29 जुलाई 2026
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मॉनसून सत्र: NDA सांसदों का राहुल गांधी पर हमला, बोले — बयानबाजी छोड़ विधेयक के प्रावधानों पर बात करें

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मॉनसून सत्र: NDA सांसदों का राहुल गांधी पर हमला, बोले — बयानबाजी छोड़ विधेयक के प्रावधानों पर बात करें

सारांश

मॉनसून सत्र में BJP सांसदों ने एकजुट होकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा — आरोप है कि वे शिक्षा विधेयक की जगह राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। झारखंड पेपर लीक और परीक्षा मौतों पर CBI जाँच की माँग ने बहस को और तीखा कर दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे संसदीय गरिमा के विरुद्ध भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और विधेयक पर गंभीर चर्चा से बच रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड में कथित पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए विपक्ष पर दोहरे मानदंड का आरोप लगाया।
BJP सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा में हुई मौतों पर CBI जाँच और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता की माँग की।
BJP सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने प्रह्लाद जोशी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया और कांग्रेस पर बहस भटकाने का आरोप लगाया।
BJP सांसद रेखा शर्मा ने प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणियों को निराधार करार दिया और कांग्रेस पर शिक्षा विधेयक का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

संसद के मॉनसून सत्र में 29 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई सांसदों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर आरोप लगाया कि वे छात्रों से जुड़े विधेयक पर सार्थक चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में लगे हैं। दूसरी ओर, विपक्ष ने सरकार पर छात्रों के गंभीर सवालों से मुँह मोड़ने का आरोप लगाया, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

रिजिजू की चेतावनी: संसदीय गरिमा बनाए रखें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विमर्श का स्तर गरिमापूर्ण और मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है।

रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के सदस्यों ने विधेयक के प्रावधानों पर चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक मुद्दे उठाए। उनके अनुसार, यह छात्रों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है और विपक्ष को इस पर गंभीर संवाद करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे अपने भाषण में कम से कम कुछ समय विधेयक के वास्तविक प्रावधानों को समझने में लगाएँ।

झारखंड पेपर लीक पर विपक्ष को घेरा

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने विपक्ष पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने झारखंड में कथित पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि वे राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और जाँच की माँग कब उठाएँगे।

सेठ ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी जैसी परीक्षाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस परीक्षा एजेंसी पर विवाद सामने आए, उस पर पहले भी प्रश्नचिह्न लग चुके थे, फिर भी उसे परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई। सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हजारों पद रिक्त रहने के बावजूद प्रक्रिया में देरी हुई और परिणामों को लेकर विवाद बना रहा।

त्रिपाठी, साहू और पूनिया का कांग्रेस पर वार

BJP सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि संसद में चर्चा का मूल विषय कुछ और था, लेकिन विपक्ष ने बहस को भटका दिया। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर आरोप लगाया कि वे बड़े-बड़े बयान देते हैं, लेकिन छात्रों के वास्तविक संघर्ष को समझने से कोसों दूर हैं। त्रिपाठी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का बचाव करते हुए उन पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया।

BJP सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के समर्थन से चल रही सरकार के कार्यकाल में लगातार परीक्षा पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा के दौरान हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए माँग की कि कथित गड़बड़ियों की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए और मृत छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए।

BJP सांसद सतीश पूनिया ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को राजनीति विरासत में मिली है, जबकि प्रह्लाद जोशी ने मेहनत और संगठनात्मक कार्यों से अपनी पहचान बनाई है।

जायसवाल और रेखा शर्मा की टिप्पणियाँ

BJP सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का सम्मान करना हर जिम्मेदार व्यक्ति का संवैधानिक कर्तव्य है। BJP सांसद रेखा शर्मा ने प्रियंका गांधी की टिप्पणियों को बेबुनियाद बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस शिक्षा से जुड़े विधेयक को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मॉनसून सत्र में परीक्षा सुधार विधेयक पर बहस जारी है और विपक्ष व सत्तापक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर अडिग हैं। गौरतलब है कि छात्र आंदोलनों और पेपर लीक के मुद्दे पिछले कई महीनों से राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में सदन में इस विधेयक पर मतदान की प्रक्रिया और विपक्ष की रणनीति तय करेगी कि यह कानून किस रूप में पारित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्तापक्ष बहस को 'प्रक्रिया बनाम राजनीति' के फ्रेम में ले जाता है। झारखंड पेपर लीक का मुद्दा उठाकर BJP ने विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में धकेलने की कोशिश की, लेकिन यह तर्क तब कमज़ोर पड़ता है जब केंद्र की अपनी परीक्षा एजेंसियाँ भी विवादों से अछूती नहीं रही हैं। असली सवाल यह है कि शिक्षा विधेयक में छात्रों के हितों की रक्षा के लिए कौन-से ठोस प्रावधान हैं — यह बहस दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप में दब गई।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मॉनसून सत्र में BJP और कांग्रेस के बीच विवाद किस विधेयक पर हुआ?
विवाद एक छात्र-संबंधी शिक्षा विधेयक पर हुआ, जिसे सरकार परीक्षा सुधार के लिए लाई है। BJP सांसदों का आरोप है कि कांग्रेस ने विधेयक के प्रावधानों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी की।
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जो संसदीय लोकतंत्र की गरिमा के अनुकूल नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे विधेयक के वास्तविक प्रावधानों पर भी चर्चा करें।
झारखंड पेपर लीक मामले में BJP की क्या माँग है?
BJP सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने माँग की है कि झारखंड में कथित परीक्षा गड़बड़ियों की जाँच CBI से कराई जाए। उन्होंने एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा के दौरान हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी माँग की।
प्रह्लाद जोशी पर लगे आरोपों पर BJP का क्या रुख है?
BJP सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और सतीश पूनिया ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि जोशी के खिलाफ आरोपों का विधेयक से कोई सीधा संबंध नहीं है।
विपक्ष ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
विपक्ष ने सरकार पर छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज करने और ज़रूरी सवालों से बचने का आरोप लगाया। विपक्षी सांसदों का कहना है कि सरकार शिक्षा विधेयक पर सार्थक संवाद से कतरा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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