केरल के 'ऑपरेशन तूफान' को तमिलनाडु का समर्थन, सीमा पर निगरानी होगी सख्त
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार, 15 जुलाई को चेन्नई में केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला से मुलाकात के बाद नशीले पदार्थों के खिलाफ केरल के तेज-तर्रार अभियान 'ऑपरेशन तूफान' में पूरा सहयोग देने का वचन दिया। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का केंद्रबिंदु केरल-तमिलनाडु सीमा पर ड्रग तस्करी की कमर तोड़ना और अंतरराज्यीय समन्वय को नई धार देना था।
बैठक में क्या तय हुआ
बातचीत के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए गृह मंत्री चेन्निथला ने बताया कि मुख्यमंत्री विजय संगठित ड्रग नेटवर्क को खत्म करने और राज्यों की सीमाओं के पार नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए केरल के साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि विजय ने केरल आकर राज्य के ड्रग-विरोधी जागरूकता अभियान में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
चेन्निथला के अनुसार, मुख्यमंत्री की इस भागीदारी से छात्रों और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में विशेष मदद मिलेगी, जो आलोचकों के मुताबिक संगठित ड्रग सिंडिकेट के सबसे आसान निशाने बनते जा रहे हैं।
ऑपरेशन तूफान: अब तक की प्रगति
केरल के ड्रग-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफान' को जनता का व्यापक समर्थन मिला है और यह एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। चेन्निथला ने बताया कि प्रवर्तन एजेंसियों ने इस अभियान के तहत अब तक की गई छापेमारी में लगभग ₹70 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल राज्य भर में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क की पहचान कर उन्हें जड़ से खत्म करने के मकसद से शुरू की गई थी।
उल्लेखनीय है कि मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल इस अभियान के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम कर रहे हैं, जो इसे जन-जागरण का व्यापक आयाम देता है।
दक्षिणी राज्यों की संयुक्त रणनीति
चेन्निथला ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुडुचेरी के पुलिस महानिदेशकों (DGP) की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नशीले पदार्थों के खिलाफ एक समन्वित कार्य योजना तैयार की गई। इस साझा रणनीति के तहत ड्रग्स की अंतरराज्यीय आवाजाही को रोकने के लिए तमिलनाडु-केरल सीमा पर सुरक्षा को और सख्त किया जाएगा।
केरल पुलिस ने खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त अभियान चलाने और प्रवर्तन के समन्वित उपायों को मज़बूत करने के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ बातचीत पहले ही शुरू कर दी है।
आम जनता और युवाओं पर असर
गृह मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ड्रग्स की समस्या किसी एक राज्य की अकेले लड़ाई नहीं है। उनके अनुसार, राज्यों के बीच सप्लाई चेन तोड़ने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए दक्षिणी राज्यों के बीच निरंतर सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने इस अभियान में राजनीतिक नेताओं, शिक्षण संस्थानों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम जनता — सभी की भागीदारी को ज़रूरी बताया।
आगे की राह
केरल और तमिलनाडु के बीच यह सहयोग समझौता दक्षिण भारत में ड्रग-विरोधी मोर्चे को एक नई दिशा दे सकता है। मुख्यमंत्री विजय की केरल यात्रा और जागरूकता अभियान में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी इस साझेदारी को प्रतीकात्मक से परे ले जाने का संकेत है। अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि सीमा पर सुरक्षा सख्ती और संयुक्त अभियान ज़मीन पर कितनी जल्दी और कितने प्रभावी ढंग से लागू होते हैं।