3 अक्टूबर 2026
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आराधना मिश्रा 'मोना' बनीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष पद

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आराधना मिश्रा 'मोना' बनीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष पद

सारांश

कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश में बड़ा सांगठनिक बदलाव करते हुए आराधना मिश्रा 'मोना' को यूपीसीसी अध्यक्ष, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष और वीरेंद्र सिंह को CLP नेता नियुक्त किया — 80 लोकसभा सीटों वाले राज्य में पार्टी के पुनरुद्धार की कोशिश का हिस्सा।

मुख्य बातें

आराधना मिश्रा 'मोना' को 2 अक्टूबर 2026 से तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
इमरान मसूद को यूपीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को यूपीसीसी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता नियुक्त किया गया — अब वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का नेतृत्व करेंगे।
निवर्तमान यूपीसीसी अध्यक्ष अजय राय की सेवाओं की कांग्रेस हाई कमांड ने सराहना की।
औपचारिक कार्यभार ग्रहण समारोह शीघ्र आयोजित होने की उम्मीद।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा 'मोना' को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया — यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसी के साथ इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष और चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता नियुक्त किया गया है।

नई नियुक्तियाँ और संगठनात्मक ढाँचा

खड़गे के इस निर्णय के तहत देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को यूपीसीसी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन सभी नियुक्तियों के साथ उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सांगठनिक संरचना एक साथ कई स्तरों पर बदली है।

वीरेंद्र सिंह की CLP नेता के रूप में नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू हुई है, और वे अब उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का नेतृत्व करेंगे।

निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय को सराहना

पार्टी ने निवर्तमान यूपीसीसी अध्यक्ष अजय राय के कार्यकाल की सराहना की है। राय के नेतृत्व में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश की कठिन राजनीतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, और कांग्रेस हाई कमांड ने उनके प्रयासों को स्वीकार करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।

राजनीतिक संदर्भ और महत्त्व

यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक नींव को नए सिरे से मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं — देश में सर्वाधिक — और यहाँ कांग्रेस की स्थिति पिछले एक दशक में कमज़ोर हुई है।

आराधना मिश्रा 'मोना' की नियुक्ति को जातीय और क्षेत्रीय संतुलन की नज़र से भी देखा जा रहा है। इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से अल्पसंख्यक वर्ग में पार्टी की पकड़ बनाए रखने का संकेत मिलता है, जबकि दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की नियुक्ति का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों में समन्वय सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।

हाई कमांड का निर्देश और आगे की राह

कांग्रेस हाई कमांड ने राज्य के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निर्देश दिया है कि वे नव नियुक्त पदाधिकारियों को पूरा सहयोग दें और नए नेतृत्व में एकजुट होकर काम करें। औपचारिक कार्यभार ग्रहण समारोह शीघ्र ही आयोजित होने की उम्मीद है।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार नई टीम कुछ क्षेत्रों में निरंतरता बनाए रखते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस को नई दिशा देगी, और CLP नेता की नियुक्ति राज्य विधानसभा में पार्टी की आवाज़ को और प्रभावी बनाने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले कई चुनावों में उजागर हुई है। आराधना मिश्रा 'मोना' और इमरान मसूद की जोड़ी जातीय-सामाजिक संतुलन का संकेत देती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ज़मीनी पकड़ इतनी सिकुड़ चुकी है कि केवल नेतृत्व परिवर्तन से पार्टी की किस्मत पलटने की उम्मीद कम है। असली सवाल यह है कि क्या नई टीम बूथ-स्तर पर पुनर्निर्माण करने में सफल होगी — जो कांग्रेस पिछले एक दशक से करने का दावा तो करती रही है, पर चुनावी नतीजे उसकी गवाही नहीं देते।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आराधना मिश्रा 'मोना' को किस पद पर नियुक्त किया गया है?
आराधना मिश्रा 'मोना' को 2 अक्टूबर 2026 से तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में और कौन-कौन से बदलाव हुए हैं?
इमरान मसूद को यूपीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष, देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, और चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता नियुक्त किया गया है। सभी नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू हुई हैं।
निवर्तमान यूपीसीसी अध्यक्ष अजय राय का क्या होगा?
निवर्तमान यूपीसीसी अध्यक्ष अजय राय को पद से हटाया गया है, लेकिन कांग्रेस हाई कमांड ने उनके कार्यकाल के दौरान किए गए प्रयासों और योगदान की सराहना की है। उनकी भावी भूमिका के बारे में आधिकारिक स्तर पर अभी कोई घोषणा नहीं की गई है।
यह संगठनात्मक फेरबदल उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं — देशभर में सर्वाधिक — जिससे यह राज्य राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाता है। कांग्रेस पिछले कई वर्षों से यहाँ अपना संगठनात्मक आधार मज़बूत करने की कोशिश कर रही है, और यह फेरबदल उसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
चौधरी वीरेंद्र सिंह की CLP नेता के रूप में क्या भूमिका होगी?
चौधरी वीरेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का नेतृत्व करेंगे। उनकी नियुक्ति को राज्य विधानसभा में पार्टी की आवाज़ और आंतरिक समन्वय को मज़बूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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