सबरीमाला तीर्थयात्रा सीजन 2026: केरल में व्यापक सुरक्षा नेटवर्क, वर्चुअल क्यू और CCTV से होगी निगरानी
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने नवंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू होने वाले दो महीने लंबे सबरीमाला तीर्थयात्रा सीजन के लिए व्यापक पुलिस और सुरक्षा नेटवर्क तैयार करने का निर्णय लिया है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 25 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 नवंबर से पहले सभी इंतज़ाम पूरे कर लिए जाएं। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा इस वर्ष की विशेष प्राथमिकताएँ होंगी।
वर्चुअल क्यू और अंतरराज्यीय समन्वय
इस बार तीर्थयात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए वर्चुअल कतार प्रणाली (वर्चुअल क्यू सिस्टम) का व्यापक उपयोग किया जाएगा। केरल के पुलिस महानिदेशक (DGP) सीधे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के पुलिस प्रमुखों से संपर्क करेंगे ताकि पड़ोसी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को इस प्रणाली की जानकारी समय पर पहुँचे। प्रेस विज्ञप्तियों और सोशल मीडिया के ज़रिए क्षेत्रीय भाषाओं में जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, और महत्वपूर्ण स्थानों पर साइनबोर्ड तथा सार्वजनिक घोषणा प्रणाली स्थापित की जाएगी।
सन्निधानम, पंपा और नीलाक्कल में त्रिस्तरीय सुरक्षा
सन्निधानम, पंपा और नीलाक्कल — तीनों प्रमुख तीर्थ-केंद्रों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय स्थापित किया जाएगा। तीनों स्थानों पर CCTV निगरानी को मज़बूत कर पुलिस नियंत्रण कक्षों से जोड़ा जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई बल और अग्निशमन एवं बचाव बल प्रभावी रूप से तैनात रहेंगे। प्रमुख मार्गों पर अग्नि सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा और मरक्कूट्टम सहित सभी फायर हाइड्रेंट की कार्यक्षमता जाँचने के लिए मॉक टेस्ट आयोजित होंगे।
यातायात, पार्किंग और वाहन जाँच
नीलाक्कल और चाकुपालम में पार्किंग सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। चाकुपालम में मिट्टी हटाने के बाद 400 से 500 अतिरिक्त वाहनों के लिए जगह उपलब्ध होगी। मोटर वाहन विभाग के समन्वय से तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस और गति की कड़ी जाँच की जाएगी। साथ ही पुलिस तीर्थयात्रियों को पंपा नदी में कपड़े छोड़ने से सख्ती से रोकेगी।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी और कर्मचारी सत्यापन
सन्निधानम और पंपा में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी कड़ी की जाएगी। वहाँ काम करने वाले सभी कर्मचारियों को पुलिस सत्यापन से गुज़रना होगा और पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। चेन्निथला ने पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं के प्रति मैत्रीपूर्ण और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार बनाए रखने का भी स्पष्ट निर्देश दिया।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी ध्यान
सरकार इस बार तैनात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के कल्याण को भी प्राथमिकता देगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ आवास और पीने का पानी मुहैया कराया जाए और 1 नवंबर तक पुलिस शिविरों व शौचालयों की मरम्मत पूर्ण हो। बैठक में देवस्वम मंत्री के. मुरलीधरन, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मिन्हाज आलम, राज्य पुलिस प्रमुख रवाद आजाद चंद्रशेखर, सबरीमाला के मुख्य पुलिस समन्वयक पी. विजयन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी तैयारियाँ सीज़न के शुरू होने से पहले पूरी की जाएंगी।