केरल में 'ऑपरेशन तूफान' का दूसरा चरण: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के लिए विशेष जांच टीम गठित
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने 18 सितंबर 2026 को नशे के खिलाफ अपने अभियान 'ऑपरेशन तूफान' को नई ताकत देते हुए अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जड़ें खोदने के लिए एक एंटी-नारकोटिक्स इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। साथ ही यह अभियान अब वार्ड स्तर तक विस्तारित किया जा रहा है, जो केरल के ड्रग-विरोधी प्रयासों का अब तक का सबसे व्यापक जमीनी विस्तार है।
विशेष जांच टीम की संरचना
गृह मंत्री चेन्निथला ने बताया कि एंटी-नारकोटिक्स इन्वेस्टिगेशन टीम ने काम शुरू कर दिया है। इस टीम का नेतृत्व ऑपरेशन तूफान के नोडल अधिकारी एवं नॉर्थ आईजी पुट्ट विमलादित्य करेंगे। टीम की तीन इकाइयाँ तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड में स्थापित की जाएंगी।
प्रत्येक इकाई में 10 पुलिसकर्मी होंगे — जिनमें एक डीएसपी, दो सर्किल इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। ये विशेष टीमें विशेष रूप से बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़े मामलों और केरल से बाहर व विदेशों से संचालित होने वाले ड्रग नेटवर्क पर केंद्रित रहेंगी।
अभियान का वार्ड स्तर तक विस्तार
सरकार स्थानीय स्वशासन विभाग के सहयोग से 'तूफान जन जाग्रति समितियाँ' गठित करेगी। इन समितियों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि, कुदुम्बश्री के सदस्य, आशा कार्यकर्ता, हरित कर्म सेना, युवा संगठन और अन्य सामुदायिक समूह शामिल किए जाएंगे। यह समन्वय ड्रग-विरोधी अभियान को संस्थागत ढाँचे से जोड़ने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन 28 सितंबर 2026 को मलप्पुरम के वेंगरा में इस वार्ड-स्तरीय पहल का राज्य स्तरीय शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकुट्टी करेंगे।
पुनर्वास और तकनीक पर ज़ोर
ऑपरेशन तूफान के दूसरे चरण में नशीले पदार्थों की सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के साथ-साथ नशे की माँग घटाने और पीड़ितों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। 'तूफान केयर' कार्यक्रम के अंतर्गत करीब 35 बड़े अस्पतालों ने जुड़ने की इच्छा व्यक्त की है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सहयोग से एक पुनर्वास प्रोटोकॉल भी लागू किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त एक 'तूफान ऐप' तैयार किया जा रहा है जिसके ज़रिए नशे की गिरफ्त में आए लोग सहायता माँग सकेंगे और अपनी समस्याएँ साझा कर सकेंगे। अमृता यूनिवर्सिटी का आईटी विभाग इस ऐप के लिए तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।
ड्रग नेटवर्क के वित्तपोषकों पर भी शिकंजा
गृह मंत्री चेन्निथला के अनुसार, सरकार के आकलन के मुताबिक ऑपरेशन तूफान के कारण केरल में नशीले पदार्थों की सप्लाई में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अब केवल सीधे तौर पर ड्रग्स वितरित करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी — आरोपियों को नशीले पदार्थ खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देने वाले व्यक्तियों और नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह बदलाव महत्वपूर्ण है — अब तक अधिकांश ड्रग-विरोधी अभियान आपूर्ति शृंखला के निचले स्तर के कारिंदों तक ही पहुँच पाते थे। वित्तपोषकों और सप्लाई के मूल स्रोतों को निशाना बनाने की यह रणनीति अभियान की गहराई को कई गुना बढ़ाती है।
आगे क्या होगा
वेंगरा में 28 सितंबर के शुभारंभ के बाद वार्ड-स्तरीय समितियाँ पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से सक्रिय होंगी। तूफान ऐप का बीटा संस्करण भी जल्द उपलब्ध होने की संभावना है। यह देखना अहम होगा कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामलों में केंद्रीय एजेंसियों — जैसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) — के साथ समन्वय किस हद तक प्रभावी रहता है।