31 जुलाई 2026
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नीट विरोध मामले वापस लेगी केरल सरकार: गृह मंत्री रमेश चेन्निथला का बड़ा ऐलान

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नीट विरोध मामले वापस लेगी केरल सरकार: गृह मंत्री रमेश चेन्निथला का बड़ा ऐलान

सारांश

केरल सरकार ने नीट विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सभी पुलिस मामले वापस लेने का फैसला किया है। गृह मंत्री चेन्निथला ने एसपीसी को कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए, साथ ही 'ऑपरेशन तूफान' के ज़रिए जेलों में नशे के खिलाफ अभियान और पीएम श्री योजना पर एलडीएफ को घेरा।

मुख्य बातें

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 31 जुलाई 2026 को घोषणा की कि नीट विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सभी पुलिस मामले वापस लिए जाएंगे।
राज्य पुलिस प्रमुख (एसपीसी) को इन मामलों में आगे कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और जेल विभाग ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन तूफान' शुरू किया — जेलों में नशीले पदार्थों के खिलाफ तड़के 2 बजे से छापेमारी शुरू हुई।
कोझिकोड के पेरामब्रा मामले का हवाला देते हुए ऑनलाइन डिलीवरी के ज़रिए छात्रों तक ड्रग्स पहुँचाने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई गई।
पीएम श्री योजना पर चेन्निथला ने पिछली एलडीएफ सरकार पर कैबिनेट की मंजूरी और सीपीआई को सूचित किए बिना समझौते पर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 31 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए राज्यव्यापी प्रदर्शनों से जुड़े सभी पुलिस मामले वापस लेगी। ये प्रदर्शन दिल्ली में चल रहे नीट-विरोधी आंदोलन के समर्थन में आयोजित किए गए थे।

मामले वापसी का फैसला क्यों लिया गया

चेन्निथला ने बताया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, तुषार गांधी और अन्य प्रमुख हस्तियों ने मुख्यमंत्री तथा गृह विभाग को मुकदमे वापस लेने की माँग करते हुए अभ्यावेदन सौंपे थे। इन अभ्यावेदनों पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने राज्य पुलिस प्रमुख (एसपीसी) को इन मामलों में आगे कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया।

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया, "ये सामान्य कानून-व्यवस्था के मामले हैं। इनमें कोई गंभीर हिंसा या अत्याचार नहीं हुआ। यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपनाया है, इसलिए इन मामलों को आगे बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है।"

ऑपरेशन तूफान: जेलों में नशे के खिलाफ अभियान

चेन्निथला ने यह भी घोषणा की कि पुलिस और जेल विभागों ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन तूफान' शुरू किया है — यह जेलों के भीतर नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई है। खुफिया जानकारी मिलने के बाद कि कुछ कैदी जेल परिसर में नशीली दवाओं का सेवन और तस्करी कर रहे थे, तड़के 2 बजे छापेमारी शुरू हुई और जेलों में लगातार जारी रही। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों तक ड्रग्स पहुँचाने की चिंता

ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के ज़रिए छात्रों को नशीले पदार्थ पहुँचाने की खबरों पर गहरी चिंता जताते हुए चेन्निथला ने इस प्रवृत्ति को 'बेहद गंभीर' बताया। कोझिकोड के हालिया पेरामब्रा मामले का उल्लेख करते हुए — जिसमें कथित तौर पर तीन महिला शिक्षिकाओं और एक डिलीवरी एक्जीक्यूटिव पर संदेह जताया गया है — उन्होंने डिलीवरी कर्मियों से अपील की कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी का माध्यम न बनें। उन्होंने यह भी कहा कि नशे की तस्करी को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया अभियानों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

