झारखंड छात्र आंदोलन 19वें दिन जारी: राहुल गांधी से रांची आने की मांग, 100+ छात्र घायल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरुद्ध रांची में चल रहा छात्र सत्याग्रह मंगलवार, 11 अगस्त को अपने 19वें दिन भी अटूट रहा। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के उपयोग के बाद 100 से अधिक छात्र घायल हो गए, फिर भी प्रदर्शनकारी देर रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पुनः एकत्रित हो गए।
राहुल गांधी को रांची बुलाने की माँग
आंदोलनकारियों ने अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सीधे रांची आने की माँग तेज कर दी है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के रवींद्र पासवान ने कहा, 'राहुल गांधी रांची आकर देखें कि न्याय मांग रहे छात्रों के साथ उनकी पार्टी के समर्थन से चल रही सरकार क्या सलूक कर रही है।'
आंदोलनकारी रोहित कुमार सिंह ने अपनी पीठ पर लाठी के निशान दिखाते हुए कहा, 'राहुल गांधी खुद आकर देखें कि विधानसभा के पास लाइट बुझाने के बाद छात्रों को किस तरह पीटा गया। यहां तक कि लड़कियों पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठी बरसाई।' छात्रों ने यह भी रेखांकित किया कि गांधी ने सोमवार को स्वयं पुलिस बल के उपयोग की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की बात कही थी — अब उनसे आंदोलन स्थल पर आकर छात्रों की बात सुनने की अपेक्षा है।
मुख्य माँगें और आंदोलन की पृष्ठभूमि
आंदोलनकारी मुख्य रूप से दो माँगों पर अड़े हैं: जेएसएससी-सीजीएल विवादित परीक्षा को रद्द करना और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच कराना। रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जाँच की माँग को लेकर है।
गौरतलब है कि सोमवार को हजारों छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकलकर विधानसभा तक पहुँच गए थे। प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड पार किए, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
राजनीतिक टकराव और सरकार का रुख
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। वहीं झारखंड राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की कई माँगों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और बातचीत के ज़रिए समाधान का रास्ता खुला हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है, जिससे आंदोलन ने एक पेचीदा राजनीतिक आयाम ले लिया है।
आगे क्या
छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि जब तक सीबीआई जाँच की आधिकारिक घोषणा नहीं होती और विवादित परीक्षा रद्द नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। राहुल गांधी की संभावित रांची यात्रा और भाजपा के राज्यव्यापी बंद के मद्देनजर आने वाले दिनों में राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।