3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

झारखंड पेपर लीक पर विपक्ष की 'चुनिंदा सक्रियता' को जनता देख रही है: भाजपा नेता रोहन गुप्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
झारखंड पेपर लीक पर विपक्ष की 'चुनिंदा सक्रियता' को जनता देख रही है: भाजपा नेता रोहन गुप्ता

सारांश

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने झारखंड पेपर लीक पर विपक्ष की चुप्पी को 'चुनिंदा सक्रियता' करार दिया और पूछा — दिल्ली में सक्रिय रहने वाले दल झारखंड के छात्रों के लिए मौन क्यों हैं? उनका कहना है कि देशभर की जनता यह दोहरापन देख रही है।

मुख्य बातें

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने 3 अगस्त को अहमदाबाद में कांग्रेस, AAP और CJP पर झारखंड पेपर लीक पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
गुप्ता ने कहा कि विपक्ष की 'चुनिंदा सक्रियता' को देशभर के नागरिक और छात्र देख रहे हैं।
कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में पेपर लीक व छात्र मुद्दों पर भी विपक्ष के मौन रहने का उल्लेख किया गया।
कांग्रेस पर पंजाब में सत्ता से पहले ही अंदरूनी गुटबाज़ी और जनहित को नज़रअंदाज़ करने का आरोप।
महिला सशक्तिकरण पर कांग्रेस की कथनी-करनी में अंतर का आरोप; भाजपा-एनडीए की प्रतिबद्धता का दावा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने सोमवार, 3 अगस्त को अहमदाबाद में कहा कि झारखंड पेपर लीक मामले पर विपक्षी दलों की चुप्पी ने उनकी 'चुनिंदा सक्रियता' को उजागर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि देशभर के आम नागरिक और छात्र इस दोहरे रवैये को भली-भाँति समझ रहे हैं।

मुख्य आरोप: झारखंड को नज़रअंदाज़ क्यों?

गुप्ता ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'वे दिल्ली में तो सक्रिय राजनीति कर रहे थे, लेकिन मैं कांग्रेस, 'आप' और 'सीजेपी' से पूछना चाहता हूँ कि क्या झारखंड देश का हिस्सा नहीं है? क्या झारखंड के छात्रों के कोई अधिकार नहीं हैं?' उन्होंने तर्क दिया कि यदि इन दलों की नीयत साफ होती तो वे झारखंड जाकर विरोध-प्रदर्शन करते और जवाबदेही की माँग करते।

पेपर लीक पर विपक्ष की ऐतिहासिक चुप्पी

गुप्ता ने यह भी कहा कि आज़ादी के बाद से अधिकांश राजनीतिक दल छात्रों से जुड़े मुद्दों को हल करने में नाकाम रहे हैं और पेपर लीक रोकने के लिए कोई ठोस कानून नहीं लाए। उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और केरल के उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान भी विपक्ष मौन रहा। उनके अनुसार, 'इन सभी मुद्दों पर वे चुप रहते हैं — इससे साबित होता है कि उनकी मुख्य चिंता राजनीति है, छात्र नहीं।'

कांग्रेस पर अंदरूनी गुटबाज़ी का आरोप

गुप्ता ने कांग्रेस की आंतरिक कलह पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जहाँ भी सत्ता में होती है, सत्ता में आने से पहले ही सत्ता-बँटवारे की लड़ाई शुरू हो जाती है। पंजाब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यही अंदरूनी खींचतान उस राज्य में पार्टी की हार का एक बड़ा कारण रही। उनके अनुसार पार्टी जमीनी हकीकत से कटी हुई है और नेताओं के लिए सत्ता के फायदे जनहित से ऊपर हैं।

महिला सशक्तिकरण पर कथनी-करनी का अंतर

गुप्ता ने कांग्रेस पर महिला अधिकारों के मुद्दे पर भी दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे संसद में महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जहाँ भी वे सत्ता में होते हैं, महिलाओं को अन्याय का सामना करना पड़ता है।' इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रतिबद्ध रही है।

आगे क्या

झारखंड पेपर लीक मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस विमर्श को और तेज़ कर सकती है। भाजपा की यह रणनीति विपक्ष को छात्र-हित के सवाल पर कठघरे में खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल भी उठता है कि स्वयं केंद्र और भाजपा-शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं, जिन पर जवाबदेही की माँग उतनी ही वैध है। विपक्ष को कठघरे में खड़ा करना तब तक राजनीतिक रूप से प्रभावी रहता है जब तक सत्तारूढ़ दल खुद पारदर्शी जाँच और ठोस कानूनी सुधार का रास्ता नहीं दिखाता।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने विपक्ष पर 'चुनिंदा सक्रियता' का आरोप क्यों लगाया?
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस, AAP और CJP दिल्ली में तो सक्रिय रहे, लेकिन झारखंड पेपर लीक मामले में चुप रहे। उनके अनुसार यह दोहरा रवैया विपक्ष के राजनीतिक मकसद को उजागर करता है।
झारखंड पेपर लीक मामला क्या है?
झारखंड में एक प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे छात्रों में आक्रोश है। यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है, जिसमें विभिन्न दल एक-दूसरे पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहे हैं।
भाजपा ने किन राज्यों में विपक्ष की चुप्पी का उदाहरण दिया?
रोहन गुप्ता ने कर्नाटक, तेलंगाना और केरल का उल्लेख किया, जहाँ पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान विपक्षी दल मौन रहे। उनके अनुसार यही पैटर्न अब झारखंड में भी दोहराया जा रहा है।
कांग्रेस पर अंदरूनी गुटबाज़ी का आरोप किस संदर्भ में लगाया गया?
गुप्ता ने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस में सत्ता में आने से पहले ही सत्ता-बँटवारे की लड़ाई शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया।
भाजपा ने महिला सशक्तिकरण पर कांग्रेस को कैसे घेरा?
रोहन गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद में महिला अधिकारों की बात करती है, लेकिन जहाँ वह सत्ता में है वहाँ महिलाओं को अन्याय का सामना करना पड़ता है। इसके विपरीत उन्होंने भाजपा-एनडीए सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का दावा किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले