झारखंड छात्र आंदोलन: BJP का कांग्रेस पर हमला — 'राहुल गांधी वीडियो कॉल से क्यों, रांची क्यों नहीं जाते'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने 7 अगस्त 2026 को झारखंड में जारी छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। गुप्ता ने सवाल उठाया कि जब राज्य में छात्र 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी रांची जाने के बजाय वीडियो कॉल पर क्यों सीमित हैं।
मुख्य घटनाक्रम
BJP प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कहा कि झारखंड में यूपीए गठबंधन की सरकार है, फिर भी राहुल गांधी वहाँ पहुँचने की बजाय वीडियो कॉल से काम चला रहे हैं। उनके अनुसार, आंदोलनकारी छात्रों को प्रदर्शन के लिए जगह नहीं दी जा रही और उनके साथ 'बर्बरता' की जा रही है।
गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बीमारी का हवाला देते हैं, लेकिन निजी आयोजनों में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने कहा, 'यह दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है? यह एक षड्यंत्र है और ये लोग छात्रों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।'
केरल और अन्य राज्यों का संदर्भ
गुप्ता ने 6 अगस्त 2026 को तिरुवनंतपुरम में केरल सचिवालय के बाहर केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) के रैंकधारकों और युवा संगठनों द्वारा रुकी हुई भर्ती के विरोध में हुए प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तेलंगाना और केरल — जहाँ-जहाँ कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं — वहाँ छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
BJP विधायक की माँग
BJP विधायक रागिनी सिंह ने झारखंड के छात्र प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और यह स्थिति 'दिल दहला देने वाली' है। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री स्वयं आकर छात्रों से मिलें, जाँच का आश्वासन दें और कड़ी कार्रवाई करें।
रागिनी सिंह ने यह भी कहा कि सरकार जान-बूझकर बातचीत टाल रही है। उन्होंने आशंका जताई कि मुख्यमंत्री इसलिए पीछे हट रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उनके अपने विभाग के अधिकारी इस मामले में फँस सकते हैं।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र रोज़गार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर आंदोलनरत हैं। झारखंड में चल रहा यह आंदोलन राज्य सरकार की भर्ती नीतियों और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। गौरतलब है कि भूख हड़ताल का यह क्रम पिछले दो सप्ताह से जारी है और अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
क्या होगा आगे
BJP की ओर से दबाव बनाए जाने के बाद अब सभी की नज़रें झारखंड के मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि सरकार ने शीघ्र बातचीत नहीं की, तो आंदोलन के और व्यापक होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।