कांग्रेस का बड़ा संगठन फेरबदल: आराधना मिश्रा 'मोना' यूपी की नई अध्यक्ष, परगट सिंह को पंजाब की कमान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 2 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश और पंजाब में एक साथ नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा करते हुए दोनों राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए। पार्टी ने आराधना मिश्रा 'मोना' को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का अध्यक्ष तथा परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। ये सभी नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
उत्तर प्रदेश में नई टीम का गठन
आराधना मिश्रा 'मोना' की नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस ने यूपीसीसी में व्यापक फेरबदल किया है। पार्टी ने इमरान मसूद — जो कांग्रेस के सांसद हैं — को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है — देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद।
कांग्रेस अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता के पद पर चौधरी वीरेंद्र सिंह की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से प्रभावी मानी जाएगी।
यूपीसीसी के निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय के योगदान को पार्टी ने सराहा है। गौरतलब है कि अजय राय ने संगठन को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पंजाब में परगट सिंह को नई ज़िम्मेदारी
पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष ने परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी है। निवर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के कार्यकाल और योगदान की पार्टी ने प्रशंसा की है।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पंजाब में विभिन्न चुनाव संबंधी समितियों के वर्किंग प्रेसिडेंट, चेयरपर्सन और को-चेयरपर्सन पहले की तरह अपने पदों पर बने रहेंगे। इस प्रकार संगठनात्मक निरंतरता सुनिश्चित की गई है।
संगठन महासचिव ने जारी की प्रेस रिलीज़
दोनों नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के माध्यम से की गई। यह परंपरागत प्रक्रिया के अनुरूप है, जिसमें वरिष्ठ संगठनात्मक नियुक्तियाँ केंद्रीय स्तर से अनुमोदित की जाती हैं।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपना संगठनात्मक आधार मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। राज्य में पार्टी की स्थिति लंबे समय से कमज़ोर रही है और नई नेतृत्व टीम से संगठन को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है। पंजाब में भी, जहाँ पार्टी विपक्ष में है, परगट सिंह की नियुक्ति को संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
नई टीम के सामने आगामी चुनावी चुनौतियों के मद्देनज़र संगठन को ज़मीनी स्तर तक सक्रिय करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।