31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेपीएससी पेपर लीक पर भाजपा का राहुल गांधी से सवाल: झारखंड के युवाओं की आवाज़ क्यों नहीं उठाते?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेपीएससी पेपर लीक पर भाजपा का राहुल गांधी से सवाल: झारखंड के युवाओं की आवाज़ क्यों नहीं उठाते?

सारांश

भाजपा ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है — झारखंड के जेपीएससी पेपर लीक और जेएसएससी घोटाले पर चुप्पी क्यों? केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से लेकर कई सांसदों ने एक सुर में 'दोहरे मानदंड' का आरोप लगाया, जबकि झारखंड में हज़ारों छात्र पाँच दिनों से बारिश में धरने पर बैठे हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने 31 जुलाई को राहुल गांधी पर झारखंड के जेपीएससी पेपर लीक पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ के अनुसार झारखंड में हज़ारों युवा पाँच दिनों से बारिश में धरने पर हैं और सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं।
भाजपा ने झारखंड में जेपीएससी पेपर लीक और जेएसएससी भर्ती घोटाले को कांग्रेस-समर्थित सरकार की विफलता बताया।
'एंटी-पेपर लीक' विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है; भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा राहुल गांधी ने कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं रखा।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने आरोप लगाया कि नीट पर 10-12 घंटे की चर्चा के बाद भी राहुल गांधी ने सदन में 'बोलने न दिए जाने' का झूठा दावा किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने 31 जुलाई को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा कि वे झारखंड में जेपीएससी पेपर लीक और अन्य भर्ती घोटालों पर चुप क्यों हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी अन्य राज्यों में छात्र आंदोलनों का समर्थन करते हैं, लेकिन कांग्रेस-समर्थित झारखंड सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों पर मौन साधे हुए हैं।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा, 'झारखंड के युवा और छात्र विपक्ष के नेता से पूछ रहे हैं कि वह झारखंड के लिए आवाज़ क्यों नहीं उठा रहे। क्या झारखंड हमारे देश का हिस्सा नहीं है? यह दोहरा रवैया क्यों?' उन्होंने यह भी कहा कि जब 'इंडिया' गठबंधन या कांग्रेस-समर्थित राज्यों में पेपर लीक होते हैं, तो पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती।

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने आरोप लगाया कि झारखंड में हज़ारों युवा पिछले पाँच दिनों से बारिश में धरने पर बैठे हैं और सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'झारखंड सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है और मुख्यमंत्री खुद शिक्षा विभाग संभाल रहे हैं।' सेठ ने राहुल गांधी को 'बेईमान' कहते हुए माँग की कि यदि वे गंभीर हैं, तो मुख्यमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की माँग करें।

संसद में विवाद और एंटी-पेपर लीक विधेयक

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन की कार्यवाही बाधित की और नीट परीक्षा पर 10-12 घंटे की चर्चा के बाद भी यह झूठा दावा किया कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा।

'एंटी-पेपर लीक' विधेयक पर भाजपा सांसद दर्शन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और कहा कि एनडीए और अन्य दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने 'दोहरा रवैया' अपनाया। भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राहुल गांधी ने इस पर कोई संशोधन प्रस्ताव तक नहीं रखा।

भाजपा नेताओं के अन्य बयान

भाजपा सांसद सतीश पूनिया ने कांग्रेस को 'भारतीय राजनीति की एक केस स्टडी' बताते हुए कहा कि पार्टी ने दशकों तक नेहरू-गांधी परिवार के नेतृत्व में देश पर शासन किया, लेकिन अंततः जनता ने उसे 'कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कामरूप तक' नकार दिया।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी सदन में रुकावट डालते हैं और फिर 'गायब' हो जाते हैं। भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने दावा किया कि आज का युवा, विशेषकर 'जेन-जी', प्रधानमंत्री मोदी की 'दूरदर्शी और मज़बूत नेतृत्व' के साथ खड़ा है।

झारखंड के घोटालों का संदर्भ

भाजपा नेताओं ने झारखंड में जेपीएससी पेपर लीक, जेएसएससी भर्ती घोटाला और अन्य मामलों का उल्लेख किया। गौरतलब है कि झारखंड में वर्तमान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व में सरकार है, जिसे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पूरे देश में पेपर लीक के मामले राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन चुके हैं।

आगे क्या होगा

'एंटी-पेपर लीक' विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब इसके क्रियान्वयन पर नज़र रहेगी। झारखंड में छात्रों का धरना जारी है और सीबीआई जाँच की माँग को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कथानक पर नियंत्रण की कोशिश है। असली सवाल यह है कि झारखंड के छात्रों की माँगें — सीबीआई जाँच और जवाबदेही — किसी एक पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से पूरी होंगी। विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाना वैध है, लेकिन सत्ता पक्ष को यह भी बताना होगा कि केंद्र ने झारखंड में जाँच के लिए अब तक क्या कदम उठाए। पेपर लीक का मुद्दा दलगत राजनीति से ऊपर है — इसे केवल प्रतिपक्ष पर हमले का औज़ार बनाना उन लाखों छात्रों के साथ अन्याय होगा जो वर्षों की मेहनत के बाद न्याय की प्रतीक्षा में हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी पेपर लीक विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और जेएसएससी से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं, जिसके विरोध में हज़ारों छात्र पाँच दिनों से धरने पर बैठे हैं और सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है क्योंकि झारखंड में कांग्रेस-समर्थित सरकार है।
भाजपा ने राहुल गांधी को क्यों निशाना बनाया?
भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी अन्य राज्यों में छात्र आंदोलनों में शामिल होते हैं, लेकिन कांग्रेस-समर्थित झारखंड सरकार के कार्यकाल में हुए पेपर लीक पर चुप हैं। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इसे 'दोहरा रवैया' कहा।
एंटी-पेपर लीक विधेयक क्या है और यह कब पारित हुआ?
यह विधेयक परीक्षा में धाँधली और पेपर लीक को रोकने के लिए लाया गया है और संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। भाजपा सांसदों ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की उपलब्धि बताया।
झारखंड में छात्र किस बात की माँग कर रहे हैं?
झारखंड के हज़ारों छात्र जेपीएससी पेपर लीक और जेएसएससी भर्ती घोटाले में सीबीआई जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ के अनुसार ये छात्र पाँच दिनों से बारिश में धरने पर बैठे हैं।
क्या राहुल गांधी ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार राहुल गांधी ने जेपीएससी पेपर लीक मामले पर अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने यह भी कहा कि उन्होंने 'एंटी-पेपर लीक' विधेयक पर कोई संशोधन प्रस्ताव भी नहीं रखा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले