कुलसेकरपट्टिनम सूरसमहारम 2026: मुथरम्मन मंदिर में 3,700 पुलिसकर्मी तैनात, ड्रोन-AI कैमरों से निगरानी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के तटीय कस्बे कुलसेकरपट्टिनम स्थित मुथरम्मन मंदिर में दशहरा उत्सव के सबसे भव्य आयोजन 'सूरसमहारम' के लिए 3,700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 20 अक्टूबर 2026 को लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
उत्सव की पृष्ठभूमि और भक्तों का जनसैलाब
इस वर्ष का त्योहार 11 अक्टूबर 2026 को पारंपरिक ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ था। तब से थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और आसपास के जिलों से श्रद्धालु इस तीर्थस्थल की ओर निरंतर आ रहे हैं। इनमें से अनेक भक्तों ने उपवास और कठिन धार्मिक अनुष्ठानों का पालन किया है और वे विशेष वेशभूषा धारण किए हुए हैं। तिरुचेंदुर के निकट स्थित यह तटीय कस्बा दशहरे के मुख्य दिनों में असंख्य श्रद्धालुओं का केंद्र बन जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था का ढाँचा
एसपी शिवप्रसाद ने बताया कि संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख चार पुलिस अधीक्षक करेंगे। उनके सहयोग के लिए 14 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और 47 उप पुलिस अधीक्षक भी तैनात किए गए हैं। यह विशेष तैनाती सोमवार से मंगलवार तक, यानी उत्सव के सर्वाधिक भीड़-भाड़ वाले दिनों के लिए की गई है। अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है, जबकि सिविल ड्रेस में भी अधिकारी मेले में मौजूद रहेंगे।
श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दस वॉचटावर और लगभग 50 पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। पूरे उत्सव क्षेत्र में 300 से अधिक फिक्स्ड सीसीटीवी कैमरे और सात मोबाइल सर्विलांस कैमरा वाहन लगाए गए हैं।
तकनीकी निगरानी: ड्रोन, ANPR और फेशियल रिकग्निशन
इस बार सुरक्षा तंत्र में उन्नत तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है। तीन मुख्य प्रवेश सड़कों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं, जो वाहनों के पंजीकरण नंबर की स्वचालित पहचान करेंगे और संदिग्ध वाहनों पर नज़र रखने में पुलिस की सहायता करेंगे।
वायु निगरानी के लिए पाँच ड्रोन कैमरों का संचालन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भीड़ में संदिग्धों की पहचान के लिए पाँच फेशियल रिकग्निशन कैमरे तैनात किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इस प्रणाली में 1,000 से अधिक अपराधियों की तस्वीरें अपलोड की गई हैं। यदि डेटाबेस में दर्ज कोई व्यक्ति कैमरे की रेंज में आता है, तो पुलिस को तुरंत अलर्ट मिलेगा और उचित कार्रवाई की जा सकेगी।
कुलसेकरपट्टिनम पुलिस स्टेशन में एक केंद्रीय मॉनिटरिंग स्क्रीन स्थापित की गई है, जहाँ से पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे सभी कैमरों की फीड पर नज़र रखेंगे।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
इतने बड़े सुरक्षा बंदोबस्त का सीधा असर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगमता पर पड़ेगा। ANPR कैमरों के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन अधिक व्यवस्थित रहने की उम्मीद है। पुलिस सहायता केंद्रों से भटके हुए तीर्थयात्रियों, बुज़ुर्गों और बच्चों को तत्काल मदद मिल सकेगी। गौरतलब है कि इस उत्सव में हर वर्ष दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनती है।
आगे क्या
उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण समारोह मंगलवार रात को आयोजित होगा, जब भीड़ अपने चरम पर पहुँचने की संभावना है। व्यापक तैनाती और बहुस्तरीय तकनीकी निगरानी नेटवर्क इस निर्णायक रात में मुख्य भूमिका निभाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि सूरसमहारम उत्सव सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।