केरल में 'ऑपरेशन तूफान' का असर: 9,085 मामले, 9,795 गिरफ्तारियाँ — चेन्निथला का ड्रग्स पर कड़ा प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन तूफान' ने राज्य में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अब तक 9,085 मामले दर्ज किए हैं और 9,795 गिरफ्तारियाँ की हैं। वी.डी. सतीशन सरकार के तीन महीने पूरे होने के अवसर पर जारी आँकड़ों के अनुसार, यह अभियान केरल में नशे के बढ़ते संकट से निपटने की अब तक की सबसे बड़ी समन्वित पुलिस कार्रवाई बनकर उभरा है।
अभियान की पृष्ठभूमि
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला एक दशक के अंतराल के बाद गृह विभाग में लौटे और उन्होंने कार्यभार संभालते ही राज्य में तेज़ी से फैलती ड्रग्स की समस्या को अपनी पहली प्राथमिकता घोषित किया। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों के नशे की लत का शिकार होने के बढ़ते मामलों और जल्दी पैसा कमाने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी (कैरियर) की खबरों ने इस मुद्दे को सामाजिक बहस के केंद्र में ला दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में युवाओं के बीच मादक पदार्थों की लत एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन चुकी थी।
मुख्य घटनाक्रम और जब्ती के आँकड़े
अभियान के तहत अब तक 7,460.567 ग्राम एमडीएमए, 961.450 किलोग्राम गांजा और 4,720.909 ग्राम हशीश ऑयल जब्त किए जा चुके हैं। 17 अगस्त 2026 को शनिवार को पूरे राज्य में की गई ताज़ा कार्रवाई में 38 नए मामले दर्ज किए गए और 38 गिरफ्तारियाँ हुईं, जिनमें आरोपियों से 3.343 किलोग्राम गांजा भी बरामद किया गया।
इन मामलों में कम मात्रा में नशीले पदार्थ रखने के 10 मामले और मध्यम मात्रा से जुड़ा 1 मामला शामिल था। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत 27 और सीओटीपीए के तहत 16 मामले भी दर्ज किए गए।
रोकथाम और जागरूकता की भूमिका
'ऑपरेशन तूफान' को केवल एक पुलिसिया कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा गया — इसे एक व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में डिज़ाइन किया गया है। आँकड़ों के अनुसार, अब तक 564 काउंसलिंग सेशन आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि स्कूल और कॉलेज प्रोटेक्शन ग्रुप्स ने 6,482 जागरूकता कार्यक्रम चलाए हैं। गृह मंत्री चेन्निथला का कहना है कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सड़कों, शिक्षण संस्थानों और घरों — तीनों मोर्चों पर एक साथ लड़ी जानी चाहिए।
सरकार की प्रतिक्रिया
वी.डी. सतीशन सरकार के लिए यह अभियान तीन महीने के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। गौरतलब है कि केरल में नशे की समस्या वर्षों से राजनीतिक बहस का विषय रही है, और इस सरकार ने पहले दिन से इसे प्रशासनिक एजेंडे के शीर्ष पर रखा।
आगे की राह
अभियान के आँकड़े बढ़ते जा रहे हैं और पुलिस का कहना है कि राज्यव्यापी ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि गिरफ्तारियों और जागरूकता कार्यक्रमों के दोहरे दृष्टिकोण की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रिया कितनी प्रभावी रहती है।