कुलसेकरपट्टिनम मुथाराम्मन मंदिर में दशहरा उत्सव शुरू, 1,000 पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में स्थित कुलसेकरपट्टिनम के मुथाराम्मन मंदिर में 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) को पारंपरिक ध्वजारोहण के साथ दशहरा उत्सव का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए छह जिलों से 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। त्योहार की मुख्य रस्म 'सूरसमहारम' 20 अक्टूबर 2026 की रात को आयोजित की जाएगी।
उत्सव का शुभारंभ और मुख्य कार्यक्रम
मंदिर प्रांगण में ध्वजारोहण के साथ दशहरा उत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। यह त्योहार अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के लिए दक्षिण तमिलनाडु में विशेष महत्व रखता है। उत्सव का सबसे प्रतीक्षित आयोजन 'सूरसमहारम' की रस्म है, जो 20 अक्टूबर की रात मंदिर परिसर में संपन्न होगी।
सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ढाँचा
सुरक्षा की कमान थूथुकुडी के पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद के हाथों में है। उनके नेतृत्व में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एक सहायक पुलिस अधीक्षक, पाँच पुलिस उपाधीक्षक और 32 इंस्पेक्टर व सब-इंस्पेक्टर की टीम तैनात है। ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए मदुरै, रामनाथपुरम, विरुधुनगर, शिवगंगा, कन्याकुमारी और थूथुकुडी जिलों से कुल 1,000 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, 50 सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी भक्तों और आम लोगों के बीच घुलमिलकर निगरानी कर रहे हैं। यह व्यवस्था भीड़ में किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए खुफिया निगरानी को मज़बूत करने का हिस्सा है।
तकनीकी निगरानी के उपाय
मंदिर के भीतर और आसपास की रणनीतिक जगहों पर लगभग 80 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करेंगे। पुलिस इन कैमरों की फुटेज की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस की चेतावनी और प्राथमिकताएँ
जिला पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले लोगों पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न जिलों से यहाँ पहुँचते हैं।
आगे का कार्यक्रम
ध्वजारोहण के साथ दशहरा उत्सव की शुरुआत हो चुकी है और अब सभी की नज़रें 20 अक्टूबर की रात होने वाली 'सूरसमहारम' की भव्य रस्म पर टिकी हैं। पुलिस विभाग ने संकेत दिया है कि जैसे-जैसे मुख्य आयोजन नज़दीक आएगा, सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।