झारखंड छात्र आंदोलन पर BJP का हमला: सरावगी बोले — कांग्रेस और JMM को छात्रों की परवाह नहीं
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने 13 अगस्त 2026 को पटना में कहा कि झारखंड में जारी छात्र आंदोलन से कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ-जहाँ विपक्षी दलों की सरकारें हैं, वहाँ पेपर लीक की घटनाएँ बार-बार हो रही हैं — चाहे वह झारखंड हो या पंजाब — फिर भी सत्ताधारी दल छात्रों के हितों के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
कांग्रेस मंत्रियों पर सीधा निशाना
सरावगी ने कहा कि झारखंड सरकार में कांग्रेस के चार मंत्री शामिल हैं, लेकिन आंदोलनरत छात्रों से मिलने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सवाल दागते हुए कहा, 'कांग्रेस की सरकार में बराबर की भागीदारी है, फिर राहुल गांधी झारखंड सरकार पर दबाव क्यों नहीं बनाते? छात्र हित उनकी प्राथमिकता में है ही नहीं।'
पेपर लीक और कानून का सवाल
भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में अनेक पेपर लीक हुए, लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कानून नहीं बनाया गया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में पेपर लीक रोधी कानून बनाया और उसे और कठोर किया, ताकि दोषियों को शीघ्र दंड मिल सके।
संसद गतिरोध और राहुल गांधी पर टिप्पणी
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध पर सरावगी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर यह स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हो तो 24 घंटे सदन चलाया जाए। सरावगी ने राहुल गांधी को 'अराजकता और झूठ के पोस्टर बॉय' बताते हुए आरोप लगाया कि वे चर्चा में रुचि नहीं रखते और देश का समय बर्बाद कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार
बिहार छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल के विरोध में तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च के आह्वान पर सरावगी ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी लगभग एक महीने तक यूरोप में थे और अब अचानक छात्रों की याद आ गई है। सरावगी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं और बाकीपुर उपचुनाव में उनके प्रत्याशी की जमानत जब्त होना इसका प्रमाण है।
सरावगी ने तेजस्वी के परिवार पर भी हमला बोला और कहा कि उनके पिता सजायाफ्ता हैं तथा दिल्ली की एक अदालत ने कथित तौर पर यह टिप्पणी की थी कि परिवार राजनीति में आपराधिक सिंडिकेट चलाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता था।
बिहार में कानून-व्यवस्था का दावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में अपराधियों पर लगाम कसने का दावा करते हुए सरावगी ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं, अवैध संपत्तियों की जाँच हो रही है और भागते अपराधियों को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में छात्र आंदोलन राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं।