झारखंड छात्र आंदोलन पर संसद में घमासान: BJP ने राहुल को घेरा, विपक्ष ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 11 अगस्त — झारखंड में करीब 17 दिनों से जारी छात्र आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सदन में बहस से बचने का आरोप लगाया, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और समाजवादी पार्टी (SP) के नेताओं ने सरकार पर युवाओं की आवाज़ दबाने और संसदीय जवाबदेही से पीछे हटने का आरोप लगाया।
BJP का पलटवार: राहुल गांधी पर निशाना
BJP सांसद दिलीप सैकिया ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनका रुख 'सुबह और शाम अलग-अलग' रहता है और वे वास्तव में सदन में चर्चा नहीं चाहते। सैकिया ने तर्क दिया कि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है, इसलिए राहुल गांधी को राज्य में छात्रों के साथ कथित अत्याचार की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सैकिया ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और झारखंड के छात्र आंदोलन के बीच अंतर करते हुए कहा कि दिल्ली में असामाजिक तत्वों के शामिल होने पर कार्रवाई उचित थी, जबकि झारखंड का आंदोलन अधिकारों की माँग करने वाले छात्रों का है। उन्होंने असम में बाढ़ की स्थिति का भी उल्लेख किया — विशेष रूप से शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में — और बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र दर्रांग में भी बाढ़ का असर पड़ा है तथा लोगों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है।
कांग्रेस का पक्ष: तीन मांगें और गृह मंत्री की गैरमौजूदगी
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार के सामने तीन स्पष्ट माँगें रखी हैं और देश उनके जवाब का इंतजार कर रहा है। वासनिक ने आरोप लगाया कि BJP किसी राज्य-विशेष के मुद्दे को आगे कर राष्ट्रीय सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह रणनीति कामयाब नहीं होगी।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने झारखंड में 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि चाहे प्रदर्शनकारी किसी भी संगठन से जुड़े हों, शांतिपूर्ण विरोध को दबाना अस्वीकार्य है। खेड़ा ने दावा किया कि राहुल गांधी प्रदर्शनकारी छात्रों के संपर्क में हैं और कांग्रेस मंत्री दीपिका पांडे सिंह भी लगातार उनसे मिल रही हैं। उन्होंने BJP से पूछा कि उसके कितने मंत्री जंतर-मंतर पहुँचे।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार की यह स्थिति संसद की गरिमा के विरुद्ध है।
समाजवादी पार्टी की माँग: संसद में दो दिन की बहस
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में दो अहम मुद्दों पर विस्तृत बहस की माँग की — झारखंड में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या से जुड़ा मुद्दा। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आई हैं और यह जानना जरूरी है कि इन घटनाओं के पीछे कौन जिम्मेदार है। यादव ने सुझाव दिया कि यदि केवल दो दिन उपलब्ध हैं तो दोनों मुद्दों पर एक-एक दिन बहस हो।
SP सांसद डिंपल यादव ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री से छात्रों के साथ बातचीत का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों की अधिकांश माँगें मान ली हैं और जो शेष हैं, उन्हें संवाद से सुलझाया जाना चाहिए। डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश में करीब 20-21 परीक्षाओं के पेपर लीक होने और हजारों प्राथमिक स्कूल बंद किए जाने का भी मुद्दा उठाया और पूछा कि शिक्षा के लिए आवंटित धनराशि आखिर कहाँ जा रही है। उन्होंने 20 जुलाई की घटना का हवाला देते हुए दावा किया कि हजारों छात्र घायल हुए और महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र लगातार व्यवधानों की चपेट में है। गौरतलब है कि झारखंड का यह छात्र आंदोलन 17 दिनों से जारी है और राज्य सरकार ने कुछ माँगें स्वीकार की हैं, लेकिन गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के बीच संवाद की संभावना तभी बनेगी जब संसदीय प्रक्रिया बाधारहित हो सके।