तरुण चुघ का विपक्ष पर निशाना: झारखंड के छात्रों पर राहुल-केजरीवाल की चुप्पी 'दोहरा चरित्र'
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने मंगलवार, 18 अगस्त को चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में विपक्षी दलों पर छात्र मुद्दों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान तो मुखर रहे, लेकिन झारखंड में छात्रों की आवाज पर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली।
विपक्ष पर दोहरेपन का आरोप
चुघ ने कहा कि यह 'दुर्भाग्यपूर्ण' है कि जिन नेताओं ने जंतर मंतर पर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई, उन्होंने झारखंड के छात्रों के मामले में 'एक शब्द बोलना भी मुनासिब नहीं समझा।' उनके अनुसार, इससे स्पष्ट होता है कि इन नेताओं का छात्रों से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है, बल्कि वे छात्र आंदोलनों का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं।
चुघ ने कहा, 'इन लोगों ने यह साफ कर दिया कि इनके खाने के दांत और कुछ और हैं और दिखाने के कुछ और।' उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा दोहरा चरित्र 'किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।'
भाजपा की संगठनात्मक ताकत पर जोर
चुघ ने भाजपा को एक 'कैडर-आधारित संगठन' बताते हुए कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता साल के 365 दिन संगठन को मजबूत करने में जुटे रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा में व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार और संगठन को प्राथमिकता दी जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पार्टी की कार्यपद्धति का अभिन्न अंग है, जिसके तहत कार्यकर्ताओं को पार्टी के विचार और कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाता है। आगामी दिनों में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे तमिलनाडु में शुरू होने की जानकारी उन्होंने दी।
तमिलनाडु में भाजपा की बढ़ती साख
चुघ ने दावा किया कि तमिलनाडु में जनता के बीच भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता राज्य में भाजपा के लिए एक बड़े विकल्प के रूप में उभरने में सहायक बन रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता यह मानने लगी है कि 'अगर कोई पार्टी बदलाव ला सकती है, तो वो भाजपा है।'
आगे क्या
भाजपा के इस आरोप के बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। झारखंड में छात्र आंदोलन और उस पर विभिन्न दलों का रुख आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। तमिलनाडु में भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत पार्टी की दक्षिण भारत में विस्तार रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।