यूपी में 72 घंटे की भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, CM योगी के निर्देश पर प्रशासन अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर 2026 को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और कई जिलों में बाढ़ की गंभीर आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हाई अलर्ट पर रख दिया है। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर करीब 72 घंटे तक लगातार बारिश हुई है, जिससे अनेक क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मौजूदा स्थिति और जलभराव
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सामान्य मानसून पैटर्न से अलग और असाधारण रूप से लंबी अवधि तक बारिश होने से कई इलाकों में जलभराव हो गया है। हालाँकि अधिकांश स्थानों पर कुछ घंटों में पानी निकल जा रहा है, संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से जलनिकासी और राहत व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
नदियों के जलस्तर पर निगरानी
मंत्री ने बताया कि गंगा, घाघरा, गंडक और राप्ती सहित प्रमुख नदियों के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बचाव एवं राहत कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई अन्य राज्यों में भी बाढ़ के हालात बने हुए हैं।
सरकार की तैयारी और प्रशासनिक कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अधिकारियों को दिन-रात ड्यूटी पर रहने और जमीनी स्तर पर स्थिति की लगातार निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। जलस्तर बढ़ने की आशंका वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार स्कूल बंद किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों के साथ सतत संपर्क बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
राजनीतिक बयानबाज़ी
बाढ़ प्रबंधन पर चर्चा के बीच स्वतंत्र देव सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं और विभिन्न वर्गों के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने आपातकाल, पत्रकारों और नेताओं पर कथित पाबंदियों तथा राम मंदिर, रामसेतु, शंकराचार्य और 'हिंदू आतंकवादी' जैसे मुद्दों पर कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की। आलोचकों का कहना है कि यह राजनीतिक बयानबाज़ी आपदा प्रबंधन की तात्कालिक जरूरत से ध्यान भटकाती है।
आगे क्या होगा
जलशक्ति मंत्रालय के अनुसार, आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन की सतर्कता बरकरार रहेगी। नदियों के जलस्तर की नियमित रिपोर्टिंग जारी है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित करने की तैयारी भी रखी गई है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मानसून के आखिरी चरण में इस तरह की असाधारण बारिश किसान समुदाय और शहरी इलाकों दोनों को प्रभावित कर सकती है।