पीएम श्री योजना विवाद पर पलटवार

पीएम श्री योजना से जुड़े विवाद पर चेन्निथला ने पिछली एलडीएफ सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अपने गठबंधन सहयोगी सीपीआई को सूचित किए बिना और कैबिनेट की मंजूरी लिए बगैर केंद्र के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार इस समझौते से एकतरफा पीछे नहीं हट सकती, क्योंकि इससे केरल को केंद्र से मिलने वाली सहायता बंद हो सकती है। इसके बजाय, सरकार पाठ्यक्रम और स्कूल चयन जैसे मुद्दों पर केंद्र से अधिक लचीलेपन की माँग करेगी।

राज्यसभा सदस्य और सीपीआई (एम) नेता जॉन ब्रिटास पर निशाना साधते हुए चेन्निथला ने सवाल किया कि जब पिछली पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल में समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, तब उन्होंने आपत्ति क्यों नहीं जताई। उन्होंने कहा कि एलडीएफ अब इस जिम्मेदारी को मौजूदा प्रशासन पर नहीं डाल सकता। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब नीट परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में राजनीतिक तापमान ऊँचा बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है — क्या सरकार कानूनी प्रक्रिया को चुनिंदा तरीके से लागू कर रही है? सर्वोच्च न्यायालय के 'सकारात्मक रुख' का हवाला देना एक कमज़ोर कानूनी आधार है, क्योंकि न्यायालय का रुख और राज्य सरकार का विवेकाधिकार दो अलग-अलग बातें हैं। 'ऑपरेशन तूफान' की घोषणा एक सकारात्मक कदम है, लेकिन जेलों में नशे की समस्या नई नहीं है — यह देखना होगा कि यह अभियान महज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहता है या ज़मीन पर बदलाव लाता है। पीएम श्री योजना पर एलडीएफ को घेरना राजनीतिक रूप से तीखा है, पर यह भी स्पष्ट है कि मौजूदा सरकार केंद्र से टकराव से बच रही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल सरकार नीट विरोध प्रदर्शन के मामले क्यों वापस ले रही है?
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के अनुसार, ये सामान्य कानून-व्यवस्था के मामले हैं जिनमें कोई गंभीर हिंसा नहीं हुई और सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपनाया है। विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन और तुषार गांधी सहित कई हस्तियों के अभ्यावेदन के बाद यह फैसला लिया गया।
राज्य पुलिस प्रमुख को क्या निर्देश दिए गए हैं?
गृह मंत्री चेन्निथला ने राज्य पुलिस प्रमुख (एसपीसी) को नीट विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में आगे कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश अभ्यावेदनों पर कार्रवाई करते हुए जारी किया गया।
'ऑपरेशन तूफान' क्या है?
'ऑपरेशन तूफान' केरल पुलिस और जेल विभाग का संयुक्त अभियान है जो जेलों के भीतर नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ शुरू किया गया है। खुफिया जानकारी मिलने के बाद तड़के 2 बजे से छापेमारी शुरू हुई और यह जारी है।
पीएम श्री योजना विवाद में केरल सरकार का क्या रुख है?
चेन्निथला ने कहा कि मौजूदा सरकार इस समझौते से एकतरफा पीछे नहीं हट सकती क्योंकि इससे केंद्र की सहायता बंद हो सकती है। सरकार पाठ्यक्रम और स्कूल चयन जैसे मुद्दों पर केंद्र से अधिक लचीलेपन की माँग करेगी।
ऑनलाइन डिलीवरी के ज़रिए छात्रों तक ड्रग्स पहुँचाने पर सरकार का क्या कहना है?
गृह मंत्री ने इस प्रवृत्ति को 'बेहद गंभीर' बताया और कोझिकोड के पेरामब्रा मामले का उल्लेख किया जिसमें कथित तौर पर तीन महिला शिक्षिकाएँ और एक डिलीवरी एक्जीक्यूटिव संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने डिलीवरी कर्मियों को चेतावनी दी कि पुलिस ऐसे नेटवर्क से सख्ती से निपटेगी।
राष्ट्र प्रेस
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