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क्या इंदौर में विहिप ने मीट की दुकानों पर रोक और गैर-हिंदुओं के गरबा पांडालों में प्रवेश पर पाबंदी की मांग की?

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क्या इंदौर में विहिप ने मीट की दुकानों पर रोक और गैर-हिंदुओं के गरबा पांडालों में प्रवेश पर पाबंदी की मांग की?

सारांश

इंदौर में नवरात्रि के दौरान विहिप द्वारा गरबा पांडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी की मांग ने राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। संतोष शर्मा ने मीट दुकानों पर रोक और लव जिहाद के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। क्या यह कदम समाज में सांस्कृतिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा?

मुख्य बातें

गरबा पांडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग।
नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानों पर प्रतिबंध।
लव जिहाद के मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता।
धार्मिक आयोजनों में अनुशासन का पालन।
संस्कृति और समाज की सुरक्षा का महत्व।

इंदौर, 18 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। जहां एक ओर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता सक्रिय हो चुके हैं, वहीं विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने गरबा पांडालों में ‘विधर्मियों’ के प्रवेश को लेकर एक सख्त रुख अपनाया है।

विहिप के प्रांत प्रशासनिक प्रमुख संतोष शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि हिंदू संगठन किसी भी परिस्थिति में गैर-हिंदुओं को गरबा पांडालों में प्रवेश नहीं करने देंगे। उनका कहना है कि नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व का कुछ लोग गलत उद्देश्य के लिए उपयोग कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संतोष शर्मा ने कहा कि हाल के वर्षों में लव जिहाद की घटनाएं बढ़ी हैं। कुछ लोग नाम बदलकर गरबा पांडालों में प्रवेश करते हैं और हिंदू युवतियों से नजदीकी बनाकर धर्मांतरण जैसे गंभीर मामलों को अंजाम देते हैं। इसे रोकने के लिए विहिप ने गरबा आयोजकों से सख्ती बरतने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि आयोजन सनातन परंपराओं के अनुरूप ही होना चाहिए और इसमें अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि नवरात्रि के नौ दिनों तक शहर में मीट और मांस की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इससे श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के मां दुर्गा की आराधना कर सकेंगे। शहर में कुछ लोग लव जिहाद के लिए फंडिंग कर रहे हैं। यह सिर्फ एक धार्मिक मामला नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का विषय है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे लोगों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने गरबा आयोजन समितियों को चेतावनी दी कि वे सनातन धर्म की मर्यादा का पालन करें, क्योंकि यह पर्व शास्त्र और परंपराओं पर आधारित है, न कि दिखावे या आधुनिकता पर।

नवरात्रि से पहले विहिप की इस चेतावनी ने इंदौर में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है। शहर में पहले से ही गरबा आयोजनों को लेकर उत्साह चरम पर है, लेकिन इस बयान के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम सभी धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करें। विहिप की अपील का उद्देश्य है समाज में शांति और सुरक्षा को बनाए रखना। इस मुद्दे पर सभी पक्षों को एक साथ आकर विचार करना चाहिए ताकि सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विहिप ने गरबा पांडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर क्यों रोक लगाई?
विहिप का मानना है कि कुछ लोग गलत मंशा से गरबा पांडालों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे धार्मिक भावनाएँ आहत हो सकती हैं।
क्या नवरात्रि के दौरान मीट दुकानों पर रोक लगाई जाएगी?
विहिप ने नवरात्रि के नौ दिनों तक मीट और मांस की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
लव जिहाद के खिलाफ विहिप की क्या मांग है?
विहिप ने लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए गरबा आयोजकों से सख्ती बरतने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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