संसद सत्र पर BJP नेता रोहन गुप्ता का विपक्ष पर हमला: 'राहुल-केजरीवाल झारखंड जाएं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने 13 अगस्त को गांधीनगर में संसद सत्र के समापन पर विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन ने सदन में केवल गतिरोध पैदा किया, जबकि सरकार ने 12 विधेयक सफलतापूर्वक पारित किए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल को झारखंड जाकर वहाँ छात्रों पर हो रहे कथित उत्पीड़न का जायज़ा लेने की चुनौती दी।
संसद सत्र में विपक्ष की भूमिका पर सवाल
गुप्ता ने कहा कि सरकार ने विपक्ष की सभी माँगें स्वीकार कीं और उनके उठाए हर मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति जताई, फिर भी विपक्ष ने 48 घंटे तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। उनके अनुसार, इससे यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष का उद्देश्य संसदीय प्रक्रिया में भागीदारी नहीं, बल्कि गतिरोध बनाए रखना है।
उन्होंने कहा, 'जनता देख रही है कि क्या यह वही विपक्ष है, जिसे संसद के अंदर सरकार से सवाल पूछने का दायित्व दिया गया है।' गुप्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति और उनके मुद्दे देश की जनता स्वीकार नहीं कर रही, इसीलिए वे सदन में व्यवधान का सहारा लेते हैं।
एंटी-पेपर लीक विधेयक और सरकार का पक्ष
BJP नेता ने बताया कि इस सत्र में देश के इतिहास का पहला एंटी-पेपर लीक विधेयक पारित हुआ, जिसे उन्होंने छात्रों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने छात्रों की माँगों को प्राथमिकता दी, जबकि विपक्ष ने इस विधेयक पर भी चर्चा से परहेज़ किया।
गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को पता था कि यदि संसद में चर्चा होती, तो उन्हें झारखंड के मुद्दे पर जवाब देना पड़ता — और इसी से बचने के लिए उन्होंने पूरा गतिरोध खड़ा किया।
झारखंड में छात्र उत्पीड़न का आरोप
गुप्ता ने आरोप लगाया कि झारखंड में, जहाँ विपक्ष की सरकार है, छात्रों पर हमले और उत्पीड़न की कथित घटनाएँ सामने आ रही हैं और उनकी बातें नहीं सुनी जा रहीं। उन्होंने कहा, 'यही विपक्ष की हकीकत है — दिल्ली में छात्रों की बड़ी-बड़ी बातें, और जहाँ इनकी सरकार है, वहाँ उनकी असलियत सामने आ रही है।'
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में परीक्षा पेपर लीक और छात्र आंदोलन चर्चा के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सरकार है, जिसे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।
राहुल गांधी और केजरीवाल को चुनौती
गुप्ता ने सीधे तौर पर राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि दोनों नेताओं को झारखंड जाकर वहाँ के छात्रों के बीच बैठना चाहिए। उनके अनुसार, जब राजनीति छात्रों के हित से ऊपर हो जाती है, तब ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।
आगे क्या
संसद सत्र की समाप्ति के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है। झारखंड में छात्र आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रहेंगे, विशेष रूप से जब राज्य में चुनावी माहौल करवट ले रहा है।