24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गरबा पंडालों में छेड़छाड़-अश्लीलता पर वीएचपी सूरत का निर्देश: कानून हाथ में न लें, प्रशासन को बताएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गरबा पंडालों में छेड़छाड़-अश्लीलता पर वीएचपी सूरत का निर्देश: कानून हाथ में न लें, प्रशासन को बताएं

सारांश

नवरात्रि से ठीक पहले वीएचपी सूरत ने गरबा पंडालों के लिए दिशानिर्देश जारी किए — परिचय पत्र जांच, हिंदू कर्मचारी, और छेड़छाड़ होने पर सीधे प्रशासन को बताने की अपील। कार्यकर्ताओं को साफ कहा गया: कानून हाथ में न लें।

मुख्य बातें

वीएचपी सूरत अध्यक्ष अनिल रूंगटा ने 24 सितंबर 2026 को नवरात्रि गरबा पंडालों के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
पंडाल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का परिचय पत्र जांचने और हिंदू कर्मचारी रखने की अपील की गई।
छेड़छाड़, अश्लीलता या आपत्तिजनक फोटोग्राफी की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करने का निर्देश।
कार्यकर्ताओं को स्पष्ट रूप से कहा गया कि कानून हाथ में न लें ; विरोध भी कानूनी मर्यादा में होगा।
BJP विधायक उषा ठाकुर के डेमोग्राफिक्स वाले बयान को रूंगटा ने उनका व्यक्तिगत बयान बताते हुए वीएचपी का रुख अलग रखा।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सूरत अध्यक्ष अनिल रूंगटा ने 24 सितंबर 2026 को नवरात्रि गरबा पंडालों के लिए आयोजकों और कार्यकर्ताओं हेतु विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए, जिनमें किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करने और कानून हाथ में न लेने पर विशेष बल दिया गया। रूंगटा ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि हिंदुओं का पवित्र पर्व है और वीएचपी चाहती है कि यह उत्सव बिना किसी व्यवधान के धूमधाम से मनाया जाए।

मुख्य दिशानिर्देश

रूंगटा ने आयोजकों से अपील की कि गरबा पंडाल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिचय पत्र की जांच की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पंडालों में तैनात बाउंसर, कार्यकर्ता, कलाकार, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर सभी हिंदू हों। वीएचपी की ओर से यह भी अपील की गई कि गरबा में आने वाले लोग माथे पर तिलक लगाकर आएं।

छेड़छाड़-अश्लीलता पर प्रशासन से संपर्क करें

रूंगटा ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि यदि पंडाल में किसी तरह की छेड़छाड़, अश्लीलता या आपत्तिजनक फोटोग्राफी अथवा वीडियोग्राफी की घटना सामने आए, तो तुरंत प्रशासन से संपर्क किया जाए। उन्होंने कहा, 'किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में न लें — कानूनी प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई हो।' यह निर्देश इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले वर्षों में कुछ स्थानों पर गरबा स्थलों पर स्वयंभू निगरानी दलों द्वारा कार्रवाई की घटनाएं सामने आई थीं।

दिशानिर्देश न मानने पर वीएचपी का रुख

जब रूंगटा से पूछा गया कि यदि आयोजक इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते तो वीएचपी क्या करेगी, उन्होंने कहा कि संगठन इसका पूरी तरह विरोध करेगा, लेकिन यह विरोध भी कानून की मर्यादा में रहते हुए होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वीएचपी हर कदम पर प्रशासन के साथ समन्वय से काम करेगी।

उषा ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक उषा ठाकुर ने कथित तौर पर दावा किया था कि नवरात्रि गरबा आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लड़कियां गैर-हिंदू पुरुषों के साथ जा रही हैं और इससे जनसांख्यिकीय संरचना (डेमोग्राफिक्स) में बदलाव हो रहा है। इस पर रूंगटा ने कहा कि यह ठाकुर का व्यक्तिगत बयान है और इस पर वही स्पष्ट कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वीएचपी का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी परिस्थितियां पैदा ही न हों।

आगे की कार्रवाई

रूंगटा के अनुसार, इन दिशानिर्देशों को लागू कराने के लिए वीएचपी प्रशासन के सहयोग से आयोजकों के साथ बातचीत करेगी। गरबा उत्सव कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है, और इस मद्देनज़र यह दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सूरत का प्रशासन इन अपीलों के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह मज़बूत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रवेश-परीक्षण जैसे दिशानिर्देश व्यवहार में उसी दिशा की ओर इशारा करते हैं — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीएचपी सूरत ने गरबा पंडालों के लिए क्या दिशानिर्देश जारी किए हैं?
वीएचपी सूरत अध्यक्ष अनिल रूंगटा ने 24 सितंबर 2026 को नवरात्रि गरबा पंडालों के लिए निर्देश जारी किए, जिनमें प्रवेशकर्ताओं का परिचय पत्र जांचना, हिंदू कर्मचारी तैनात करना और किसी भी अप्रिय घटना की तुरंत प्रशासन को सूचना देना शामिल है। कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से कहा गया कि वे कानून अपने हाथ में न लें।
वीएचपी ने कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में न लेने का निर्देश क्यों दिया?
रूंगटा ने स्पष्ट किया कि किसी भी समस्या की स्थिति में प्रशासन को सूचित करना चाहिए और कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। वीएचपी का रुख है कि विरोध भी कानून की मर्यादा में रहते हुए किया जाएगा।
क्या गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना कानूनी है?
वीएचपी की अपील यह है कि आयोजक गरबा पंडालों में 'विधर्मियों' को प्रवेश न दें। हालांकि यह एक संवेदनशील और विवादास्पद मांग है जो सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक अधिकारों के संदर्भ में बहस का विषय रही है। इस पर प्रशासन का अंतिम निर्णय निर्धारक होगा।
BJP विधायक उषा ठाकुर के बयान पर वीएचपी का क्या रुख है?
वीएचपी सूरत अध्यक्ष रूंगटा ने कहा कि मध्य प्रदेश की BJP विधायक उषा ठाकुर का डेमोग्राफिक्स परिवर्तन वाला बयान उनका व्यक्तिगत बयान है और उस पर वही स्पष्टीकरण दे सकती हैं। वीएचपी का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी परिस्थितियां पैदा ही न हों।
यदि आयोजक वीएचपी के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते तो क्या होगा?
रूंगटा के अनुसार, यदि आयोजक इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते तो विश्व हिंदू परिषद पूरी तरह विरोध करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध भी कानून की मर्यादा में रहते हुए और प्रशासन के सहयोग से किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 12 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले