राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम राजनीतिक रैली — बिहार NDA नेताओं का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर बिहार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) नेताओं ने 8 अगस्त को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है, और यह कार्यक्रम छात्रहित से नहीं, बल्कि सत्ता की चाहत से प्रेरित है।
भाजपा का सीधा हमला
बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, 'राहुल गांधी उत्तर प्रदेश घूमने जा रहे हैं, जबकि छात्र झारखंड में धरने पर बैठे हैं। उन्हें झारखंड के मुख्यमंत्री से कहना चाहिए कि जेपीएससी भर्ती परीक्षा को लेकर सीबीआई की जांच कराएं।'
सरावगी ने आगे कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में पेपर लीक रोकने के लिए कभी कोई कानून नहीं बनाया। उन्होंने कहा, 'एम्स से लेकर अनेक पेपर लीक हुए। यह कानून भाजपा की सरकार ने बनाया है।' उनके अनुसार, प्रयागराज का यह आयोजन छात्रों के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक यात्रा का हिस्सा है।
मंत्री राम कृपाल यादव का कटाक्ष
बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने सीधे शब्दों में कहा, 'राहुल गांधी छात्रों की रैली में नहीं जा रहे हैं। वह सत्ता पाने के लिए रैली में जा रहे हैं। उनका ध्यान इस बात पर है कि सत्ता कैसे वापस पाई जाए। कांग्रेस पार्टी खुद ही बेरोजगार हो गई है।'
यादव ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए यह आयोजन पूरी तरह कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार और मोदी सरकार दोनों छात्रों की समस्याओं का समाधान कर रही हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जा रहा है।
झारखंड आंदोलन पर चिंता
मंत्री यादव ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन गंभीर है और छात्रों में असंतोष को उजागर करता है, लेकिन राज्य सरकार इसे उचित गंभीरता से नहीं ले रही। उनके अनुसार, कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राजद के समर्थन से चल रही झारखंड सरकार को इस मुद्दे पर तत्काल कदम उठाने चाहिए, अन्यथा उसे 'गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।'
जदयू विधायक का बयान
जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने कहा कि कांग्रेस शुरू से युवाओं के विरोध में रही है। उन्होंने पंजाब में नौजवानों के आंदोलन और छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। रजक ने कहा, 'अब वे कांग्रेस का चेहरा बदलना चाहते हैं, तो उन्हें प्रायश्चित के साथ-साथ काम करना होगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि देश का युवा वर्ग कांग्रेस पर भरोसा करने की स्थिति में नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब हाल के छात्र आंदोलनों के बाद सरकार ने समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव निकट हैं, जिससे इस पूरे विवाद का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।