नवरात्रि 2026: सूरत के डुमास रीजन में 10+ विशेष पुलिस टीमें तैनात, AI कैमरे और शी-टीम से होगी निगरानी
सारांश
मुख्य बातें
सूरत पुलिस ने नवरात्रि 2026 के दौरान डुमास रीजन में आयोजित बड़े गरबा महोत्सवों के लिए व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है, जिसमें 10 से अधिक विशेष पुलिस टीमें, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरे और महिला-केंद्रित 'शी-टीम' को मैदान में उतारा गया है। 15 अक्टूबर 2026 को डीसीपी (जोन-7) शेफाली बरवाल (IPS) ने बताया कि डुमास क्षेत्र के तीन प्रमुख कमर्शियल गरबा ग्राउंड और दो डोम में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
डीसीपी शेफाली बरवाल के अनुसार, तैनात टीमें क्रॉस पेट्रोलिंग, पैदल गश्त और बाइक पेट्रोलिंग के ज़रिये पूरे क्षेत्र पर नज़र रख रही हैं। इसके अतिरिक्त, संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सरप्राइज़ चेकिंग टीमें भी अलग से तैनात की गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है — डोम के भीतर तैनात दल परिसर की शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार हैं, जबकि बाहरी टीमें यातायात प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और असामाजिक तत्वों पर नज़र रखने का काम करती हैं।
महिला व बाल सुरक्षा के विशेष प्रबंध
इस वर्ष महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'मोबाइल हेल्प डेस्क' की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत दो महिला पुलिसकर्मियों की एक टीम बाइक से निरंतर गश्त करती है। यदि भीड़ में कोई बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ जाता है या किसी महिला अथवा बच्चे को आपातकालीन सहायता की ज़रूरत होती है, तो यह दल तत्काल मौके पर पहुँचकर मदद करता है।
सूरत पुलिस की शी-टीम भी इस बार विशेष भूमिका निभा रही है। महिला पुलिसकर्मी पारंपरिक परिधानों में गरबा पंडालों के भीतर मौजूद रहकर लोगों की गतिविधियों पर नज़र रखती हैं। यह टीम विशेष रूप से महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले व्यक्तियों और मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो बनाने वालों पर कड़ी नज़र रखती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाती है।
AI तकनीक और निगरानी तंत्र
इस वर्ष भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग उल्लेखनीय कदम है। डुमास रीजन के प्रमुख गरबा ग्राउंड और डोम में विशेष AI कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फुटेज सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुँचती है।
इन कैमरों में 'फुट काउंट' तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्रति घंटे डोम में प्रवेश करने वाले लोगों की सटीक संख्या का आकलन किया जा सकता है। यह डेटा पुलिस को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में सहायक है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में गरबा आयोजनों के दौरान भगदड़ और छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर सुरक्षा चिंताएँ बढ़ती रही हैं।
आम जनता पर असर
गरबा उत्सव में शामिल होने वाले नागरिकों के लिए इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था एक राहत की बात है। डुमास रीजन के तीन कमर्शियल गरबा ग्राउंड और दो डोम में AI निगरानी, मोबाइल हेल्प डेस्क और शी-टीम की उपस्थिति से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
नवरात्रि उत्सव के शेष दिनों में भी पुलिस की यह व्यापक सुरक्षा योजना जारी रहेगी। देर रात तक चलने वाले गरबा आयोजनों को ध्यान में रखते हुए भीतरी और बाहरी सुरक्षा का यह दोहरा ढाँचा बनाए रखा जाएगा। सूरत पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दल पूरी तरह तैयार है।