केरल विस्फोटक तस्करी मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, तीन राज्यों में 19 परिसरों पर छापे
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 31 मई 2026 को केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मलप्पुरम जिले में भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री जब्त किए जाने के मामले में की गई, जिसमें अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण, दस्तावेज़ और जिलेटिन स्टिक सहित कई अहम सामग्रियाँ ज़ब्त की गईं।
तलाशी अभियान का विस्तार
एनआईए ने आरोपियों के 19 परिसरों के साथ-साथ विस्फोटकों के डीलरों और निर्माताओं के ठिकानों पर भी छापे मारे। तीनों राज्यों में एक साथ चलाई गई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज़ एजेंसी के हाथ लगे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री की विस्तृत फोरेंसिक जांच की जाएगी।
मूल मामला: मलप्पुरम में लॉरी से मिले 89,600 जिलेटिन स्टिक
इस साल फरवरी 2026 में केरल पुलिस ने मलप्पुरम जिले के चेम्माड-थलप्पारा रोड स्थित फरहा हॉलो ब्रिक्स कंपनी के परिसर में खड़ी एक लॉरी को जब्त किया था। लॉरी में 448 बक्सों में 89,600 जिलेटिन स्टिक और 35 बक्सों में 10,500 गैर-विद्युत विस्फोटक बरामद हुए थे। यह पूरी खेप बिना किसी वैध लाइसेंस के हासिल की गई थी।
एनआईए ने मामला अपने हाथ में लिया
केरल पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद अप्रैल 2026 में एनआईए ने इस मामले को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया। यह ऐसे समय में आया है जब देश में विस्फोटकों की अवैध आपूर्ति श्रृंखला को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं। गौरतलब है कि बिना लाइसेंस के इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।
जांच की दिशा
एनआईए फिलहाल विस्फोटकों की अवैध आपूर्ति श्रृंखला और उनके संभावित उपयोग की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह सामग्री किन स्रोतों से खरीदी गई और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जाना था। जांच के नतीजे आने वाले हफ्तों में और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।