13 अक्टूबर 2026
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वडोदरा नवरात्रि 2026: गरबा पंडालों में पारंपरिक पोशाक में तैनात शी टीम, डीसीपी मंजीता वंजारा की निगरानी

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वडोदरा नवरात्रि 2026: गरबा पंडालों में पारंपरिक पोशाक में तैनात शी टीम, डीसीपी मंजीता वंजारा की निगरानी

सारांश

नवरात्रि 2026 में वडोदरा पुलिस की शी टीम का अनूठा अभियान — महिला अधिकारी पारंपरिक गरबा पोशाक में पंडालों के भीतर तैनात, ताकि बिना उपस्थिति जाहिर किए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। डीसीपी मंजीता वंजारा की अगुवाई में यह पहल महिलाओं में विश्वास जगा रही है।

मुख्य बातें

वडोदरा पुलिस की शी टीम ने नवरात्रि 2026 में गरबा पंडालों पर पारंपरिक कपड़ों में महिला अधिकारी तैनात किए हैं।
डीसीपी मंजीता वंजारा और पुलिस इंस्पेक्टर सीएच असुंद्रा इस सुरक्षा अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
महिला दस्ते ट्रैफिक , पेट्रोलिंग और सीसीटीवी मॉनिटरिंग में भी सक्रिय हैं; हेल्प डेस्क भी स्थापित।
संदिग्ध व्यक्तियों को तुरंत पुलिस स्टेशन सौंपकर कार्रवाई की जा रही है।
महिला श्रद्धालुओं ने शी टीम की उपस्थिति से सुरक्षित महसूस करने की बात कही।

वडोदरा पुलिस की शी टीम ने नवरात्रि 2026 के दौरान वडोदरा के प्रमुख गरबा स्थलों पर महिला अधिकारियों को पारंपरिक कपड़ों में तैनात किया है, ताकि महिलाओं और लड़कियों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाया जा सके। डीसीपी मंजीता वंजारा और पुलिस इंस्पेक्टर सीएच असुंद्रा इस सुरक्षा अभियान की समग्र निगरानी कर रहे हैं।

तैनाती का तरीका और रणनीति

डीसीपी मंजीता वंजारा ने बताया कि वडोदरा पुलिस की संपूर्ण महिला टीम को अलग-अलग पुलिस स्टेशन और जोन के अनुसार विभाजित किया गया है। बड़े गरबा स्थलों पर महिला अधिकारी पारंपरिक पोशाक में आम महिलाओं के बीच घुलमिलकर रहती हैं, ताकि संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस की उपस्थिति का अहसास न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी लोग गरबा के माहौल को दूषित करने की कोशिश करते हैं, उन्हें तुरंत पुलिस स्टेशन सौंपकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।

इसके अलावा, महिला दस्ते के सदस्य ट्रैफिक ड्यूटी, पेट्रोलिंग और सीसीटीवी मॉनिटरिंग में भी सक्रिय हैं। आयोजन-प्रबंधन के साथ समन्वय कर हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है, जहाँ महिलाएँ सीधे शिकायत दर्ज कर सकती हैं।

महिलाओं की प्रतिक्रिया

गरबा कार्यक्रम में पहुँची एक महिला ने कहा, 'शी टीम की मौजूदगी से हम बहुत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनकी वजह से हम बिना किसी चिंता के गरबा खेल सकते हैं।' सिमरन गुप्ता नामक महिला ने शी टीम की विशेष सराहना करते हुए कहा कि आधी रात को भी इतनी बेहतरीन सुरक्षा मिलना उल्लेखनीय है। उन्होंने जोड़ा, 'वो अपना घर-परिवार छोड़कर हमारी सुरक्षा के लिए यहाँ खड़ी हैं।'

एक अन्य महिला ने बताया कि पंडाल में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उपस्थित हैं, और शी टीम की उपस्थिति ने सभी के मन में भरोसे का माहौल बनाया है। संदेह होने पर टीम तुरंत जाँच करती है, जो श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देती है।

