वडोदरा गरबा 2026: 'शी टीम' की सुरक्षा छत्रछाया में महिला उद्यमियों का कारोबार फला-फूला
सारांश
मुख्य बातें
नवरात्रि पर्व के दौरान वडोदरा के गरबा मैदानों में इस बार सुरक्षा की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। गुजरात पुलिस की विशेष 'शी टीम' की सक्रिय उपस्थिति ने महिला उद्यमियों और आगंतुकों को रात के 3-4 बजे तक निर्भय होकर काम करने और उत्सव का आनंद लेने का भरोसा दिया है। देर रात तक चलने वाले इन आयोजनों में स्टॉल संचालित करने वाली महिला कारोबारियों ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
महिला उद्यमियों का बढ़ा हौसला
वडोदरा के गरबा पंडालों के आसपास सैकड़ों महिला उद्यमियों ने विभिन्न स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉल संचालिकाओं का कहना है कि 'शी टीम' की मौजूदगी और जगह-जगह पुलिसकर्मियों की गश्त ने उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया है।
एक स्टॉल संचालिका ने कहा, 'इस उत्सव के दौरान हमें हर रोज रात के 3-4 बज जाते हैं। हमें बिल्कुल सुरक्षित महसूस होता है। थोड़ी-थोड़ी दूर पर पुलिसकर्मी घूमते रहते हैं। 'शी टीम' भी यहाँ उपस्थित रहती है। जब रात में हमें घर लौटना होता है, उस समय भी हम लोग सुरक्षित महसूस करते हैं।'
'शी टीम' की भूमिका और पुलिस की रणनीति
डीसीपी मंजिता वंजारा ने बताया, 'वडोदरा शहर में काफी उत्साह है, क्योंकि यहाँ नवरात्रि बहुत लोकप्रिय है और अलग-अलग पंडालों में जश्न का आयोजन किया जाता है। पुलिस, कार्यक्रम आयोजकों और सुरक्षा टीमों के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी भी यहाँ का दौरा और निरीक्षण कर रहे हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि गरबा कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब महिलाएँ घर लौटती हैं, उस दौरान 'शी टीम' रूट पर भी गश्त करती है। किसी भी सूचना पर कंट्रोल रूम की टीमें, क्विक रिस्पॉन्स टीम और डायल 112 की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचती हैं।
महिलाओं ने जताई राहत और संतोष
गरबा समारोह में भाग लेने आई एक महिला ने कहा, 'सरकार ने 'शी टीम' बनाकर एक अच्छी पहल की है। जब हम महिलाएँ गरबा कार्यक्रम से बाहर निकलती हैं तो बाहर भी सुरक्षित महसूस करती हैं।'
एक अन्य महिला ने कहा कि वडोदरा एक सुरक्षित शहर है, जहाँ रात में भी लोग गरबा का आनंद ले पा रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन और सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल में न केवल उत्सव का आनंद मिल रहा है, बल्कि महिलाएँ खरीदारी भी निश्चिंत होकर कर पा रही हैं।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि नवरात्रि गुजरात के सबसे बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है और वडोदरा में इसके आयोजन विशेष रूप से भव्य होते हैं। देर रात तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षित भागीदारी सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में जागरूकता बढ़ी है। 'शी टीम' जैसी विशेष इकाइयाँ महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर आत्मविश्वास के साथ उपस्थित रहने में सहायक सिद्ध हो रही हैं और महिला उद्यमिता को भी बल दे रही हैं।
क्या होगा आगे
नवरात्रि के शेष दिनों में भी वडोदरा पुलिस की 'शी टीम' और अन्य सुरक्षा दल पूरी तत्परता के साथ तैनात रहेंगे। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि उत्सव के अंतिम दिन तक सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं आएगी, जिससे महिला उद्यमियों और श्रद्धालुओं को निर्बाध रूप से पर्व का लाभ मिलता रहेगा।