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बिहार में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: 104.9 किलो गांजा जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

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बिहार में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: 104.9 किलो गांजा जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

सारांश

डीआरआई ने बिहार में 104.9 किलो गांजा जब्त कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। लखनऊ क्षेत्रीय इकाई ने पिछले एक साल में ₹46.5 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद किए और 31 लोगों को पकड़ा। केरल में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' में भी 5 गिरफ्तारियाँ हुई हैं।

मुख्य बातें

डीआरआई ने बिहार में 104.9 किलोग्राम गांजा जब्त कर 2 आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज।
डीआरआई लखनऊ इकाई ने पिछले एक साल में बिहार से ₹46.5 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए और 31 लोगों को गिरफ्तार किया।
एक साल की जब्ती में 1,277.81 किलो गांजा , 107.5 किलो चरस , 6 किलो कोकीन और 8,012 कफ सिरप बोतलें शामिल।
'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत केरल में 24 किलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त, 5 गिरफ्तार ।

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने बिहार में 104.9 किलोग्राम गांजा जब्त करते हुए दो आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध परिवहन में सक्रिय रूप से संलिप्त थे। उन्हें मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने डीआरआई अधिकारियों के समक्ष स्वीकार किया कि वे मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा थे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह जब्ती देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध डीआरआई के चल रहे अभियान की कड़ी है।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई अकेली नहीं है — डीआरआई की लखनऊ क्षेत्रीय इकाई ने पिछले एक वर्ष में बिहार के अवैध बाज़ार से ₹46.5 करोड़ मूल्य के मादक और मनोरोगी पदार्थ जब्त किए हैं तथा 31 लोगों को गिरफ्तार किया है।

एक वर्ष में जब्त सामग्री का ब्यौरा

डीआरआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, बिहार में पिछले एक साल की कार्रवाइयों में जब्त की गई सामग्री में शामिल हैं:

107.5 किलोग्राम चरस, 1,277.81 किलोग्राम गांजा, 18.92 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक भांग, 6 किलोग्राम कोकीन, 112.8 ग्राम हेरोइन और अवैध रूप से बेची जा रही कोडीन आधारित कफ सिरप की 8,012 बोतलें। यह आँकड़ा बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी की गहरी जड़ों को उजागर करता है।

केरल में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह'

एक अलग मामले में, डीआरआई की कोचीन इकाई ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत केरल के कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में समन्वित छापेमारी में 24 किलोग्राम से अधिक मादक दवाएं और मनोरोग संबंधी पदार्थ जब्त किए। इनमें मेथाक्वालोन, मेथाम्फेटामाइन और हशीश तेल शामिल हैं।

तस्करी नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े प्रमुख गुर्गों सहित पाँच लोगों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

व्यापक संदर्भ और सरकारी रणनीति

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'नशा मुक्त भारत' अभियान को तेज़ कर रही है। डीआरआई ने समन्वित अभियानों के ज़रिए मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल संगठित गिरोहों को लगातार निशाना बनाया है। आलोचकों का कहना है कि बिहार और केरल जैसे राज्यों में तस्करी नेटवर्क की व्यापकता दर्शाती है कि केवल जब्ती अभियानों से स्थायी समाधान नहीं निकलेगा — पुनर्वास और माँग-नियंत्रण नीतियाँ भी ज़रूरी हैं।

आगे क्या होगा

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जाँचकर्ताओं के अनुसार तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की कोशिश की जा रही है। डीआरआई के अभियान के तहत आने वाले हफ्तों में और कार्रवाइयाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिछले एक साल के आँकड़े — ₹46.5 करोड़ के पदार्थ और 31 गिरफ्तारियाँ — यह भी बताते हैं कि तस्करी नेटवर्क कितना सक्रिय और व्यापक है। बार-बार की कार्रवाइयों के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं हो रही, जो माँग-नियंत्रण और पुनर्वास नीति की कमज़ोरी को रेखांकित करता है। 'नशा मुक्त भारत' का लक्ष्य तब तक अधूरा रहेगा जब तक केवल जब्ती की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर रहेगा और नेटवर्क की जड़ों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने बिहार में क्या जब्त किया और कितने लोग गिरफ्तार हुए?
डीआरआई ने बिहार में 104.9 किलोग्राम गांजा जब्त किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया है।
डीआरआई की लखनऊ इकाई ने पिछले एक साल में बिहार में क्या कार्रवाई की?
डीआरआई की लखनऊ क्षेत्रीय इकाई ने पिछले एक वर्ष में बिहार से लगभग ₹46.5 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए और 31 लोगों को गिरफ्तार किया। जब्त सामग्री में गांजा, चरस, कोकीन, हेरोइन और कोडीन-आधारित कफ सिरप शामिल हैं।
'ऑपरेशन चक्रव्यूह' क्या है और इसमें क्या हुआ?
'ऑपरेशन चक्रव्यूह' डीआरआई की कोचीन इकाई द्वारा केरल में चलाया गया समन्वित अभियान है। इसमें कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में छापेमारी कर 24 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए और तस्करी नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तारी का क्या मतलब है?
मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 भारत में नशीले पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, बिक्री और कब्ज़े पर प्रतिबंध लगाता है। इस अधिनियम के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को जब्त पदार्थ की मात्रा के आधार पर कठोर सज़ा हो सकती है।
बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी की स्थिति कितनी गंभीर है?
डीआरआई के आँकड़ों के अनुसार, बिहार एक सक्रिय तस्करी गलियारे के रूप में उभरा है — एक साल में ₹46.5 करोड़ के पदार्थ और 31 गिरफ्तारियाँ इसकी गंभीरता दर्शाती हैं। अधिकारियों के अनुसार, संगठित गिरोह इस नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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