11 अगस्त 2026
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झारखंड छात्र आंदोलन पर एनडीए का संसद मार्च, अमित शाह के समर्थन में सांसदों ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

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झारखंड छात्र आंदोलन पर एनडीए का संसद मार्च, अमित शाह के समर्थन में सांसदों ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

सारांश

झारखंड में छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर एनडीए सांसदों ने संसद के मकर द्वार तक मार्च निकाला — अमित शाह के समर्थन में और राहुल गांधी से जवाबदेही माँगते हुए। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस झारखंड में सत्ता में भागीदार होते हुए भी छात्रों को न्याय दिलाने से मुँह मोड़ रही है।

मुख्य बातें

एनडीए सांसदों ने 11 अगस्त को नई दिल्ली में संसद के मकर द्वार की ओर मार्च निकाला।
मार्च का मकसद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन में एकजुटता दिखाना और झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी से जवाब माँगना था।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को 'झूठ की दुकान' कहा और आरोप लगाया कि गृह मंत्री चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा।
भाजपा सांसद अशोक मित्तल के अनुसार रांची में विधानसभा परिसर के भीतर छात्रों पर आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज किया गया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर 'गोलपोस्ट बदलने' का आरोप लगाया, कहा — सदन का कामकाज सबसे ज़्यादा इसी प्रवृत्ति से प्रभावित हुआ।

एनडीए सांसदों ने मंगलवार, 11 अगस्त को नई दिल्ली में संसद के मकर द्वार की ओर मार्च निकाला — केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन में और झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जवाब माँगने के लिए। सांसदों का आरोप है कि विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है जबकि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

मार्च की पृष्ठभूमि

झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की खबरें सामने आने के बाद संसद में हंगामा बढ़ गया। एनडीए सांसदों का कहना है कि झारखंड में कांग्रेस सरकार में भागीदार है, इसलिए वहाँ हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही सीधे विपक्ष पर बनती है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही व्यवधानों की चपेट में है।

भाजपा सांसदों के बयान

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, 'हम सब हर चर्चा के लिए तैयार हैं, उसके बाद भी राहुल गांधी चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। हर बार सदन की कार्यवाही को रोक रहे हैं, इसलिए हम लोग उनके खिलाफ मार्च कर रहे हैं।'

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि झारखंड के युवाओं के साथ अत्याचार हो रहा है और न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा, 'गृह मंत्री जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठे बयान दे रहे हैं।' ठाकुर ने कांग्रेस को 'झूठ की दुकान' करार देते हुए कहा कि पार्टी छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करती है।

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने रांची में पुलिस के लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाया।

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि राहुल गांधी यह भूल रहे हैं कि उनकी पार्टी झारखंड में सरकार में भागीदार है और छात्र बयानों से नहीं, कार्रवाई से संतुष्ट होंगे।

भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि छात्रों के साथ हिंसा हुई, उन्हें पीटा गया और विधानसभा परिसर के अंदर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने इसे 'बेहद निंदनीय' और 'शर्मनाक' बताया।

एनडीए के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर 'गोलपोस्ट बदलने' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बार-बार अपनी माँगें बदलता रहता है, जिससे सदन का कामकाज सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है।

भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने राहुल गांधी पर 'दोहरे चरित्र' का आरोप लगाते हुए उनसे आग्रह किया कि वे छात्रों के साथ आएं और उन्हें न्याय दिलाएं।

विपक्ष का पक्ष और आगे की राह

गौरतलब है कि विपक्ष की ओर से इस मार्च पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। झारखंड में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सदन में इस पर चर्चा हो पाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी की काट के लिए सांसद सदन से बाहर मार्च निकाल रहे हैं। झारखंड के छात्रों की माँगें वैध हैं और उन पर सदन के भीतर बहस होनी चाहिए — लेकिन दोनों पक्षों की बयानबाज़ी इस असली मुद्दे को राजनीतिक शोर में दबा रही है। जब तक छात्र आंदोलन पर ठोस संसदीय चर्चा नहीं होती, यह मार्च एक प्रतीकात्मक कदम से अधिक नहीं रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए सांसदों ने संसद में मार्च क्यों निकाला?
एनडीए सांसदों ने 11 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन में और झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर राहुल गांधी से जवाबदेही माँगने के लिए संसद के मकर द्वार की ओर मार्च किया। भाजपा सांसदों का आरोप है कि विपक्ष सदन में चर्चा होने नहीं दे रहा।
झारखंड में छात्रों पर क्या हुआ?
भाजपा सांसदों के अनुसार झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। सांसद अशोक मित्तल ने दावा किया कि विधानसभा परिसर के भीतर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
भाजपा कांग्रेस को इस मुद्दे पर जिम्मेदार क्यों ठहरा रही है?
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज और अन्य नेताओं का तर्क है कि कांग्रेस झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, इसलिए वहाँ पुलिस की कार्रवाई की जवाबदेही सीधे उस पर बनती है। उनका कहना है कि दिल्ली में विरोध करना और राज्य में चुप रहना दोहरा रवैया है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बार-बार अपनी माँगें बदलता रहता है। उन्होंने इसे 'गोलपोस्ट बदलने' की प्रवृत्ति बताया और कहा कि इससे सदन के कामकाज को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है।
इस विवाद का संसद सत्र पर क्या असर पड़ा?
झारखंड छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा मानसून सत्र में एक बड़े व्यवधान का कारण बना। भाजपा सांसदों के अनुसार सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और गृह मंत्री चर्चा के लिए तैयार होने के बावजूद बहस नहीं हो सकी।
राष्ट्र प्रेस
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