सरकार ने तुरंत कानूनी प्रावधान पेश किया।
अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस के संसदीय आचरण पर क्या कहा?
वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में कांग्रेस ने हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के बजाय संसद बाधित करने का रास्ता चुना है। उनके अनुसार, संविधान निर्माताओं ने संसद को जनता की अपेक्षाओं के मंच के रूप में बनाया था।
पेपर लीक विधेयक से छात्रों को क्या फायदा होगा?
भाजपा नेताओं के अनुसार, यह विधेयक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाएगा और युवाओं के भविष्य को दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करेगा। हालाँकि विधेयक के विस्तृत प्रावधानों पर संसद में अभी पूर्ण बहस होनी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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