मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पहली संयुक्त बैठक: 43 मुद्दों पर जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारी होंगे एकसाथ
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पद संभालने के बाद पहली बार 29-30 जून 2026 को चेन्नई में राज्यभर के जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ दो दिवसीय संयुक्त समीक्षा सत्र की अध्यक्षता की। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब राज्य सरकार 2026-27 के संशोधित बजट को पेश करने की तैयारी में है और प्रशासनिक प्राथमिकताएँ तय करना ज़रूरी हो गया है।
बैठक की पृष्ठभूमि और तैयारी
इस संयुक्त सत्र से एक दिन पहले, रविवार 28 जून को मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रारंभिक तैयारी बैठक की। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस सत्र को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि नीतिगत दिशा तय करने का अवसर मान रही है। गौरतलब है कि यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री विजय ने पदभार ग्रहण के बाद इतने बड़े पैमाने पर ज़मीनी अधिकारियों के साथ सीधा संवाद किया है।
कानून-व्यवस्था: मुख्य फोकस
सत्र का केंद्रीय एजेंडा कानून-व्यवस्था को मज़बूत करना है। इसके अंतर्गत ड्रग तस्करी, साइबर अपराध, अवैध खनन, अवैध शराब और तंबाकू की बिक्री, भ्रष्टाचार-मुक्त जन सेवा और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारी लंबित वारंटों के निष्पादन, आदतन अपराधियों की निगरानी, जाति-संबंधी विवादों के प्रबंधन और पोक्सो अधिनियम के तहत मामलों के त्वरित निपटारे की भी समीक्षा करेंगे।
43 प्रमुख मुद्दे: विकास से लेकर नागरिक सेवाओं तक
इस सत्र में कुल 43 अहम विषयों पर चर्चा होगी, जो प्रशासन, पुलिसिंग, कल्याण, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे से जुड़े हैं। कृषि क्षेत्र में एग्रीस्टैक किसान रजिस्ट्री, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, किसान बाजार और किसान उत्पादक संगठनों पर विचार होगा। राजस्व प्रशासन के तहत ऑनलाइन सेवाओं, पट्टा जारी करने, भूमि की पहचान और आपदा प्रबंधन की समीक्षा होगी।
सामाजिक कल्याण के मोर्चे पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के क्रियान्वयन, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, प्रवासी श्रमिकों के कल्याण और सड़क सुरक्षा पहलों पर भी विचार-विमर्श होगा। आवारा कुत्तों की समस्या और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की कार्यप्रणाली जैसे नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषय भी एजेंडे में हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और हरित ऊर्जा
स्वास्थ्य क्षेत्र में तपेदिक (TB) नियंत्रण और गैर-संचारी रोगों की जाँच को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा के मोर्चे पर उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने, रैगिंग की रोकथाम और स्कूली बुनियादी ढाँचे में सुधार पर ध्यान रहेगा। ऊर्जा के क्षेत्र में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना भी एजेंडे में शामिल है। इसके अलावा प्रशासन में तमिल भाषा को प्रोत्साहन, ई-सेवई और आधार केंद्रों की कार्यप्रणाली, MSME ऋण वितरण, पेयजल आपूर्ति, आवास योजनाएँ, असंगठित श्रमिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण, जलाशयों के पुनर्जीवन, अतिक्रमण हटाने, पर्यटन विकास और सरकार के कब्जे वाली मंदिर की ज़मीन को वापस लेने जैसे विषयों पर भी विचार होगा।
आगे की राह
यह दो दिवसीय सत्र मुख्यमंत्री विजय की प्रशासनिक शैली और नीतिगत प्राथमिकताओं का पहला व्यापक संकेत देगा। बैठक के निष्कर्ष संभवतः 2026-27 के संशोधित बजट की रूपरेखा को प्रभावित करेंगे और राज्य के विभिन्न विभागों के लिए कार्ययोजना तय करेंगे।