केरल में 'ऑपरेशन तूफान' को मिलेगी नई ताकत: विशेष नशा-विरोधी कार्यबल का गठन, 4 राज्यों के DGP की बैठक 10 जुलाई को
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने 3 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राज्य के प्रमुख नशा-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफान' के अगले चरण के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को और धार दी जाएगी। इसके लिए राज्य पुलिस प्रमुख रावडा ए. चंद्रशेखर के नेतृत्व में एक विशेष कार्रवाई बल (Special Task Force) का गठन किया गया है, जो पूरे केरल में नशे के खिलाफ अभियानों का केंद्रीय समन्वय करेगा।
मुख्य घोषणाएँ और कार्यक्रम
पेरुम्बावूर में आयोजित 'तूफान जागरण' कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि नया कार्यबल पड़ोसी राज्यों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों के ज़रिये अंतर-राज्यीय मादक पदार्थ नेटवर्क को ध्वस्त करने का नेतृत्व करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा — इसमें सख्त कानूनी कार्रवाई, निरंतर निगरानी और पुनर्वास पहल भी शामिल होंगी।
चेन्निथला ने ऐलान किया कि पेरुम्बावूर के प्रत्येक निवासी को 'तूफान वॉरियर' नामित किया जाएगा। उन्होंने प्रवासी कामगारों से हिंदी में संवाद कर अभियान में उनका समर्थन भी हासिल किया। कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
चार राज्यों के DGP की अहम बैठक
राज्य की सीमाओं के पार सक्रिय मादक पदार्थ गिरोहों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को और पुख्ता करने के लिए 10 जुलाई को कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशकों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। यह बैठक इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि मादक पदार्थों के नेटवर्क अक्सर राज्य-सीमाओं का लाभ उठाकर कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को चकमा देते हैं।
पेरुम्बावूर: निशाने पर क्यों?
गृह मंत्री ने पेरुम्बावूर को 'एशिया की प्लाईवुड राजधानी' बताते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के माफियाओं ने शहर के समृद्ध प्रवासी कामगारों और औद्योगिक महत्व का फायदा उठाकर यहाँ तस्करी का जाल बिछाने की कोशिश की है। चेन्निथला ने कहा, 'ऑपरेशन तूफान पेरुम्बावूर की असली पहचान को बहाल करने का मिशन है। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक नशीले पदार्थों के माफिया को जड़ से उखाड़ नहीं फेंका जाता।'
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में नशीली दवाओं से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और युवाओं में मादक पदार्थों की लत एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनती जा रही है।
जन भागीदारी और स्वास्थ्य सेवाएँ
राज्य पुलिस प्रमुख चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जन भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता। गृह मंत्री ने अंगामली स्थित लिटिल फ्लावर अस्पताल की सराहना करते हुए बताया कि लगभग 35 अस्पतालों ने इस कार्यक्रम में भागीदार बनने की इच्छा व्यक्त की है, जो पुनर्वास प्रयासों को संस्थागत समर्थन देगा।
राजनीतिक समर्थन और संसदीय पहल
कांग्रेस सांसद बेनी बेहनन ने कहा कि वे संसद में NDPS अधिनियम में संशोधन की आवश्यकता का मुद्दा उठाएंगे, जबकि कांग्रेस विधायक मनोज मूठेदान ने इस पहल को पेरुम्बावूर को नशामुक्त बनाने के दृढ़ अभियान की शुरुआत बताया। इस अभियान को मिल रहा दलगत समर्थन इसे एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप देता है। आने वाले हफ्तों में चार राज्यों के बीच समन्वय और विशेष कार्यबल की सक्रियता यह तय करेगी कि 'ऑपरेशन तूफान' वास्तव में नशे के नेटवर्क की जड़ें हिला पाता है या नहीं।