कार्तिगई दीपम 2026: तिरुवन्नमलाई में 50 लाख श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी, 750 CCTV और शटल सेवा तैनात
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के तिरुवन्नमलाई में 12 से 28 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले कार्तिगई दीपम उत्सव के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, परिवहन और नागरिक सुविधाओं की बहुस्तरीय तैयारी शुरू कर दी है। अरुणाचलेश्वर मंदिर में इस बार 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद जताई जा रही है, जो उत्सव को राज्य के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शुमार करता है।
महा दीपम: उत्सव का सबसे बड़ा क्षण
उत्सव का सर्वोच्च पर्व महा दीपम 24 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस एक दिन में ही अनुमानतः 45 से 50 लाख श्रद्धालुओं के तिरुवन्नमलाई पहुँचने की संभावना है। मंदिर के रथ उत्सव में भी करीब आठ लाख लोगों की भागीदारी अपेक्षित है। भीड़ की इस विशाल आमद को देखते हुए प्रशासन ने एक समन्वित रणनीति तैयार की है, जिसमें पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन और राजस्व विभाग शामिल हैं।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
शनिवार, 18 अक्टूबर 2026 को जिला कलेक्ट्रेट, तिरुवन्नमलाई में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी संयुक्त अध्यक्षता लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन और हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्त मंत्री सी. रमेश ने की। जिला कलेक्टर वंदना गर्ग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे। यह बैठक उत्सव से पाँच सप्ताह पहले की गई, जो प्रशासन की पूर्व-तैयारी की गंभीरता को दर्शाती है।
सुरक्षा व्यवस्था: हर 500 मीटर पर पुलिस टीम
महा दीपम के दिन शहर के प्रमुख मार्गों पर हर 500 मीटर की दूरी पर एक उप-निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) के नेतृत्व में छह सदस्यीय पुलिस टीम तैनात रहेगी। निगरानी के लिए अतिरिक्त वॉचटावर स्थापित किए जाएंगे और 750 CCTV कैमरों का नेटवर्क उत्सव से पहले पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा। कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित होंगे, जहाँ से चौबीसों घंटे निगरानी और आपातकालीन समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
परिवहन और नागरिक सुविधाएँ
शहर के बाहरी इलाकों में चुनिंदा स्थानों पर अस्थायी बस टर्मिनल बनाए जाएंगे, जहाँ से शटल सेवा के ज़रिए श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुँचाया जाएगा। महा दीपम के दिन शहर में वाहन प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि भीड़ प्रबंधन सुगम हो सके। गिरिवलम मार्ग सहित पूरे शहर में पेयजल नल, शौचालय और स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। गर्म सतह पर नंगे पैर चलने वाले भक्तों को राहत देने के लिए दो किलोमीटर लंबे फुटपाथ पर जूट की चटाइयाँ बिछाई जाएंगी। खोए हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें रिस्टबैंड दिए जाने का प्रस्ताव है।
स्वास्थ्य सेवा और ऑनलाइन टिकट व्यवस्था
प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे और एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। दीपक दर्शन के टिकट मंदिर प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन वितरित किए जाएंगे, जिससे उत्सव के दौरान भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। यह ऑनलाइन प्रणाली उत्सव प्रबंधन में डिजिटल माध्यम के बढ़ते उपयोग का हिस्सा है। गौरतलब है कि कार्तिगई दीपम तमिलनाडु के सबसे पुराने और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, और अरुणाचलेश्वर मंदिर की पवित्रता इसे देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 28 नवंबर तक चलने वाला यह उत्सव सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल रहे।