अदाणी फाउंडेशन की ‘शौर्यपथ’ पहल: युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती की तैयारी
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
- सशस्त्र बलों में भर्ती की तैयारी
- निःशुल्क 90-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण
- शारीरिक और मानसिक विकास
- स्थानीय समुदाय का समर्थन
हजारीबाग, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग जिले के गोंदुलपारा में अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित खनन परियोजना के अंतर्गत कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के तहत ‘शौर्यपथ’ पहल के माध्यम से युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए तैयार किया जा रहा है।
इस पहल के तहत परियोजना से प्रभावित गांवों के 24 चयनित युवा रेजिडेंशियल बेल्ट फोर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने हेतु राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, अहमदाबाद पहुंचे हैं। गोंदुलपारा के अतिरिक्त मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के तमना, पुरुंगा, धिरौली एवं लमाटोला गांवों के युवाओं को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
सशस्त्र बलों में शामिल होने की इच्छा रखने वाले इन अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण के माध्यम से अपने लक्ष्य की दिशा में पहला संगठित कदम बढ़ाया है। यह निःशुल्क 90-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रक्षा सेवाओं, अर्धसैनिक बलों और निजी सुरक्षा क्षेत्र में अवसरों के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें शारीरिक दक्षता, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा, निजी सुरक्षा से संबंधित सर्टिफिकेशन और बेसिक साइबर सिक्योरिटी की भी ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे बदलती सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप सक्षम बन सकें।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है। उनका कहना है कि इससे न केवल युवाओं को रोजगार के नए रास्ते मिलेंगे, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होगी।
अदाणी फाउंडेशन द्वारा गोंदुलपारा परियोजना क्षेत्र में पहले से ही मोबाइल हेल्थ यूनिट, छात्रवृत्ति कार्यक्रम, कोचिंग कक्षाएं, महिला स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, पेयजल सुविधा और सामुदायिक आधारभूत संरचना विकास जैसे कई कार्य किए जा रहे हैं। ‘शौर्यपथ’ पहल को सामाजिक विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को नई संभावनाओं की ओर अग्रसर होने का अवसर मिलेगा।