केरल में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह': DRI ने 24 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त किए, 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की कोचीन इकाई ने 30 मई 2026 को केरल में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत 24 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की। कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में एक साथ चलाए गए इन समन्वित अभियानों में मेथाक्वालोन, मेथाम्फेटामाइन और हशीश तेल बरामद किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
DRI के अनुसार, इस कार्रवाई में तस्करी नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े पाँच प्रमुख आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। जाँच में सामने आया कि प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी यात्री सामान, कूरियर खेप और निर्यात कार्गो — तीन अलग-अलग माध्यमों से की जा रही थी, जो तस्करों के तेज़ी से परिष्कृत होते तरीकों की ओर इशारा करता है।
गौरतलब है कि DRI की कोचीन क्षेत्रीय इकाई ने पिछले वित्तीय वर्ष में केरल में ₹70.76 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए थे और विभिन्न NDPS मामलों में 21 लोगों को गिरफ्तार किया था। ताज़ा कार्रवाई इसी क्रम में एक और बड़ा कदम है।
सरकार की प्रतिक्रिया
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केरल सरकार ने मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा सत्र के उद्घाटन पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा दिए गए नीतिगत भाषण में सरकार ने आबकारी विभाग के व्यापक पुनर्गठन की घोषणा की।
सरकार का प्रस्ताव है कि आबकारी विभाग को एक प्रौद्योगिकी-सक्षम, खुफिया-आधारित एजेंसी में बदला जाए, जो डिजिटल निगरानी उपकरणों, साइबर निगरानी प्रणालियों और विशेष प्रवर्तन क्षमताओं से लैस हो। इसका मुख्य उद्देश्य संगठित मादक पदार्थ नेटवर्क को नष्ट करना और समाज के कमज़ोर वर्गों की रक्षा करना बताया गया है।
आम जनता पर असर
आबकारी, गृह, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों को शामिल करते हुए एक राज्यव्यापी नशा-विरोधी अभियान जून 2026 में नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत के साथ आरंभ किया जाएगा। इसमें बच्चों और युवाओं को मादक पदार्थों के दुरुपयोग से बचाने पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
राज्य की नशा-विरोधी रणनीति तीन स्तंभों पर टिकी है — तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, माँग घटाने के लिए जागरूकता अभियान, और नशे की लत से पीड़ितों के लिए पुनर्वास-केंद्रित सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण।
जीरो टोलरेंस नीति
सरकार ने मादक पदार्थ माफियाओं और संगठित आपराधिक नेटवर्क के प्रति जीरो टोलरेंस नीति की घोषणा की है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब केरल में नशीली दवाओं की तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है और राज्य की भौगोलिक स्थिति — लंबी तटरेखा और सक्रिय बंदरगाह — इसे तस्करों के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बनाती है।
क्या होगा आगे
DRI की जाँच जारी है और तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। राज्य सरकार के पुनर्गठित आबकारी विभाग के ढाँचे का विवरण आने वाले हफ्तों में अपेक्षित है। जून में शुरू होने वाला बहु-विभागीय अभियान यह तय करेगा कि नीतिगत घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।