केरल ड्रग माफिया पर 'ऑपरेशन तूफान': गृह मंत्री चेन्निथला ने छात्रों की सुरक्षा के लिए छेड़ी मुहिम
सारांश
मुख्य बातें
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 24 मई 2025 को राज्यव्यापी नशा-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफान – द नार्को हंट' की घोषणा की, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को जाल में फँसाने वाले ड्रग नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकना है। यह घोषणा चेन्निथला द्वारा गृह मंत्री का पदभार संभालने के तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित पहली उच्चस्तरीय बैठक में की गई। नई सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में सक्रिय नशीले पदार्थों और आपराधिक गिरोहों के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
अभियान की पृष्ठभूमि और ज़रूरत
चेन्निथला ने ड्रग माफिया को केरल के सामने खड़े सबसे गंभीर उभरते खतरों में से एक करार दिया। उनके अनुसार, मादक पदार्थों के गिरोह अब जानबूझकर युवा छात्रों और शैक्षणिक परिसरों को अपना निशाना बना रहे हैं, जिससे यह लड़ाई महज कानून-व्यवस्था का विषय नहीं रह गई, बल्कि एक व्यापक सामाजिक आवश्यकता बन गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में युवाओं के बीच नशे की लत की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं और शैक्षणिक संस्थानों के इर्द-गिर्द तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं।
अभियान के प्रमुख बिंदु
इस अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य पुलिस प्रमुख को पड़ोसी राज्यों और देश के अन्य हिस्सों में अपने समकक्षों के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि केरल के भूमिगत मादक पदार्थ बाज़ार को पोषित करने वाले अंतर-राज्यीय ड्रग कनेक्शन और आपूर्ति श्रृंखलाओं का पर्दाफाश किया जा सके।
गृह मंत्री ने जनता से भी अपील की कि वे अपने इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों और आवाजाही की सूचना पुलिस को देकर इस मुहिम में सक्रिय भागीदार बनें। यह 'समुदाय-केंद्रित पुलिसिंग' का दृष्टिकोण इस अभियान को पिछले ऐसे प्रयासों से अलग बनाता है।
पुलिस थानों के कायाकल्प की योजना
नशा-विरोधी मुहिम के साथ-साथ चेन्निथला ने केरल के 484 पुलिस स्टेशनों के व्यापक कायाकल्प की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि न्याय और सहायता की तलाश में आने वाले आम नागरिकों को पुलिस थानों से भय नहीं, बल्कि सहयोग मिलना चाहिए। इसके अलावा, राज्यभर के थाना परिसरों में जमा लावारिस और पुरानी गाड़ियों के ढेर को हटाने के लिए अधिकारियों को तत्काल कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
विशेषज्ञ और विश्लेषक क्या कहते हैं
सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह के अभियान तभी सफल होते हैं जब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएँ। आलोचकों का कहना है कि केरल में इससे पहले भी ऐसे नशा-विरोधी अभियान चलाए गए हैं, लेकिन दीर्घकालिक नतीजे सीमित रहे हैं। इस बार अभियान की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अंतर-राज्यीय समन्वय कितना प्रभावी रहता है और आपूर्ति श्रृंखला को कितनी गहराई से तोड़ा जाता है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह अभियान नई सरकार के गठन के तुरंत बाद शुरू किया गया है, जो राजनीतिक इच्छाशक्ति का संकेत देता है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 'ऑपरेशन तूफान' केवल घोषणा तक सीमित रहता है या ज़मीनी स्तर पर ठोस गिरफ्तारियाँ और नेटवर्क भंग करने के परिणाम सामने आते हैं।