3 अक्टूबर 2026
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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' बोलीं — '2027 तक बदलेगा प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य'

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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' बोलीं — '2027 तक बदलेगा प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य'

सारांश

यूपी कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' का पहला बड़ा संदेश — 'इंडी' गठबंधन मजबूत हो रहा है और विरोधी खेमे में घबराहट है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उनकी यह टिप्पणी यूपी की राजनीतिक बिसात पर एक अहम चाल मानी जा रही है।

मुख्य बातें

आराधना मिश्रा 'मोना' को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मिश्रा ने कहा — उनका परिवार चार पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा है और वे पद की गरिमा बनाए रखेंगी।
उन्होंने 'इंडी' गठबंधन के मजबूत होने का दावा किया और 2027 के चुनावों से पहले राजनीतिक परिदृश्य बदलने का भरोसा जताया।
बसपा के घटनाक्रम को 'अंदरूनी मामला' बताते हुए कहा कि इससे राजनीतिक विश्वसनीयता कमज़ोर होती है।
सीट-बँटवारे के फैसले को शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ा, इमरान मसूद के बयान पर सीधी टिप्पणी से बचीं।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने 3 अक्टूबर 2026 को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'इंडी' गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदलने वाला है। उनका यह बयान नई ज़िम्मेदारी संभालने के ठीक बाद आया, जब उन्होंने अपने परिवार की चार पीढ़ियों की कांग्रेस के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

नई ज़िम्मेदारी पर आराधना मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया

मिश्रा ने कहा, 'सबसे पहले, मुझे इस जिम्मेदारी के लिए चुनने पर मैं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करती हूं। हमारा परिवार चार पीढ़ियों से कांग्रेस के साथ जुड़ा हुआ है। मैं बस इतना ही कहूंगी कि मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ इस पद की गरिमा बनाए रखूंगी।' गौरतलब है कि यूपी कांग्रेस में यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में आया है जब पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है।

सीटों के बँटवारे पर इमरान मसूद के बयान पर रुख

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए सीटों को लेकर इमरान मसूद के बयान पर मिश्रा ने सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'यह फैसला शीर्ष नेतृत्व का है और मुझे पूरा भरोसा है कि शीर्ष नेतृत्व जो भी फैसला लेगा, उसमें कांग्रेस के हर कार्यकर्ता की भावनाओं और पार्टी की गरिमा का ध्यान रखा जाएगा।' यह टिप्पणी 'इंडी' गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे की जारी बातचीत की पृष्ठभूमि में आई है।

बसपा और मायावती पर आराधना मिश्रा की राय

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद और पार्टी सुप्रीमो मायावती से जुड़े घटनाक्रम पर मिश्रा ने कहा, 'यह बसपा का अंदरूनी मामला है। हालांकि, इस तरह से किसी भी व्यक्ति या पार्टी की राजनीतिक विश्वसनीयता कमजोर होती है।' उन्होंने मायावती को 'बहुत वरिष्ठ नेता' बताते हुए कहा कि वह अपनी पार्टी और समुदाय के लिए जो भी फैसला लेंगी, वह उनका अपना फैसला होगा।

'इंडी' गठबंधन और 2027 का राजनीतिक समीकरण

मंत्री ओम प्रकाश राजभर के इस बयान पर कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार समाजवादी पार्टी को वोट देंगे, मिश्रा ने कहा, 'जैसे-जैसे 'इंडी' गठबंधन मजबूत होगा, भविष्य में आपको इसके और सबूत देखने को मिलेंगे। एक तरह की घबराहट फैल गई है। एक भगदड़-सी मची है। क्योंकि हर कोई यह महसूस करता है कि कोई भी डूबते जहाज पर सवार नहीं होना चाहता।' यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के चुनावी समर की तैयारियाँ अभी से तेज़ हो गई हैं और गठबंधन की रणनीति निर्णायक मोड़ पर है।

आगे की राह

आराधना मिश्रा के नेतृत्व में यूपी कांग्रेस का ध्यान अब संगठन को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने और 'इंडी' गठबंधन के साथ समन्वय बढ़ाने पर होगा। सीट-बँटवारे का अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा 'इंडी' गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे की जटिल बातचीत में होगी — जहाँ समाजवादी पार्टी के साथ समीकरण बनाना और कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखना, दोनों एक साथ करने होंगे। मिश्रा ने इमरान मसूद के बयान पर सीधा जवाब देने से परहेज़ किया, जो गठबंधन के भीतर सुलगते तनाव को दर्शाता है। यूपी में कांग्रेस की ज़मीनी ताकत पिछले दो दशकों में काफी सिकुड़ी है; केवल नेतृत्व परिवर्तन से नहीं, बल्कि ज़िला और बूथ स्तर के संगठन की पुनर्बहाली से ही पार्टी 2027 में प्रासंगिक बन सकती है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आराधना मिश्रा 'मोना' कौन हैं और उन्हें यूपी कांग्रेस की कमान क्यों सौंपी गई?
आराधना मिश्रा 'मोना' उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष हैं, जिनके परिवार की चार पीढ़ियाँ कांग्रेस से जुड़ी रही हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनज़र शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
'इंडी' गठबंधन यूपी में कितना मजबूत है?
आराधना मिश्रा का दावा है कि 'इंडी' गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है और 2027 तक राजनीतिक परिदृश्य बदल जाएगा। हालांकि, सीट-बँटवारे पर अभी चर्चा जारी है और अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ा गया है।
आराधना मिश्रा ने बसपा और मायावती के बारे में क्या कहा?
मिश्रा ने बसपा के आंतरिक घटनाक्रम को 'अंदरूनी मामला' बताया, साथ ही कहा कि इस तरह की घटनाओं से किसी भी पार्टी या व्यक्ति की राजनीतिक विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उन्होंने मायावती को 'बहुत वरिष्ठ नेता' बताते हुए उनके फैसले का सम्मान किया।
यूपी में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस की क्या रणनीति है?
कांग्रेस 'इंडी' गठबंधन के तहत संगठन को मजबूत करने और विपक्षी दलों से समन्वय बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सीट-बँटवारे का फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा, जिसमें हर कार्यकर्ता की भावनाओं और पार्टी की गरिमा का ध्यान रखने का भरोसा दिया गया है।
ओम प्रकाश राजभर के बयान पर आराधना मिश्रा का क्या कहना था?
मंत्री ओम प्रकाश राजभर के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवारों के समाजवादी पार्टी को वोट देने के बयान पर मिश्रा ने इसे 'इंडी' गठबंधन की मजबूती का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि विरोधी खेमे में घबराहट और भगदड़ इसी बात का प्रमाण है।
राष्ट्र प्रेस
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