5 अक्टूबर 2026
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राहुल गांधी ने यूपी-पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्षों से की मुलाकात, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का दिया मंत्र

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राहुल गांधी ने यूपी-पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्षों से की मुलाकात, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का दिया मंत्र

सारांश

राहुल गांधी ने यूपी की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और पंजाब के परगट सिंह से मुलाकात कर जमीनी संगठन मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया। 2027 के यूपी चुनाव और पंजाब में AAP से टक्कर — दोनों मोर्चों पर कांग्रेस की तैयारी अभी से शुरू।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में यूपी और पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्षों से मुलाकात की।
उत्तर प्रदेश की नई पीसीसी अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' अनुभवी नेता प्रमोद तिवारी की पुत्री और रामपुर खास से लगातार विधायक हैं।
पंजाब के नए अध्यक्ष परगट सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी के 'मार्गदर्शन और अटूट संकल्प' के लिए आभार जताया।
राहुल गांधी ने दोनों नेताओं को बूथ स्तर तक संगठन सुदृढ़ करने और जन-मुद्दों पर सड़क पर उतरने का निर्देश दिया।
यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव और पंजाब में AAP की सत्ता के बीच यह पुनर्गठन रणनीतिक महत्व रखता है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्षों से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश की नवनियुक्त पीसीसी अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना', पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष मधु गौड़ यास्खी शामिल रहे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जमीनी संगठन को पुनर्जीवित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुई चर्चा

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सभी नवनियुक्त अध्यक्षों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं। बातचीत का केंद्र था — बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ करना, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना और जनता से जुड़े मुद्दों पर सड़क पर उतरने की तैयारी। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी को जमीन पर दिखना होगा, न केवल घोषणाओं तक सीमित रहना होगा।

मधु गौड़ यास्खी से अलग से मुलाकात में प्रोफेशनल्स को पार्टी से जोड़ने और उनकी भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।

परगट सिंह की प्रतिक्रिया

पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। मैं पंजाब और वहाँ के लोगों के हित के प्रति उनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अटूट संकल्प के लिए उनका आभारी हूँ।'

परगट सिंह ने आगे लिखा, 'नई ऊर्जा और हमारे नेताओं, कार्यकर्ताओं व पंजाब की जनता की सामूहिक शक्ति के साथ, हम कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पंजाब का बेहतर भविष्य बनाने के लिए अथक प्रयास करेंगे।'

आराधना मिश्रा: यूपी में नई कमान

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' हाल ही में पार्टी की प्रमुख नियुक्तियों में से एक हैं। वह अनुभवी कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की पुत्री हैं और अमेठी की रामपुर खास सीट से लगातार विधायक रही हैं। उनके सामने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में पार्टी को पुनर्जीवित करने की बड़ी चुनौती है — एक ऐसे राज्य में जहाँ कांग्रेस का आधार पिछले एक दशक में काफी सिकुड़ा है।

पंजाब और यूपी की चुनौतियाँ

पंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। ऐसे में परगट सिंह के सामने न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने, बल्कि AAP-शासित राज्य में विपक्ष की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने की भी जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पूरे देश में संगठनात्मक पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है और कई राज्यों में नए चेहरों को मौका दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ I.N.D.I.A. गठबंधन की जटिलताओं के बीच कांग्रेस को अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखनी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से डेढ़ साल से भी कम समय बचा है, इसलिए बूथ-स्तर की तैयारी की यह बातचीत नीति से ज्यादा एक रणनीतिक जरूरत बन गई है।

कांग्रेस का व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन

पार्टी ने हाल के हफ्तों में कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली आंशिक सफलता और 2027-28 के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी दोनों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। यूपी और पंजाब जैसे बड़े राज्यों में प्रभावी नेतृत्व कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में वापसी के लिए अहम माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नए चेहरे पुरानी चुनौतियों का जवाब दे पाएँगे या नहीं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जनाधार पिछले एक दशक में तेजी से सिकुड़ा है और 2027 से पहले बूथ-स्तर पर पुनर्निर्माण एक बड़ा काम है। पंजाब में AAP की मजबूत सरकार के सामने विपक्ष की भूमिका निभाना और साथ ही अपनी पहचान बनाए रखना — दोनों एक साथ साधना आसान नहीं। 'जमीन पर उतरने' का संदेश नया नहीं है, लेकिन इसे क्रियान्वित करने की संस्थागत इच्छाशक्ति और संसाधन — वही असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने किन नेताओं से मुलाकात की और कब?
राहुल गांधी ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश की नई पीसीसी अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना', पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष मधु गौड़ यास्खी से मुलाकात की। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
आराधना मिश्रा 'मोना' कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
आराधना मिश्रा 'मोना' वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की पुत्री हैं और उत्तर प्रदेश की अमेठी जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार विधायक रही हैं। उन्हें हाल ही में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
परगट सिंह के सामने पंजाब में क्या चुनौतियाँ हैं?
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। परगट सिंह को AAP-शासित राज्य में पार्टी संगठन में नई जान फूंकनी होगी, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना होगा और जन-मुद्दों पर प्रभावशाली विपक्षी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी कैसी है?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आराधना मिश्रा के नेतृत्व में कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। राहुल गांधी ने उन्हें कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता से सीधे जुड़ने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस पार्टी ने हाल में संगठन में क्या बड़े बदलाव किए हैं?
कांग्रेस ने हाल के हफ्तों में कई राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। यूपी और पंजाब में नई नियुक्तियाँ इसी व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा हैं, जिसे 2024 लोकसभा चुनाव के बाद तेज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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