पुलिस का संदेश

पुलिस इंस्पेक्टर सीएच असुंद्रा ने महिलाओं और लड़कियों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएँ और सतर्क रहें। उन्होंने कहा, 'पुलिस हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करें, हम हमेशा आपके साथ हैं। शी टीम गरबा यूनिफॉर्म में भी है और भीड़ के अंदर भी निगरानी रख रही है।' असुंद्रा ने यह भी रेखांकित किया कि नवरात्रि दुर्गा शक्ति का पर्व है और इस दौरान सतर्कता सर्वोपरि है।

महिला पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य परंपरागत पोशाक में भीड़ के भीतर रहकर ऐसे किसी भी व्यक्ति पर नज़र रखना है जो किसी महिला को परेशान करने की कोशिश करे।

आम जनता पर असर

यह पहल नवरात्रि जैसे बड़े सार्वजनिक उत्सवों में महिला सुरक्षा की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम के रूप में देखी जा रही है। पारंपरिक कपड़ों में तैनाती की रणनीति सुरक्षा को अदृश्य और प्रभावशाली दोनों बनाती है — संदिग्धों को सतर्क किए बिना। आगे इस मॉडल को गुजरात के अन्य शहरों में भी अपनाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा दर्शन को दर्शाती है: दृश्य पुलिस बल की जगह व्यवहार-आधारित निगरानी। सवाल यह है कि क्या हेल्प डेस्क और सीसीटीवी के आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँगे, जिससे इस मॉडल की वास्तविक प्रभावशीलता का मूल्यांकन हो सके। नवरात्रि जैसे बड़े उत्सवों में महिला उत्पीड़न की घटनाएँ हर साल सामने आती हैं; यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो गुजरात के अन्य शहरों और देश भर के त्योहारी आयोजनों के लिए यह एक प्रतिकृति योग्य मॉडल बन सकता है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वडोदरा की शी टीम क्या है और यह नवरात्रि में क्या करती है?
शी टीम वडोदरा पुलिस की विशेष महिला अधिकारियों की इकाई है, जो महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए काम करती है। नवरात्रि 2026 में यह टीम गरबा पंडालों में पारंपरिक पोशाक पहनकर तैनात है, ताकि बिना उपस्थिति उजागर किए संदिग्धों पर नज़र रखी जा सके।
वडोदरा गरबा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या इंतज़ाम हैं?
वडोदरा पुलिस ने पारंपरिक पोशाक में महिला अधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ हेल्प डेस्क, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, ट्रैफिक ड्यूटी और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की है। डीसीपी मंजीता वंजारा की देखरेख में पूरे दल को अलग-अलग जोन में बाँटा गया है।
गरबा पंडाल में कोई परेशानी होने पर क्या करें?
पुलिस इंस्पेक्टर सीएच असुंद्रा ने महिलाओं से अनुरोध किया है कि वे पुलिस हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करें और किसी के बहकावे में न आएँ। हेल्प डेस्क पर सीधे जाकर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
डीसीपी मंजीता वंजारा इस अभियान को कैसे संचालित कर रही हैं?
डीसीपी मंजीता वंजारा ने महिला दल को अलग-अलग पुलिस स्टेशन और जोन के अनुसार विभाजित किया है। वे सीसीटीवी निगरानी, हेल्प डेस्क संचालन और आयोजन-प्रबंधन के साथ समन्वय की समग्र जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
पारंपरिक पोशाक में तैनाती की रणनीति क्यों अपनाई गई?
महिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पारंपरिक पोशाक में रहने से संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस की उपस्थिति का अहसास नहीं होता, जिससे उन पर अधिक प्रभावी निगरानी रखी जा सकती है। यह रणनीति त्योहारी भीड़ में छिपे उत्पीड़कों को पकड़ने में अधिक कारगर मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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