केरल में ड्रग्स का प्रकोप पंजाब से भी आगे, 'ऑपरेशन तूफान' में 3,176 गिरफ्तार: चेन्निथला
सारांश
मुख्य बातें
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 23 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में राज्य विधानसभा को सूचित किया कि 'ऑपरेशन तूफान' के अंतर्गत नशीले पदार्थों के नेटवर्क के विरुद्ध अभियान में अब तक 2,954 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 3,176 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि केरल में नशीले पदार्थों का प्रसार एक चिंताजनक स्तर पर पहुँच गया है और यह प्रवृत्ति अब पंजाब से भी आगे निकलती दिख रही है।
मुख्य घटनाक्रम
गृह मंत्री चेन्निथला ने विधानसभा में कहा कि राज्य के सभी 84 पुलिस सब-डिविजनों में विशेष जाँच दल (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें) तैनात की गई हैं, ताकि नशीले पदार्थों के व्यापार पर अधिक प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों से केरल में बड़े पैमाने पर होने वाली तस्करी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि ऑपरेशन तूफान को सरकार एक व्यापक जनांदोलन का रूप देना चाहती है — केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसी उद्देश्य से प्रसिद्ध हस्तियों को 'तूफान वॉरियर्स' के रूप में इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
तूफान वॉरियर्स: सेलिब्रिटी से जनजागरण
चेन्निथला स्वयं फिल्म जगत, सामाजिक व सामुदायिक नेताओं, चर्च प्रमुखों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों से संपर्क कर रहे हैं। अब तक तूफान वॉरियर्स में सुपरस्टार मोहनलाल, दिग्गज कलाकार मधु और मशहूर फिल्म हस्ती श्रीकुमारन थम्पी सहित कई著名 नाम शामिल हो चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य पूरे राज्य में जागरूकता फैलाना और अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।
समाज के हर वर्ग तक पहुँचा नशे का जाल
चेन्निथला ने चिंता जताते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन अब समाज के किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रह गया है। उन्होंने बताया कि नशा करने वालों में लड़कियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है और कई मामले तब सामने आते हैं जब बैग की तलाशी ली जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नशे की लत को लेकर नीतिगत बहस तेज हो रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया और अपील
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार को कोई भ्रम नहीं है कि केरल एक ही दिन में नशामुक्त हो सकता है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास की अपील करते हुए कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थान, धार्मिक और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी इस लड़ाई में अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'सिर्फ एकजुट होकर लड़ने से ही इस समस्या को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।'
आगे क्या
अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों से व्यापक समर्थन मिल रहा है। 84 सब-डिविजनों में तैनात विशेष दल और सेलिब्रिटी-नेतृत्व वाली जागरूकता मुहिम मिलकर इस समस्या से दीर्घकालिक लड़ाई की नींव रखने का प्रयास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़े बिना यह अभियान अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकता।