25 सितंबर 2026
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CEC ज्ञानेश कुमार को हटाओ, SIR रोको: पिनाराई विजयन की एक्स पर माँग, INDIA ब्लॉक नया नोटिस लाएगा

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CEC ज्ञानेश कुमार को हटाओ, SIR रोको: पिनाराई विजयन की एक्स पर माँग, INDIA ब्लॉक नया नोटिस लाएगा

सारांश

केरल विपक्ष नेता पिनाराई विजयन ने एक्स पर CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रोकने की माँग की। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बाद INDIA ब्लॉक दो सप्ताह में संशोधित नोटिस लाएगा — पहले का 73 सांसदों वाला नोटिस लंबित है, लेकिन 7 दलबदलुओं के बाद नई मुहिम ज़रूरी हो गई।

मुख्य बातें

पिनाराई विजयन ने 25 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR पर रोक लगाने की माँग की।
चुनाव आयोग के दोनों सहयोगी आयुक्तों ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि उनसे बिना सहमति के फ़ैसले लिए गए।
INDIA ब्लॉक अगले दो सप्ताह में राज्यसभा में संशोधित नोटिस देने की तैयारी में है।
पहले का नोटिस 24 अप्रैल को दिया गया था, जिस पर 73 सांसदों के हस्ताक्षर थे; अब 7 सांसद पाला बदल चुके हैं।
विजयन ने कहा कि मताधिकार को BJP और संघ परिवार के राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने 25 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर रोक लगाने और मतदाता सूची से ग़लत तरीके से हटाए गए नागरिकों के मताधिकार बहाल करने की माँग की। यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग के दोनों सहयोगी आयुक्तों ने आरोप लगाया है कि उनसे बिना परामर्श या सहमति के कई अहम फ़ैसले लिए गए।

विजयन ने एक्स पर क्या कहा

विजयन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'वोटर रजिस्ट्रेशन, नाम हटाने और SIR से जुड़े फ़ैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के खुलासे चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया जाना चाहिए, SIR को रोका जाना चाहिए, ग़लत तरीके से हटाए गए लोगों के वोटिंग अधिकार बहाल किए जाने चाहिए और चुनाव आयोग की आज़ादी तथा विश्वसनीयता की रक्षा की जानी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'वोट देने का अधिकार भारत के लोगों का है। इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संघ परिवार के राजनीतिक हितों को साधने के लिए बदला या इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।'

INDIA ब्लॉक का संशोधित नोटिस अभियान

विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए राज्यसभा में नए सिरे से संशोधित नोटिस लाने की तैयारी में है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की पहल पर विपक्षी दलों ने इस पर सहमति बनाई है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अगले दो सप्ताह के भीतर यह नोटिस सौंपा जाएगा, जिसमें हालिया घटनाक्रमों और नए तथ्यों को शामिल किया जाएगा।

गौरतलब है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पहले ही चर्चा हो चुकी है। इसके बाद INDIA गठबंधन के नेताओं के हस्ताक्षर जुटाकर संशोधित नोटिस दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि नोटिस देने के लिए संसद का सत्र चलना अनिवार्य नहीं होता।

पिछला नोटिस और उसकी स्थिति

विपक्ष ने इससे पहले 24 अप्रैल को राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस दिया था। उस नोटिस पर विपक्ष के 73 सांसदों के हस्ताक्षर थे और वह अभी भी लंबित है। हालाँकि, बाद में उस नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले सात सांसद पाला बदल चुके हैं। इसी वजह से विपक्ष अब नए सिरे से समर्थन जुटाकर संशोधित नोटिस लाने की तैयारी कर रहा है।

विवाद की जड़: दो आयुक्तों की आपत्तियाँ

यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग के दोनों सहयोगी चुनाव आयुक्तों ने कथित तौर पर आरोप लगाए हैं कि मतदाता सूची से नाम हटाने और SIR से संबंधित कई निर्णय उनकी सहमति या जानकारी के बिना लिए गए। आलोचकों का कहना है कि यह स्थिति संस्था की आंतरिक संरचना और स्वायत्तता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। यह भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में से एक की विश्वसनीयता को लेकर एक व्यापक बहस को जन्म दे रहा है।

आगे क्या होगा

आने वाले दिनों में INDIA ब्लॉक के नए नोटिस और उस पर सरकार की प्रतिक्रिया राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती है। चुनाव आयोग की स्वायत्तता और SIR प्रक्रिया की वैधता पर यह बहस निकट भविष्य में और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन SIR के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता का सवाल सीधे आम नागरिक के मताधिकार से जुड़ा है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज़ राजनीतिक संघर्ष की तरह पेश कर रही है, जबकि असली मुद्दा यह है कि क्या निर्वाचन आयोग का बहु-सदस्यीय ढाँचा वास्तव में सहमति-आधारित निर्णय-प्रक्रिया पर चल रहा है। संशोधित नोटिस की सफलता INDIA ब्लॉक की एकजुटता की असली परीक्षा होगी — ख़ासकर जब पहले के नोटिस से 7 सांसद पहले ही हट चुके हैं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिनाराई विजयन ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग क्यों की?
विजयन ने यह माँग इसलिए की क्योंकि चुनाव आयोग के दोनों सहयोगी आयुक्तों ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने और SIR से जुड़े फ़ैसले उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिए गए। इस घटनाक्रम को आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल मानते हुए विजयन ने 25 सितंबर 2026 को एक्स पर अपनी माँगें सार्वजनिक कीं।
SIR क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम ग़लत तरीके से हटाए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
INDIA ब्लॉक का संशोधित नोटिस कब और कैसे आएगा?
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अगले दो सप्ताह के भीतर INDIA ब्लॉक के नेताओं के हस्ताक्षर जुटाकर राज्यसभा में संशोधित नोटिस सौंपा जाएगा। इसमें हालिया घटनाक्रमों और नए तथ्यों को शामिल किया जाएगा; नोटिस देने के लिए संसद सत्र का चलना अनिवार्य नहीं है।
पहले के नोटिस का क्या हुआ और नया नोटिस क्यों ज़रूरी है?
विपक्ष ने 24 अप्रैल को 73 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ राज्यसभा में CEC को हटाने का नोटिस दिया था, जो अभी लंबित है। लेकिन बाद में उस नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले 7 सांसद पाला बदल चुके हैं, इसलिए विपक्ष नए सिरे से समर्थन जुटाकर संशोधित नोटिस लाना ज़रूरी समझ रहा है।
इस विवाद से आम मतदाता पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि SIR प्रक्रिया में वास्तव में वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो उन्हें चुनाव में मतदान के अधिकार से वंचित होना पड़ सकता है। विजयन ने माँग की है कि ऐसे सभी नागरिकों के नाम तत्काल बहाल किए जाएँ, जिससे उनका संवैधानिक मताधिकार सुरक्षित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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