कांग्रेस संसद में बहस से भाग रही है, बाहर नाटक कर रही है: पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मंगलवार, 11 अगस्त को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा प्रहार किया। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि दोनों नेता जनता के मुद्दों पर संसद के भीतर चर्चा करने के बजाय बाहर हंगामा करना पसंद करते हैं।
संसद की कार्यवाही और कांग्रेस का बहिष्कार
ढिल्लों ने कहा कि संसद सत्र चल रहा है और संसद का हर मिनट और जनता के पैसे का हर रुपया बेहद कीमती है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब माँग रहे थे, लेकिन सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कर दिया कि गृह मंत्री संसद में हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने बहस में हिस्सा लेने के बजाय सदन से बहिष्कार कर दिया।
ढिल्लों ने कहा, 'संसद की कार्यवाही बाधित करना और जनता का पैसा व समय बर्बाद करना कांग्रेस की गैर-जिम्मेदार राजनीति को दर्शाता है।' उनके अनुसार इस रवैये से साफ होता है कि कांग्रेस मुद्दों का समाधान नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक नाटक चाहती है।
झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई
पंजाब BJP अध्यक्ष ने झारखंड के रांची में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रोज़गार और अपने अधिकारों की माँग को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कंटीले तार, आँसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।
ढिल्लों ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल झारखंड की इस घटना पर चुप क्यों हैं, जबकि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा है। उन्होंने इसे राजनीति में दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया — राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों के अधिकारों की बात करना और सहयोगी दल की सरकार में उन पर हो रही कार्रवाई पर चुप्पी साधे रहना।
पंजाब AAP सरकार पर निशाना
ढिल्लों ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी युवा, कर्मचारी, किसान, मज़दूर, शिक्षक या अन्य वर्ग अपने अधिकारों की माँग लेकर सड़कों पर उतरते हैं, तो सरकार बल प्रयोग का सहारा लेती है।
उन्होंने पंजाब में पेपर लीक के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इसने युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि पेपर लीक का मुद्दा पंजाब में लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। BJP का यह आक्रामक रुख संसद में विपक्ष की रणनीति को घेरने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों को संसद के भीतर संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।