आराधना मिश्रा 'मोना' बनीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष पद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा 'मोना' को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया — यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसी के साथ इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष और चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता नियुक्त किया गया है।
नई नियुक्तियाँ और संगठनात्मक ढाँचा
खड़गे के इस निर्णय के तहत देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को यूपीसीसी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन सभी नियुक्तियों के साथ उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सांगठनिक संरचना एक साथ कई स्तरों पर बदली है।
वीरेंद्र सिंह की CLP नेता के रूप में नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू हुई है, और वे अब उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का नेतृत्व करेंगे।
निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय को सराहना
पार्टी ने निवर्तमान यूपीसीसी अध्यक्ष अजय राय के कार्यकाल की सराहना की है। राय के नेतृत्व में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश की कठिन राजनीतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, और कांग्रेस हाई कमांड ने उनके प्रयासों को स्वीकार करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।
राजनीतिक संदर्भ और महत्त्व
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक नींव को नए सिरे से मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं — देश में सर्वाधिक — और यहाँ कांग्रेस की स्थिति पिछले एक दशक में कमज़ोर हुई है।
आराधना मिश्रा 'मोना' की नियुक्ति को जातीय और क्षेत्रीय संतुलन की नज़र से भी देखा जा रहा है। इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से अल्पसंख्यक वर्ग में पार्टी की पकड़ बनाए रखने का संकेत मिलता है, जबकि दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की नियुक्ति का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों में समन्वय सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
हाई कमांड का निर्देश और आगे की राह
कांग्रेस हाई कमांड ने राज्य के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निर्देश दिया है कि वे नव नियुक्त पदाधिकारियों को पूरा सहयोग दें और नए नेतृत्व में एकजुट होकर काम करें। औपचारिक कार्यभार ग्रहण समारोह शीघ्र ही आयोजित होने की उम्मीद है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार नई टीम कुछ क्षेत्रों में निरंतरता बनाए रखते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस को नई दिशा देगी, और CLP नेता की नियुक्ति राज्य विधानसभा में पार्टी की आवाज़ को और प्रभावी बनाने का प्रयास है।