झारखंड छात्र आंदोलन पर विपक्ष की चुप्पी: NDA ने राहुल गांधी से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने शनिवार, 9 अगस्त को पटना में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान का समर्थन करते हुए विपक्ष — विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी — पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं ने सवाल उठाया कि जो दल दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक विरोध को राजनीतिक मंच बनाते रहे, वे झारखंड में 16 दिनों से जारी छात्र आंदोलन पर मौन क्यों हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर BJP की प्रतिक्रिया
गुरु प्रकाश ने कहा कि सरकार जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार निश्चित रूप से जवाबदेही को बनाए रखती है। हम झारखंड की स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने जंतर-मंतर के मुद्दे पर राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश की, वे झारखंड, पंजाब में दलित छात्रों की छात्रवृत्ति और केरल में नियुक्ति पत्र न मिलने के मामलों पर चुप हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन और विपक्ष की चुप्पी
JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि झारखंड के छात्र 16 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, फिर भी राहुल गांधी अब तक रांची नहीं पहुँचे। उन्होंने कहा, 'एक तरफ आप दिल्ली के जंतर-मंतर को राजनीतिक अखाड़ा बनाना चाहते हैं, और दूसरी तरफ झारखंड के छात्रों के प्रति उदासीनता समझ से परे है।' उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के छात्र अपनी माँगें पूरी कराए बिना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
परिसीमन विवाद पर BJP का रुख
तमिलनाडु के 57 में से 37 सांसदों के मुख्यमंत्री विजय द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल न होने के संदर्भ में गुरु प्रकाश ने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इस पर राजनीति करने या संवैधानिक गतिरोध पैदा करने से कोई समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील की।
UPA बनाम NDA: रोज़गार के आँकड़ों पर बहस
राहुल गांधी द्वारा शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गए सवालों के जवाब में गुरु प्रकाश ने कहा कि UPA के 10 वर्षों की औसत बेरोज़गारी दर की तुलना NDA के कार्यकाल से की जाए तो सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे युवा स्वरोज़गार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल का JDU का आकलन
राजीव रंजन प्रसाद ने धर्मेंद्र प्रधान के राजनीतिक करियर की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़ा देने से पहले उन्होंने छात्रों की माँगों पर कई बड़े फ़ैसले लिए — NTA के कई अधिकारियों का तबादला किया गया, परीक्षाओं में अनियमितताओं की जाँच CBI को सौंपी गई और कई लोगों की गिरफ़्तारी सुनिश्चित की गई। NDA के दोनों घटक दलों की यह साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में आई है जब NEET विवाद और छात्र आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बने हुए हैं।