सुराब एयरस्ट्राइक पर नीदरलैंड में बलूचों का प्रदर्शन, पाकिस्तान से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने 21 अगस्त 2026 को नीदरलैंड में एक बड़ी रैली निकालकर पाकिस्तानी वायु सेना द्वारा बलूचिस्तान के सुराब जिले में किए गए कथित हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। इन हमलों में कथित तौर पर महिलाओं और बच्चों समेत 30 से अधिक आम नागरिक मारे गए थे। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष जाँच की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
यह हमला कथित तौर पर 12 अगस्त की सुबह हुआ, जब पाकिस्तानी वायु सेना ने सुराब के गिदार इलाके में रिहायशी क्षेत्रों पर बमबारी की। BNM कार्यकर्ताओं ने इस हमले को एक गंभीर 'मानवीय त्रासदी' करार देते हुए कहा कि बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बलूचिस्तान में नागरिकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की बहाली की माँग भी उठाई।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
BNM ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से आग्रह किया कि वे सुराब हमले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करें। प्रदर्शनकारियों ने डच नागरिक समाज, राजनीतिक नेताओं और यूरोपीय देशों से भी अपील की कि वे बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर आवाज़ उठाएँ और प्रभावित परिवारों के पक्ष में खड़े हों।
ट्रंप को पत्र और अमेरिकी हथियारों पर सवाल
बलूच अमेरिकन कांग्रेस के अध्यक्ष तारा चंद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर इस हमले का संज्ञान लेने और तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है। पत्र में चंद ने लिखा, 'हम सम्मानपूर्वक आपके प्रशासन से आग्रह करते हैं कि वह इन गंभीर आरोपों की जाँच करे और यह पता लगाए कि क्या इस कथित ऑपरेशन में अमेरिका में बने किसी विमान, हथियार, ड्रोन, टेक्नोलॉजी, पुर्जों या अन्य सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था।'
पत्र में यह भी माँग की गई कि अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान को सप्लाई किए गए अमेरिकी रक्षा उपकरणों के 'एंड-यूज' और नियमों के पालन की उचित समीक्षा करे। पत्र में उल्लेख किया गया, 'बलूच बच्चे की जान भी दुनिया के किसी भी बच्चे की जान जितनी ही कीमती है — हम आपके प्रशासन से सच्चाई का पता लगाने, नागरिकों की सुरक्षा करने और जवाबदेही तय करने के लिए कह रहे हैं।'
बलूचिस्तान में बढ़ता तनाव
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बलूच राष्ट्रवादी समूहों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि यूरोप में बलूच प्रवासी समुदाय पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज़ तेज़ करता रहा है। BNM ने स्पष्ट किया कि वह नीदरलैंड और अन्य यूरोपीय देशों में जागरूकता अभियान जारी रखेगा।
आगे क्या
BNM ने संकेत दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के समक्ष औपचारिक रूप से दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए तैयार है। बलूच अमेरिकन कांग्रेस ने भी अमेरिकी अधिकारियों से मिलने की इच्छा जताई है। पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।