सिएटल में बलूच नेशनल मूवमेंट का प्रदर्शन, बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान की माँग
सारांश
मुख्य बातें
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने 2 अक्टूबर 2026 को सिएटल, अमेरिका में एक विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने बलूच नागरिकों के विरुद्ध सैन्य अभियानों और प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में बमबारी की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई।
प्रदर्शन का मुख्य घटनाक्रम
सिएटल में आयोजित इस रैली में वक्ताओं ने अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे बलूचिस्तान में जारी कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद करें। वक्ताओं ने दावा किया कि अमेरिकी करदाताओं के धन से पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तानी सेना को समर्थन पहुँचा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सरकार से माँग की कि पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी सहायता को मानवाधिकारों के सम्मान की अनिवार्य शर्त से जोड़ा जाए और पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों की समग्र समीक्षा की जाए।
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधन
इससे पूर्व जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 63वें सत्र में BNM के सदस्यों ने बलूचिस्तान की स्थिति पर गंभीर चिंताएँ प्रस्तुत कीं। इस सत्र में सुराब, जेहरी और चिल्टन में पाकिस्तानी सेना के कथित हवाई हमलों, तथा बलूच महिलाओं एवं बच्चियों की दुर्दशा का विशेष उल्लेख किया गया।
गौरतलब है कि यह UNHRC सत्र ऐसे समय में हुआ जब बलूचिस्तान में सुरक्षा की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा बढ़ रही है।
महराह बलोच और बलूच महिलाओं की स्थिति
BNM सदस्य महराह बलोच ने UNHRC परिषद का ध्यान बलूच महिलाओं एवं बच्चियों की स्थिति की ओर दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन जारी है, जिसमें कथित जबरन गायब करना, मनमानी हिरासत, यातना, न्यायेतर हत्याएँ और शांतिपूर्ण राजनीतिक अभिव्यक्ति पर रोक शामिल है।
महराह ने कहा कि बलूच महिलाओं ने न्याय और जवाबदेही की माँग को लेकर चल रहे आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई है, परंतु परिजनों के जबरन गायब होने और हत्या की घटनाओं का भावनात्मक, सामाजिक व आर्थिक बोझ उन पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने UNHRC से बलूचिस्तान की स्वतंत्र निगरानी, पारदर्शी जाँच और मानवाधिकार उल्लंघनों को दर्ज करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
सुराब हवाई हमले का दावा
UNHRC सत्र में BNM सदस्य अहमद बलोच ने बलूचिस्तान में नागरिकों पर कथित हवाई हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि 12 सितंबर 2026 को सुराब में पाकिस्तानी सेना के एक कथित हवाई हमले में छह नागरिकों की मौत हुई, जिनमें एक महिला और एक दो वर्षीय बच्चा भी शामिल था। उनके अनुसार इस हमले में नौ अन्य लोग घायल हुए, जिनमें अधिकतर छोटे बच्चे थे।
उल्लेखनीय है कि इन दावों पर पाकिस्तान सरकार या उसके सुरक्षा बलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
BNM के अंतरराष्ट्रीय अभियान — सिएटल प्रदर्शन और जिनेवा में UNHRC संबोधन — से स्पष्ट है कि संगठन बलूचिस्तान के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर उठाने की रणनीति अपना रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी-पाकिस्तान संबंधों में मानवाधिकार शर्तों को लेकर दबाव बढ़ने पर आने वाले महीनों में इस मुद्दे को और व्यापक कूटनीतिक ध्यान मिल सकता है।