11 अगस्त 2026
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झारखंड छात्र आंदोलन पर संसद में घमासान: BJP ने राहुल को घेरा, विपक्ष ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल

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झारखंड छात्र आंदोलन पर संसद में घमासान: BJP ने राहुल को घेरा, विपक्ष ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल

सारांश

झारखंड में 17 दिनों से जारी छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई ने संसद को रणभूमि बना दिया। BJP ने राहुल गांधी को JMM सरकार के समर्थन के लिए जिम्मेदार ठहराया, जबकि कांग्रेस और SP ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति और युवाओं की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP सांसद दिलीप सैकिया ने राहुल गांधी पर सदन में बहस से बचने और झारखंड की JMM सरकार की जिम्मेदारी से मुँह फेरने का आरोप लगाया।
झारखंड में छात्र आंदोलन 17 दिनों से जारी है; कथित तौर पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आई हैं।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और सुखदेव भगत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने झारखंड और अयोध्या — दोनों मुद्दों पर एक-एक दिन की संसदीय बहस की माँग की।
डिंपल यादव ने UP में 20-21 परीक्षाओं के पेपर लीक और हजारों प्राथमिक स्कूल बंद होने का मुद्दा भी उठाया।
कांग्रेस के मुकुल वासनिक ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से तीन स्पष्ट माँगों पर जवाब माँगा है।

नई दिल्ली, 11 अगस्त — झारखंड में करीब 17 दिनों से जारी छात्र आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सदन में बहस से बचने का आरोप लगाया, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और समाजवादी पार्टी (SP) के नेताओं ने सरकार पर युवाओं की आवाज़ दबाने और संसदीय जवाबदेही से पीछे हटने का आरोप लगाया।

BJP का पलटवार: राहुल गांधी पर निशाना

BJP सांसद दिलीप सैकिया ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनका रुख 'सुबह और शाम अलग-अलग' रहता है और वे वास्तव में सदन में चर्चा नहीं चाहते। सैकिया ने तर्क दिया कि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है, इसलिए राहुल गांधी को राज्य में छात्रों के साथ कथित अत्याचार की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

सैकिया ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और झारखंड के छात्र आंदोलन के बीच अंतर करते हुए कहा कि दिल्ली में असामाजिक तत्वों के शामिल होने पर कार्रवाई उचित थी, जबकि झारखंड का आंदोलन अधिकारों की माँग करने वाले छात्रों का है। उन्होंने असम में बाढ़ की स्थिति का भी उल्लेख किया — विशेष रूप से शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में — और बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र दर्रांग में भी बाढ़ का असर पड़ा है तथा लोगों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है।

कांग्रेस का पक्ष: तीन मांगें और गृह मंत्री की गैरमौजूदगी

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार के सामने तीन स्पष्ट माँगें रखी हैं और देश उनके जवाब का इंतजार कर रहा है। वासनिक ने आरोप लगाया कि BJP किसी राज्य-विशेष के मुद्दे को आगे कर राष्ट्रीय सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह रणनीति कामयाब नहीं होगी।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने झारखंड में 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि चाहे प्रदर्शनकारी किसी भी संगठन से जुड़े हों, शांतिपूर्ण विरोध को दबाना अस्वीकार्य है। खेड़ा ने दावा किया कि राहुल गांधी प्रदर्शनकारी छात्रों के संपर्क में हैं और कांग्रेस मंत्री दीपिका पांडे सिंह भी लगातार उनसे मिल रही हैं। उन्होंने BJP से पूछा कि उसके कितने मंत्री जंतर-मंतर पहुँचे।

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार की यह स्थिति संसद की गरिमा के विरुद्ध है।

समाजवादी पार्टी की माँग: संसद में दो दिन की बहस

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में दो अहम मुद्दों पर विस्तृत बहस की माँग की — झारखंड में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या से जुड़ा मुद्दा। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आई हैं और यह जानना जरूरी है कि इन घटनाओं के पीछे कौन जिम्मेदार है। यादव ने सुझाव दिया कि यदि केवल दो दिन उपलब्ध हैं तो दोनों मुद्दों पर एक-एक दिन बहस हो।

SP सांसद डिंपल यादव ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री से छात्रों के साथ बातचीत का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों की अधिकांश माँगें मान ली हैं और जो शेष हैं, उन्हें संवाद से सुलझाया जाना चाहिए। डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश में करीब 20-21 परीक्षाओं के पेपर लीक होने और हजारों प्राथमिक स्कूल बंद किए जाने का भी मुद्दा उठाया और पूछा कि शिक्षा के लिए आवंटित धनराशि आखिर कहाँ जा रही है। उन्होंने 20 जुलाई की घटना का हवाला देते हुए दावा किया कि हजारों छात्र घायल हुए और महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र लगातार व्यवधानों की चपेट में है। गौरतलब है कि झारखंड का यह छात्र आंदोलन 17 दिनों से जारी है और राज्य सरकार ने कुछ माँगें स्वीकार की हैं, लेकिन गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के बीच संवाद की संभावना तभी बनेगी जब संसदीय प्रक्रिया बाधारहित हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि लाठी से सुलझाना चाहती हैं? संसद में इस मुद्दे का राजनीतिकरण दोनों पक्षों ने किया: BJP ने इसे कांग्रेस-JMM गठबंधन की विफलता बताया, जबकि विपक्ष ने इसे केंद्र की जवाबदेही का सवाल बना दिया। असली मुद्दा — छात्रों की माँगें क्या हैं और 17 दिनों बाद भी गतिरोध क्यों जारी है — वह बहस में गौण हो गया। गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर विपक्ष का सवाल वैध है, लेकिन विपक्ष को भी यह बताना होगा कि उनकी सरकारों ने छात्र आंदोलनों में क्या अलग किया।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में छात्र आंदोलन किस बात को लेकर है?
झारखंड में छात्र और युवा अपने अधिकारों की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जो 11 अगस्त तक करीब 17 दिनों से जारी था। राज्य सरकार ने अधिकांश माँगें मान ली हैं, लेकिन कुछ माँगें अभी भी लंबित बताई जा रही हैं।
BJP ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद दिलीप सैकिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन में चर्चा से बचते हैं और उनका रुख 'सुबह-शाम बदलता' रहता है। उन्होंने कहा कि चूँकि झारखंड में JMM सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है, इसलिए राहुल गांधी को छात्रों पर कथित अत्याचार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर क्यों सवाल उठाए?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, सुखदेव भगत और डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष की माँग है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएँ और अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में पर्याप्त रूप से उपस्थित नहीं हैं, जो संसद की गरिमा के विरुद्ध है।
अखिलेश यादव ने संसद में किन दो मुद्दों पर बहस माँगी?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने झारखंड में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या से जुड़े मुद्दे पर अलग-अलग एक-एक दिन की विस्तृत संसदीय बहस की माँग की। उन्होंने लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की तस्वीरों का हवाला देते हुए जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश के संदर्भ में क्या मुद्दे उठाए?
SP सांसद डिंपल यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में करीब 20-21 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और हजारों प्राथमिक स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने पूछा कि शिक्षा के लिए आवंटित धनराशि कहाँ जा रही है और सरकार से जवाब माँगा।
राष्ट्र प्रेस
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