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झारखंड छात्र आंदोलन पर NDA सांसदों का विपक्ष को घेराव: 'कांग्रेस की चुप्पी दोहरे मापदंड का सबूत'

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झारखंड छात्र आंदोलन पर NDA सांसदों का विपक्ष को घेराव: 'कांग्रेस की चुप्पी दोहरे मापदंड का सबूत'

सारांश

झारखंड में 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन ने राष्ट्रीय राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। NDA सांसदों ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया — NEET पर शोर मचाने वाले दल झारखंड में अपनी सहयोगी सरकार की चुप्पी पर मौन हैं।

मुख्य बातें

झारखंड में भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ हज़ारों छात्र 14 दिनों से मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि राज्य सरकार का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने नहीं गया।
प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द की गई।
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि NEET पर मुखर विपक्ष झारखंड के छात्र आंदोलन पर इसलिए चुप है क्योंकि वहाँ उसकी सहयोगी सरकार है।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि छात्र समस्याओं की जिम्मेदारी राज्य सरकार की भी है, सारा दोष केंद्र पर नहीं डाला जा सकता।
RSS प्रमुख मोहन भागवत की जेन-जी छात्रों से प्रस्तावित बातचीत पर भी भाजपा सांसदों ने प्रशासनिक निर्णय का बचाव किया।

नई दिल्ली, 6 अगस्तझारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। सांसदों का आरोप है कि विपक्ष जहाँ अपनी सहयोगी सरकारें हैं, वहाँ छात्रों की पीड़ा पर आँखें मूँद लेता है।

झारखंड छात्र आंदोलन: मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास से महज एक किलोमीटर की दूरी पर हज़ारों छात्र पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन झारखंड सरकार का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि उनसे मिलने तक नहीं पहुँचा। उन्होंने कहा, 'यदि मुख्यमंत्री में मानवीय संवेदना है तो उन्हें यह याद रखना चाहिए कि प्रदर्शन कर रहे छात्र भी राज्य के बेटे-बेटियाँ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।'

भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने दावा किया कि कई छात्र बारिश के बीच लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहे, फिर भी राज्य सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली। उनके अनुसार झारखंड सरकार 'पूरी तरह निष्क्रिय' बनी हुई है।

राहुल गांधी और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर निशाना

प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को ऐसी अनुमति दी ही नहीं जानी चाहिए, क्योंकि उनके कार्यक्रम रचनात्मक माहौल बनाने के बजाय व्यवधान उत्पन्न करते हैं।

सेठ ने राहुल गांधी पर सीधा सवाल दागा — 'यदि वे वास्तव में युवाओं की चिंता करते हैं, तो झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों से मिलने वहाँ क्यों नहीं गए?' सांसद तरुण चुघ ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस 'बस में बैठकर' छात्र आंदोलन को अपने हाथ में लेने की कोशिश तो करती है, लेकिन झारखंड के विरोध-प्रदर्शन के लिए उसके पास समय नहीं है।

विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप

भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने याद दिलाया कि जब राष्ट्रीय स्तर पर NEET पेपर लीक का मुद्दा उठा था, तब कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि झारखंड में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर वही दल चुप हैं, क्योंकि वहाँ उनकी सहयोगी सरकार है।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, 'इसके लिए राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी है। सारा दोष केंद्र सरकार पर मढ़ना सही नहीं है। विपक्ष को हंगामा करने की आदत हो गई है — एक माँग उठाने के तुरंत बाद वे दूसरी माँग लेकर आ जाते हैं।'

संसद की कार्यवाही पर भाजपा का पक्ष

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कांग्रेस पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता बार-बार एक ही विषय उठाकर संसद की कार्यवाही बाधित करते हैं, जबकि सरकार चाहती है कि जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो।

सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक मुद्दे पर कानून लाकर बहस भी कराई, लेकिन इसके बाद विपक्ष लगातार अपनी माँगें बदलता रहा। उनके अनुसार यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष का उद्देश्य बहस नहीं, बल्कि संसद की कार्यवाही को बाधित करना है।

RSS प्रमुख की बैठक और प्रशासनिक निर्णय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की जेन-जी छात्रों के साथ प्रस्तावित बातचीत को लेकर भाजपा सांसद जनार्दन सिग्रीवाल ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय हित सुनिश्चित करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने परिस्थितियों को देखते हुए जो भी निर्णय लिया, वह प्रशासनिक आकलन के आधार पर था।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही हंगामे की भेंट चढ़ रहा है और झारखंड में छात्र आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया और विपक्ष का अगला कदम इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे झारखंड के छात्रों की मूल समस्या — भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ — हल नहीं होती। विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाना तब तक अधूरा है जब तक केंद्र सरकार यह स्पष्ट नहीं करती कि राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए उसने क्या ठोस कदम उठाए। 14 दिनों का धरना और भूख हड़ताल — यह प्रशासनिक विफलता है जिसे किसी भी पार्टी का राजनीतिक हमला नहीं ढक सकता। असली सवाल यह है कि झारखंड के छात्रों को न्याय कब और कैसे मिलेगा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में छात्र आंदोलन किस बात को लेकर हो रहा है?
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हज़ारों छात्र 14 दिनों से मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। कई छात्रों ने बारिश के बीच भूख हड़ताल भी की, लेकिन राज्य सरकार का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुँचा।
NDA सांसदों ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
NDA सांसदों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल NEET जैसे मुद्दों पर तो आवाज़ उठाते हैं, लेकिन झारखंड में — जहाँ उनकी सहयोगी सरकार है — छात्र आंदोलन पर चुप्पी साधे हुए हैं। इसे उन्होंने दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति क्यों रद्द हुई?
राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति प्रयागराज में रद्द की गई। भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम रचनात्मक माहौल नहीं बनाते, बल्कि व्यवधान उत्पन्न करते हैं। अनुमति रद्द करने का प्रशासनिक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया।
संसद की कार्यवाही पर भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार एक ही मुद्दा उठाकर और माँगें बदलकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक पर कानून लाकर बहस कराई, फिर भी विपक्ष ने अपनी रणनीति नहीं बदली।
RSS प्रमुख मोहन भागवत की जेन-जी छात्रों से बातचीत पर क्या हुआ?
RSS प्रमुख मोहन भागवत की जेन-जी छात्रों के साथ प्रस्तावित बातचीत के संदर्भ में भाजपा सांसद जनार्दन सिग्रीवाल ने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक आकलन के आधार पर निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय हित सुनिश्चित होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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