केरल साइबरडोम होगा और मजबूत, पुलिस तैनात करेगी स्वदेशी रोबोट 'दक्ष', 'कवच' और 'तारा'
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने बढ़ते साइबर खतरों के मद्देनज़र राज्य के साइबरडोम को और अधिक सशक्त बनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही, राज्य पुलिस ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा राहत और बचाव कार्यों में आईहब रोबोटिक्स के सहयोग से तैयार स्वदेशी रोबोटिक सिस्टम तैनात करेगी। यह घोषणा गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 9 अक्टूबर 2026 को कोच्चि में आयोजित 19वें सीओसीओएन सिक्योरिटी और हैकिंग कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में की।
सम्मेलन का संदर्भ और घोषणा
केरल पुलिस द्वारा आयोजित इस वार्षिक सम्मेलन में डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर टीवी रविचंद्रन, चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी, पुलिस महानिदेशक (DGP) रावाडा चंद्रशेखर और मनोज अब्राहम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री चेन्निथला ने कहा कि तकनीक के तेज़ विस्तार के साथ-साथ साइबर हमलों और सुरक्षा खतरों की प्रकृति भी जटिल होती जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन चुनौतियों से पार पाने के लिए सरकार, पुलिस, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी कंपनियों को एकजुट होकर काम करना होगा।
साइबर खतरों पर मंत्री की चेतावनी
चेन्निथला ने कहा, 'व्यक्तिगत डेटा की चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी से आम लोगों और संस्थाओं के लिए गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पावर प्लांट, अस्पताल और वित्तीय संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को भी उन्नत सुरक्षा कवच की आवश्यकता है। सैन्य सूचनाओं और सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य हो गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध, राजनीति और शासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग ने साइबर सुरक्षा के समक्ष नई चुनौतियाँ खड़ी की हैं। मंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि साइबर सुरक्षा उपाय कानूनी दायरे में और जवाबदेही के साथ अपनाए जाने चाहिए।
तीन स्वदेशी रोबोट: दक्ष, कवच और तारा
केरल पुलिस ने आईहब रोबोटिक्स के सहयोग से तीन विशिष्ट रोबोटिक प्रणालियाँ विकसित की हैं। 'दक्ष' को यातायात प्रबंधन के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह पुलिसकर्मियों का धूप-बारिश में सड़क पर लंबे समय तक खड़े रहने का बोझ कम करेगा। 'कवच' दुर्गम इलाकों में बचाव दलों की सहायता कर सकता है और ज़रूरी सामग्री पहुँचा सकता है, जबकि 'तारा' बहुभाषी जानकारी देने और नागरिकों की सहायता करने में सक्षम है। ये तीनों रोबोट औद्योगिक स्वचालन में भी उपयोगी बताए गए हैं।
साइबर प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान
गृह मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अधिक से अधिक पुलिस कर्मियों को साइबर सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण देगी। साथ ही, ऑनलाइन खतरों के प्रति आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाए जाएँगे। चेन्निथला ने साइबर अपराध से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को अपरिहार्य बताया।
आगे की राह
सीओसीओएन सम्मेलन को साइबर सुरक्षा विचारों और नवाचारों के साझा मंच के रूप में स्थापित होते देख, राज्य सरकार का यह कदम केरल को भारत में साइबर-स्मार्ट पुलिसिंग के अग्रणी राज्यों में शुमार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी रोबोटिक्स और उन्नत साइबरडोम का यह संयोजन राज्य की सुरक्षा क्षमता को नई ऊँचाई दे सकता है।